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  • हिमाचल के डिग्री कॉलेजों के लिए 248 असिस्टेंट प्रोफ़ेसर चयनित

    हिमाचल के डिग्री कॉलेजों के लिए 248 असिस्टेंट प्रोफ़ेसर चयनित

    हिमाचल प्रदेश  के सरकारी डिग्री कालेजों को नए असिस्टेंट प्रोफेसर मिल गए हैं। बुधवार को करीब 248 सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति ये आदेश जारी किए गए हैं। ये भर्तियां लोक सेवा आयोग की ओर से अनुबंध आधार पर की गई है। इसकी सूची भी वेबसाइट पर उपलब्ध है। हिमाचल में कॉलेज एडमिशन 30 जून से शुरू हो गई। जुलाई के पहले हफ्ते से ही नियुक्ति के साथ स्टाफ भी पूरा हो जाएगा।

     

     

    वही, डिग्री कॉलेजों में खाली चल रहे प्रिंसिपल के पदों को भरने के लिए भी जुलाई के दूसरे हफ्ते में ही आदेश होने वाले हैं। करीब 75 पद प्रमोशन के जरिए भरे जा रहे हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय से इस बारे में पैनल और बाकी दस्तावेज सचिवालय भेज दिए गए थे। अब बाकी डॉक्यूमेंट चेक करने के बाद डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी की बैठक होगी। इसके बाद नए प्रिंसिपल प्रमोट हो जाएंगे। कोर्ट केस के कारण कई वर्षों से यह मामला लटका हुआ था। इन दोनों आदेशों के बाद डिग्री कॉलेजों में नए सत्र में प्रिंसिपल और सहायक प्रोफेसर के पद पर रिक्तियां नहीं रहेंगी।

  • डिग्री काॅलेज कोटी को लेकर 9 मई को किसान सभा करेगी धरना प्रदर्शन

    डिग्री काॅलेज कोटी को लेकर 9 मई को किसान सभा करेगी धरना प्रदर्शन

    शिमला 08 मई ।

    डिग्री कॉलेज कोटी  का निर्माण कार्य बीते सात वर्षों से लंबित होने पर किसान सभा द्वारा 9 मई को कोटी में सांकेतिक धरना दिया जाएगा । हिमाचल प्रदेश किसान सभा के अध्यक्ष डाॅ0 कुलदीप तंवर ने बताया कि सात सालों में डिग्री काॅलेज की केवल पलिंथ ही बन सकी है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है । अपना भवन न होने से बीते आठ वर्षों से डिग्री काॅलेज की कक्षाएं प्राथमिक पाठशाला कोटी के पुराने भवन में चल रही है । बताया कि 9 मई को सांकेतिक धरना से सरकार को सचेत करवाया जाएगा । इसके बावजूद भी यदि शिक्षा व लोक निर्माण विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तो 15 दिन बाद शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा ।
    बता दें कि गौर रहे कि इस डिग्री काॅलेज के भवन की आधारशिला पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा 17 मई 2015 को रखी गई थी । जिसके भवन के लिए उनके द्वारा पांच करोड़ की घोषणा की गई थी । 2017 में भाजपा सरकार बनने के उपरांत इस भवन का निर्माण का निर्माण कार्य अधर में लटक गया । विभागीय सूत्रों के अनुसार ठेकेदार के काम छोड़ जाने से भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका पड़ा है ।  डाॅ0 तंवर का कहना है कि नए काॅलेज भवन के नक्शा में भी साईंस ब्लाॅक का कोई प्रावधान नहीं है जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है ।
    अपना भवन न होने के कारण इस काॅलेज में आजतक साईंस की कक्षाएं आरंभ नहीं हो सकी । जबकि आर्टस और काॅमर्स के  पांच बैच इस काॅलेज से अबतक  पासआॅउट होकर निकल चुके हैं । डाॅ0 तंवर ने बताया कि  क्षेत्र के 12 पंचायतों के बच्चों को साईंस विषय पढ़ने के लिए शिमला अथवा सोलन जाना पड़ता है ।   वर्तमान में इस काॅलेज में 150 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । काॅलेज सूत्रों के अनुसार वर्तमान भवन की हालत भी काफी खस्ता हो गई है  ।
    सहायक  अभियंता लोक निर्माण विभाग जुन्गा गुरमेल चंद ने बताया कि ठेकेदार को कार्य छोड़ने पर  पेनेलटी लगाई गई है । इसके अतिरिक्त काॅलेज भवन के निर्माण के लिए रि-टैंडरिंग शीघ्र करवाई जा रही है । इस भवन के निर्माण पर साढ़े 9 करोड़ व्यय होगें ।