चीड़ की पत्तियां बनीं रोजगार

सोलन की धरोट पंचायत की महिलाएं बनीं औरों के लिए प्रेरणा,जानिए कैसे 

जंगलों में आग की मुख्य वजह बनने वाले सूखे पत्ते अब महिलाओं के स्वरोजगार का नया साधन बनेगा। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं चीड़ की पत्तियों को एकत्रित कर उनसे आकर्षक घरेलू इस्तेमाल की वस्तुएं व सजावटी सामान तैयार कर रही हैं। सोलन जिला मुख्यालय के साथ लगती धरोट पंचायत की महिलाओं ने कुछ ऐसा ही करने की ठानी है। महिलाओं के एक समूह ने खुद अपने स्तर पर 15 दिन का प्रशिक्षण शिविर लगाकर चीड़ की पत्तियों से चपाती बॉक्स, झुम्मर, चपल, मोबाइल स्टैंड, फ्रूट टोकरी, डोर बेल, पर्स, झूला जैसी सामग्री का निर्माण किया। महिलाओं ने बताया कि जब उन्हें चीड़ की पत्तियों से इस तरह की आकर्षक वस्तुओं के निर्माण का पता चला, तो 30 के लगभग महिलाओं ने अपने स्तर पर इस प्रशिक्षण को लेने की ठानी।

जिसके बाद आज वह सभी जंगल से चीड़ की इन पत्तियों को लाकर आकर्षक वस्तुओं का निर्माण करने में सक्षम हो सकी है। पूर्व प्रधान सुनीता शर्मा, अनुराधा शर्मा, कविता, रेखा, पूजा, साधना शर्मा इस दौरान उपस्थित रहे। प्रशिक्षक अर्चना शर्मा ने बताया कि चीड़ की पत्तियों से घरेलू व सजावटी वस्तुओं के निर्माण की कला ने आज प्रदेश की सैंकड़ों महिलाओं को रोजगार देने के साथ बहुमूल्य वन संपदा को भी बचाने का काम किया है। महिलाएं स्वावलंबन की ओर अग्रसर हो रही हैं। जिससे कई परिवार आर्थिक रूप से सशक्त भी बन रहे हैं।

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