हिमाचल कांग्रेस में 17 की जगह अब 13 संगठनात्मक जिले होंगे

Preneeta Sharma

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू द्वारा बनाए गए अधिक संगठनात्मक जिलों और नए बनाए ब्लाकों
पर अब पार्टी हाईकमान ने कैंची चला दी है। पार्टी हाईकमान ने अब पूर्ववत स्थिति को ही फिर से बहाल किया है। यानी अब प्रदेश में 17 की जगह 13 संगठनात्मक जिले होंगे।

इस प्रकार कांगड़ा जिले को तोड़कर बनाए गए चार जिलों के स्थान पर एक ही जिला रहेगा और मंडी को तोड़ कर बनाए गए दो जिलों के स्थान पर भी एक ही जिला रहेगा।

पूर्व अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले को तोड़कर चार संगठनात्मक जिले बनाए थे और ऐसा भाजपा की तर्ज पर किया गया था।
सुक्खू ने कांगड़ा में नूरपुरए देहराए पालमपुर और कांगड़ा नाम से नए संगठनात्मक जिले बनाए थे। वहींए मंडी में मंडी और सुंदरनगर नाम से नए जिले बनाए थे। इसी प्रकार कई ब्लाकों में नए ब्लाक भी बनाए गए थे और कुल 84 ब्लाक गठित कर दिए थे। अब उसमें भी पुरानी स्थिति बहाल
हुई है।

राज्य में कुछ विधानसभा हलकों को छोड़कर सभी हलकों में एक ही संगठनात्मक ब्लाक होता थाए लेकिन सुक्खू ने कई विधानसभा हलकों में दो.दो और कुछ में तीन.तीन संगठनात्मक ब्लाक बनाए थे।

कांग्रेस हाईकमान ने इस व्यवस्था को बदलते हुए पुरानी स्थिति को बहाल किया है। अब राज्य में 13 संगठनात्मक जिले होंगे। वैसे भी प्रदेश में 12 जिले हैं और इन सभी के नाम से ही संगठनात्मक जिले रहेंगे।

केवल शिमला जिले में शिमला शहर को जिला इकाई का दर्जा मिला हुआ है और यह व्यवस्था की दशक पुरानी है। वहींए शिमला शहर को छोड़कर शेष जिले को शिमला ग्रामीण का नाम दिया गया है। राज्य में 68 विधानसभा हलके हैं और यहां पर अब 74 संगठनात्मक ब्लाक ही होंगे।
इनमें कुछ विधानसभा हलकों में पहले से ही दो.दो ब्लाक बने हैं और उन्हें बहाल रखा गया है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप राठौर ने कहा कि प्रदेश में ज्यादा जिले और ब्लॉक बनाने का कार्यकर्ता विरोध कर रहे थे और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कई पूर्व अध्यक्षों ने भी संगठनात्मक ढांचे का पुराना स्वरूप ही बनाए रखने की मांग की थी।इस संबंध में उन नेताओं ने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष मामला उठाया था। उन्होंने
कहा कि अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने संगठन के पुराने स्वरूप को बहाल करने की स्वीकृति दे दी है। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक जिले और ब्लॉक ज्यादा होने से दिक्कत आ रही थी। उन्होंने कहा कि लाहौल.स्पीति और
किन्नौर में ब्लॉक अलग होंगे औरअब कुल 74 ब्लॉक रखे गए हैं।


राठौर ने कहा कि जल्द ही प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। उनका कहना था कि प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल के दिल्ली में न होने के कारण इस मामले पर चर्चा नहीं हो पाई है और जल्द ही उनसे चर्चा के बाद मंजूरी के लिए मामला राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के पास भेजा जाएगा।

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