सचिवालय को मिले 154 क्लर्क, विरोध के बावजूद फिर भर्ती हुए बाहरी राज्यों के 18 बाबू

विरोध के बावजूद हिमाचल प्रदेश सचिवालय में बाहरी राज्यों के 18 बाबुओं की भर्ती की गई है। यह भर्ती हिमाचल प्रदेश स्टाफ सिलैक्शन कमीशन हमीरपुर के माध्यम से की गई है। इसमें कुल 154 क्लर्कों की भर्ती हुई, जिसमें से हिमाचल प्रदेश के 136 युवाओं तथा 18 बाहरी राज्यों के युवाओं की भर्ती हुई है। सचिवालय में बाबुओं की यह भर्ती पूर्व में तय भर्ती एवं पदोन्नति नियमों के आधार पर गई है, जिसमें बाहरी राज्यों के लिए अलग से कोटे का प्रावधान किया गया था। हालांकि लोगों के विरोध के बावजूद राज्य सरकार ने भविष्य में की जाने वाली भर्ती के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बदलाव किया है।

मंत्रिमंडल की गत 8 अगस्त को हुई बैठक में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी भर्ती के लिए नए नियमों का प्रावधान किया गया है। इस संशोधन के बाद अब तृतीय श्रेणी के पदों के लिए हिमाचल प्रदेश में स्थित स्कूलों से मैट्रिक व जमा 2 परीक्षाएं पास होना अनिवार्य बनाया गया है तथा इसी प्रकार चतुर्थ श्रेणी पदों के लिए हिमाचल प्रदेश से ही 8वीं अथवा 10वीं कक्षा पास होना अनिवार्य बनाया गया है। हालांकि ये शर्तें हिमाचल प्रदेश के मूल निवासियों पर लागू नहीं होंगी।

प्रदेश सचिवालय में बाहरी राज्यों के 18 युवाओं को नौकरी दी गई है। इसमें चंडीगढ़ से उर्मिला रानी, बिहार से सोनू कुमार, बिहार से दीपांशु, नई दिल्ली से रवि नेगी, बिहार से प्रफुल्ल कुमार, बिहार से गुलशन कुमार, झारखंड से बिश्वजीत कुमार ओझा, बिहार से पुरुषोत्तम कुमार, बिहार से गौतम प्रसाद, नई दिल्ली से अक्षाश, बिहार से त्रिपुरानी नाथ त्रिपाठी, नई दिल्ली से अंकिता राज, चंडीगढ़ से रोहताश, बिहार से रङ्क्षबद्रा कुमार, हरियाणा से गुलशन कुमार, बिहार से सुशील कुमार और हरियाणा से सोहन लाल को नियुक्ति किया गया है।

हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन के प्रधान संजीव शर्मा और महासचिव कमल किशोर शर्मा ने सचिवालय में 154 क्लर्कों की नियुक्ति पर प्रसन्नता जताई है। कर्मचारी नेताओं ने बाहरी राज्यों से की जाने वाली इस नियुक्ति का विरोध किया था, जिसके बाद भविष्य में इसके लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में बदलाव किया गया है।

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