पीरन पंचायत के लोगों को एक वर्ष बाद भी नसीब नहीं हुए हिप्र यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के स्वास्थ्य कार्ड

शिमला जिला के विकास खण्ड मशोबरा की ग्राम पंचायत पीरन  के गांव ट्रहाई गांव के लोगों को वर्ष 2018 के दौरान चार सौ रूपये की राशि जमा करने के बावजूद  भी आज तक स्वास्थ्य स्र्माट कार्ड नसीब नहीं हो पाए  है। उल्लेखनीय है कि वर्ष  2018 के दौरान प्रदेश सरकार द्वारा आरंभ की गई  हिप्र यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के तहत पीरन पंचायत में स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाया गया जिसमें लोगों से चार सौ रूपये प्रति परिवार राशि लेकर हिप्र यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के तहत स्वास्थ्य स्र्माट कार्ड के लिए पंजीकरण किया गया था ।


गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा लोगों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के लिए हिप्र यूनिवर्सल प्रोटैक्शन स्कीम आरंभ की गई थी जिसके अन्तर्गत गत वर्ष के दौरान 29 मई 2018 को  ग्राम पंचायत पीरन में एक शिविर लगाया गया जिसमें संबधित कर्मचारियों द्वारा लोगों से चार -चार सौ रूपये की राशि स्वास्थ्य कार्ड को बनाने के लिए वसूल की गई और एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य स्र्माट कार्ड उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया गया । खेद की बात है कि इस प्रोजक्ट के कर्मचारियों द्वारा आज तक स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड उपलब्ध नहीं करवाए गए ।


पीरन पंचायत के गांव ट्रहाई निवासी प्रीतम ठाकुर, रोशन लाल, देवेन्द्र कुमार सहित अनेक लोगों ने स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड न मिलने बारे पुष्टि की है । इन्होने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनके साथ एक भददा मजाक किया गया है और उन्हें कार्ड का इंतजार करते हुए एक वर्ष से अधिक समय हो चुका है । इन्होने कहा कि गरीब लोगों को इस योजना का कोई लाभ मिला ।

प्रीतम ठाकुर ने कहा कि   हिप्र यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के स्मार्ट कार्ड का एक साल से  इंतजार करते करते लोग सरकार की नई हिम केयर योजना के तहत भी स्वास्थ्य कार्ड बनाने से वंचित रह गए है ंऔर गरीब लोगों को कर्जा उठाकर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है । उन्होने कहा कि एक वर्ष बीत जाने के उपरांत  हिप्र यूनिवर्सल प्रोटैक्शन स्कीम के स्वास्थ्य कार्ड की वैधता वैसे ही समाप्त हो जाती है । रोशन लाल का कहना है कि स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड न मिलने पर उन्हे अपनी माता के इलाज पर कर्ज लेकर हजारों की राशि व्यय करनी पड़ी।
प्रीतम ठाकुर ने बताया कि  हिप्र यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के तहत पीरन में लगाए गए शिविर के प्रभारी गोपाल शर्मा  ने उन्हें शीघ्र स्वास्थ्य कार्ड देने का आश्वासन दिया गया था ।

दूरभाष पर  गोपाल शर्मा से  जब बात की गई तो उन्होने बताया कि उनके द्वारा केवल लाभार्थी  का पंजीकरण एवं अन्य औपचारिकताऐं पूर्ण करवाई गई थी और स्वास्थ्य स्मार्ट कार्ड उपलब्ध करवाना संबधित प्रोजेक्ट  अधिकारी का दायित्व बनता था ।


प्रीतम ठाकुर ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि हिप्र यूनिवर्सल हैल्थ प्रोटैक्शन स्कीम के तहत जिन लोगों के साथ धोखा हुआ है ऐसे दोषी अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ कार्यवाही की जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्र के भोलेभाले लोगों के साथ फिर ऐसा भददा मजाक न हो । उन्होने कहा कि सरकार लोगों के कल्याण के लिए योजनाऐं बनाती है परन्तु योजनाओं के कार्यान्वयन में अधिकारियों द्वारा लापरवाही की जाती है जिस कारण गरीब लोग सरकारी योजनाओे का लाभ नहीं उठा पाते हैं ।


बीएमओ मशोबरा डाॅ0 वीना गुप्ता से जब इस बारे पूछा गया तो उन्होने इस बारे  अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्होने गत दो माह पहले बीएमओ मशोबरा का कार्यभार संभाला है

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *