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  • आपदा के लिए विशेष राहत पैकेज के नाम पर केन्द्र से एक धेला नहीं मिलाः धर्माणी

    आपदा के लिए विशेष राहत पैकेज के नाम पर केन्द्र से एक धेला नहीं मिलाः धर्माणी

     

     

    बिना केन्द्रीय सहायता के राज्य सरकार ने आपदा प्रभावितों को दिया 4500 करोड़ रूपये का पैकेज

     

    शिमला। तकनीकी शिक्षा एवं नगर नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी ने आज यहां भाजपा नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में पिछले साल आई भयंकर आपदा में भाजपा का योगदान शून्य है। धर्माणी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने विशेष राहत पैकेज के नाम पर हिमाचल प्रदेश के आपदा प्रभावितों को एक धेला नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह के नेतृत्व में अपने सीमित संसाधनों से 4500 करोड़ रूपये का पैकेज प्रभावितों को प्रदान किया, जिससे उन्हें मुश्किल घड़ी में बड़ी राहत मिली।

    उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावितों को फिर से बसाने के लिए राज्य सरकार ने वर्षों से चले आ रहे राहत एवं पुनर्वास नियमों मंें बदलाव किया, क्योंकि पुराने नियमों के अनुसार मिलनी वाली मुआवजा राशि बहुत कम थी। इस मामूली राहत से किसी भी आपदा प्रभावित के लिए अपने घर का पुनः निर्माण करना संभव नहीं होता है। लेकिन वर्तमान राज्य सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मुआवजे राशि में ऐतिहासिक बढ़ौतरी कर पूरे देश के समाने एक मिसाल पेश की।

    राजेश धर्माणी ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने अपने सीमित संसाधनों से राज्य के लगभग 25,000 आपदा प्रभावित परिवारों को फिर से बसाया है। राहत पैकेज के तहत घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर मिलने वाली 1.30 लाख रूपये की सहायता राशि को 7 लाख रूपये किया गया। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने वाले मकान की मुआवजा राशि को 6000 रूपये से बढ़ाकर एक लाख रूपये किया गया। यही नहीं, गौशालों, पशुधन तथा कृषि योग्य भूमि को होने वाले नुक्सान के मुआवजे में भी ऐतिहासिक बढ़ौतरी की गई। इसके साथ ही प्रभावितों के पुनर्वास के लिए 31 मार्च, 2024 तक रसोई गैस का कुनैक्शन तथा खाने पीने की सामग्री निशुल्क प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि घरों के पुनर्निर्माण के लिए सीमेंट भी सरकारी दरों पर उपलब्ध करवाया गया।

    तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में ऐसा राहत पैकेज पहली बार दिया गया और किसी भी आपदा की स्थिति में प्रभावितों को मिलने वाला यह सबसे अधिक उदार पैकेज है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने आपदा के समय केवल मात्र राजनीति की और प्रदेश की आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने पर लाए गए विधानसभा प्रस्ताव का समर्थन न कर आपदा प्रभावितों के जख्मों पर नमक छिड़का। उन्होंने कहा कि आपदा की घड़ी में केन्द्र से विशेष राहत पैकेज प्राप्त करने में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू बार बार केन्द्रीय मंत्रियों से मिलते रहे जबकि भाजपा के तीनों सांसदों ने एक बार भी यह मुद्दा संसद तथा प्रधानमंत्री के समक्ष नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि जिनका आपदा प्रभावितों की सहायता में कोई योगदान नहीं है वे राज्य सरकार से सवाल पूछने की हकदार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता जानती है कि आपदा में कौन उनके साथ खड़ा रहा

  • एचआरटीसी की बसों में सामान को लेकर बढ़ाया गया किराया किसान और गरीब विरोधी निर्णय : धर्माणी

    एचआरटीसी की बसों में सामान को लेकर बढ़ाया गया किराया किसान और गरीब विरोधी निर्णय : धर्माणी

    जगत सिंह नेगी पर कसा तंज
    शिमला, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मोहिंद्र धर्माणी ने कहा की सरकार द्वारा एचआरटीसी की बसों में सामान को लेकर बढ़ाया गया किराया किसान और गरीब विरोधी निर्णय है।
    आज आपदा के समय में किसान और गरीब अपनी रोजी रोटी के लिए संघर्ष कर रहा है, वही सरकार के इस निर्णय ने गरीब की कमर तोड़ दी है। सरकार द्वारा कुछ महीने पहले डीजल और पेट्रोल की कीमतें बड़ाने से जहां आम आदमी महंगाई से परेशान था वही बसों में सफर करने वाला सामान्य व्यक्ति सरकार के इस निर्णय से और परेशानी में आ जाएगा।
    धर्माणी ने कहा हिमाचल पथ परिवहन निगम ने आय बढ़ाने और जनता पर बोझ बड़ाने के लिए बसों में ले जाने वाले सामान के टिकट की दरें तय की हैं। पहले 30 किलो सामान ही मुफ्त जाता था। 40 किलो का आधा टिकट और 80 किलो का पूरा टिकट बनता था। अब 30 किलो से अधिक सामान के लिए 15 किलो का एक चौथाई टिकट लेना होगा। पहले 25 किलो पर एक चौथाई टिकट लेना होता था। फुल बॉक्स के लिए आधा टिकट लगेगा। बिना यात्री हाफ बॉक्स के लिए आधा टिकट, फुल बॉक्स के लिए पूरा टिकट लगेगा। अब तक एक यात्री अपने साथ सेब का एक फुल बॉक्स मुफ्त ले जा सकता था। पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, एसिड, गन पाउडर, गुटका, पान मसाला सहित 25 अन्य सामान ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। यात्री के साथ दो लैपटॉप मुफ्त और बिना यात्री के पूरे टिकट के पैसे देने होंगे।
    उन्होंने मंत्री जगत सिंह नेगी पर तंज कसते हुए कहा की 200 करोड़ की रही सरकारी खजाने में जमा होनी है ना की उनके खाते में, शायद मंत्री जी अपने मोबाइल में पैसों के आने का एसएमएस चेक कर रहे है।
  • मुख्यमंत्री का वक्तव्य उनके गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को प्रदर्शित करता है : धर्माणी

    मुख्यमंत्री का वक्तव्य उनके गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को प्रदर्शित करता है : धर्माणी

     

    • क्या सरकार स्वास्थ्य सचिव के एक्शन का समर्थन करती है ?

     

    शिमला, भाजपा प्रवक्ता मोहिंद्र धर्माणी ने कहा की आउटसोर्स कर्मचारियों के बारे में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का वक्तव्य उनके गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को प्रदर्शित करता है और हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारो के साथ अन्याय है, धोखा है।

    जो युवा और युवतियां कोविड के दौरान अपनी जान हथेली पर रखकर मरीजों की सेवा कर रहे थे, जिन्हें आए दिन सरकार द्वारा सम्मानित किया जा रहा था। आज उन्हें नौकरी से बर्खास्त किए जाने पर मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि वह ठेकेदार के पास काम करने वाले लोग हैं, यह सरकार क्या कर रही है जनता जानना चाहती है।

     

    उन्होंने कहा कि 8 महीने पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कांग्रेस सरकार सत्ता में आई थी उस दिन से लेकर छोटे-छोटे कर्मचारियों का काम करना मुश्किल हो गया है, चाहे हम बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, जल शक्ति विभाग या अन्य विभागों की बात करें लगातार कर्मचारियों को निकालने की प्रक्रिया जारी है।

     

    उन्होंने कहा 5 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने वाली गारंटी देकर सत्ता में आई सरकार ने नौकरी तो कोई दी नहीं, परंतु सैकड़ों नौकरियां छीन ली है। भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान यह साबित करता है कि ना तो नौकरियां देने की इस सरकार को मंशा है ना नियत और ना ही कोई रोड मैप। केवल सत्ता प्राप्ति के लिए उन्होंने बेरोजगारों को ठगा है।

     

    उन्होंने कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में हजारों भर्तियां लंबित पड़ी है, उन सबको हर रोज झूठे आश्वासन देकर लटकाया जा रहा है। जब भर्ती करने वाला संस्थान ही बंद हो गया तो भर्तियां कहा से होगी।

     

    भाजपा ने कहा कि आउटसोर्स जिसे मुख्यमंत्री ठेका बोल रहे हैं उसमें 40 हजार से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत है, मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि क्या 40 हजार कर्मचारियों को वह निकालने जा रहे हैं।

     

    उन्होंने कहा जनता यह जानना चाहती है की सरकारी अधिकारी द्वारा लिया गया एक्शन ठीक है, अगर उन्होंने तीन एनएचएम के कर्मचारियों को इस प्रकार से निकला क्या सरकार उसका समर्थन करती है।

     

    भाजपा यह मांग करती है कि सरकार आउटसोर्स कर्मियों को मात्र ठेकेदारों का नौकर न समझे, सरकारी क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने वाला यह बहुत बड़ा वर्ग है। इस वर्ग के लिए सरकार को एक ठोस नीति बनानी चाहिए।

  • एचआरटीसी के रूट प्रभावित होने से जनता परेशान, सरकार राहत देने में असफल : धर्माणी

    एचआरटीसी के रूट प्रभावित होने से जनता परेशान, सरकार राहत देने में असफल : धर्माणी

     

     

    शिमला, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मोहिंद्र धर्माणी ने कहा कांग्रेस पार्टी की सरकार को राजनीति बंद कर, आम जनता को राहत पहुंचाने का कार्य करना चाहिए।

    एचआरटीसी के रूट प्रभावित होने से जनता बहुत परेशान हो रही है, सरकार को जनता को तुरंत राहत पहुंचाने का कार्य करना चाहिए।

    उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश भारी बारिश के कारण एचआरटीसी की करीब 500 बसें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में फंस गई थीं। इसके कारण प्रदेश भर में एचआरटीसी के 1500 रूट प्रभावित हो गए थे। बस रूट प्रभावित होने से जहां आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, तो वहीं एचआरटीसी को भी हर दिन लाखों रुपए का का घाटा हो रहा है। एचआरटीसी प्रबंधन से प्राप्त पिछले एक महीने में एचआरटीसी को करीब 9 करोड़ रुपए का घाटा हो गया है। वर्तमान में एचआरटीसी का कुल घाटा 1355 करोड़ से अधिक का बताया जा रहा है। एचआरटीसी को कर्मचारियों के वेतन व पेंशनरों की पेंशन के लिए सरकार से 69 करोड़ रुपए की राशि हर माह लेनी पड़ती है एचआरटीसी प्रदेश भर में कुल 3600 रूटों पर बसों का संचालन करती है, लेकिन पिछले एक महीने से सैकड़ों रूटों पर एचआरटीसी की सेवाएं बंद हैं।

    धर्माणी ने कहा कि हम मांग करते हैं कि इन सभी रूटों को जल्द से जल्द खोला जाए जिससे जनता को बड़ी राहत प्रदान होगी।

     

    उन्होंने केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा की हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार की तरफ से स्कीम फॉर स्पैशल असैसमैंट के तहत वर्ष 2023-24 के लिए 553.36 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी हुई है । यह राशि 8 अलग-अलग क्षेत्रों में विकासात्मक कार्यों पर खर्च होगी। यह राशि मैडीकल एजुकेशन, भाषा, कला एवं संस्कृति, जल शक्ति, शहरी विकास, लोकनिर्माण, तकनीकी शिक्षा, लैंड रिकॉर्ड और परिवहन क्षेत्र में विकासात्मक कार्यों पर खर्च होगी । केंद्र सरकार से इस स्कीम के तहत 830 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है, जिसकी पहली किस्त राज्य को मिल चुकी है। इससे हिमाचल प्रदेश को बड़ा फायदा होगा।

  • भाजपा सरकार के शासन में हुई गड़बड़ियों पर चार्जशीट लाएगी कांग्रेस : राजेश धर्माणी

    भाजपा सरकार के शासन में हुई गड़बड़ियों पर चार्जशीट लाएगी कांग्रेस : राजेश धर्माणी

    जयराम सरकार के कार्यकाल में हो रहे भ्रष्टाचार, प्रदेश में गिरती कानून व्यवस्था तथा नियमों का चोला पहनाकर नौकरियां देने में हो रहे भाई भतीजावाद को मुद्दा बनाकर एक चार्जशीट तैयार करेगी और इसे जल्द ही जनता की अदालत में रखा जाएगा। यह बात कांग्रेस चार्जशीट कमेटी के चेयरमैन राजेश धर्माणी ने हमीरपुर में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कही। राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन के सरकार बनने के बाद लोगों को आस थी कि प्रदेश के अरसे से लंबित पड़े मसलों को हल करने में मदद मिलेगी लेकिन हिमाचल को उनसे रत्ती भर लाभ नहीं मिला जिससे प्रदेशवासियों में उनके प्रति नाराजगी है।

    धर्माणी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर निराशा हाथ लगने के साथ ही प्रदेश सरकार भी लोगों की आशाओं के अनुरूप काम नहीं कर पाई है। प्रदेश में भ्रष्टाचार बढ़ा है, हर विभाग में गड़बड़ियों की शिकायतें आम हो गई हैं। प्रदेश में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में हुई इस प्रकार की गड़बड़ियों के आंकड़े पूरे प्रदेश से जुटाए जा रहे और इन को तथ्यों सहित एकत्रित किया जा रहा है।