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  • बिलासपुर की आस्था बनी कमांड हॉस्पिटल चंडीगढ़ में लेफ्टिनेंट

    बिलासपुर की आस्था बनी कमांड हॉस्पिटल चंडीगढ़ में लेफ्टिनेंट

    बिलासपुर,16फरवरी

    सुभाष चंदेल 

    श्री नैना देवी के स्वारघाट उपमंडल के गांव कोलां वाला टोबा की आस्था देवलस ने अपनी क़ाबलियत के बूते पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आस्था देवलस की कमांड हॉस्पिटल चंडीगढ़ में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनाती हुई है। आस्था की इस कामयाबी माता पिता खासा खुश है।

    बता दे आस्था का जन्म 7 दिसंबर 1999 को हुआ। उन्होंने अपनी मैट्रिक तक की पढ़ाई माउंट कार्मेल स्कूल जिंदबड़ी से की और उसके आगे की पढ़ाई उन्होंने भाई नंदलाल पब्लिक स्कूल आनंदपुर साहिब से की। इसके उपरांत उन्होंने ऑल इंडिया लेवल एमएनएस का टेस्ट क्वालीफाई किया। वहीं सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज में 4 साल की ट्रेनिंग ली और पास आउट होकर उनकी कमांड हॉस्पिटल चंडीगढ़ में लेफ्टिनेंट के पद पर तैनाती हुई है।

    आस्था के पिता अश्वनी कुमार मंदिर न्यास श्री नैना देवी जी में अधीक्षक के पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उनकी माता अरुणा देवी गृहिणी हैं। आस्था देवलस ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता- पिता और गुरुओं को दिया है। उसने बताया कि उसकी कठिन परिश्रम लग्न और लगन से उसका सपना पूर्ण हो पाया।

  • धर्मशाला में तिब्बत संग्रहालय का उद्घाटन

    धर्मशाला में तिब्बत संग्रहालय का उद्घाटन

    धर्मशाला, 11 फरवरी

    सिक्योंग पेनपा त्सेरिंग द्वारा गंगचेन कीशोंग में एक नए तिब्बत संग्रहालय का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

    इस परियोजना की कल्पना 2017 में 15वीं कशग (निर्वासन में तिब्बती सरकार की कैबिनेट बैठक) के दौरान पूर्व सिक्योंग डॉ लोबसंग सांगे के नेतृत्व में की गई थी, जिसका उद्देश्य तिब्बत की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के अलावा तिब्बत की बिना सेंसर वाली कहानी को दुनिया तक पहुंचाना था।

    संग्रहालय के निदेशक ताशी फुनस्टोक ने कहा कि संग्रहालय का उद्देश्य अपनी कहानियों को बताने के उनके अधिकार को पुनः प्राप्त करना है। यह तिब्बत की संस्कृति, निर्वासन में लोकतंत्र, दलाई लामा की शिक्षाओं और विरासतों के बारे में लोगों को शिक्षित करने पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा अभिलेखागार, तस्वीरों और व्यक्तिगत साक्ष्यों के माध्यम से तिब्बत के ऐतिहासिक, राजनीतिक, पर्यावरणीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व को उजागर करेगा।

    अपने उद्घाटन भाषण में, सिक्योंग ने दानदाताओं की वित्तीय सहायता के लिए उनकी सराहना और आभार व्यक्त किया और विशेषज्ञों और तकनीशियनों को उनके सहयोग और मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया।

    सिक्योंग पेनपा सेरिंग ने कहा, “मैं आज संग्रहालय के सफल उद्घाटन के लिए पिछले कशाग और पूर्व सिक्योंग डॉ लोबसंग सांगे की भी सराहना करता हूं।”

    सिक्योंग ने कहा, “अब यह सुनिश्चित करना अधिक महत्वपूर्ण है कि प्रायोजकों का योगदान और विशेषज्ञता का निवेश बर्बाद न हो।” तिब्बत की राजनीतिक चिंताओं पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान आकर्षित करने के लिए संग्रहालय एक आवश्यक माध्यम है। अपनी उपस्थिति और प्रभाव को मजबूत करने के लिए, सिक्योंग ने विभिन्न भाषाओं में ऑडियो को शामिल करने के लिए संग्रहालयों के उपयोग को मानकीकृत करने और संग्रहालय तक भौतिक पहुंच में असमर्थ लोगों के लिए प्रदर्शनियों के आभासी दौरे की स्थापना करने की सिफारिश की, जो अनुभव से लाभ उठा सकते हैं।

    “दलाई लामा के मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व के कारण आज हमारी सभी उपलब्धि और उत्कृष्ट कार्य संभव हुए हैं”। सिक्योंग ने तिब्बतियों को आश्वस्त किया कि परम पावन का स्वास्थ्य अच्छा है।

    सूचना और अंतर्राष्ट्रीय संबंध विभाग (DIIR) के कलोन नोरज़िन डोल्मा ने नए उद्घाटन किए गए संग्रहालय के महत्व पर प्रकाश डाला। “यह प्रदर्शनी हॉल ज्ञान का एक महत्वपूर्ण स्थान है जहां तिब्बत का पिछला इतिहास और वर्तमान वास्तविकता छवियों, दस्तावेजों और सामग्रियों के साक्ष्य के माध्यम से बनाई गई है,” कलोन ने कहा।

    कालोन ने कहा कि यह परियोजना यूएसएआईडी, तिब्बत फंड और एनईडी जैसे प्रमुख दानदाताओं को पूरा करने का बकाया है।

  • शिमला नगर निगम के लिए सात नए वार्ड प्रस्तावित

    शिमला नगर निगम के लिए सात नए वार्ड प्रस्तावित

    जिला प्रशासन ने शिमला नगर निगम (एमसी) में वार्डों की संख्या मौजूदा 34 वार्डों से बढ़ाकर 41 करने का प्रस्ताव किया है।

    आगामी नगर निकाय चुनावों के लिए वार्डों के परिसीमन के लिए आज यहां जिला प्रशासन द्वारा जारी मसौदा प्रस्ताव के अनुसार, सात नए वार्डों की सिफारिश की गई है – जैसे शंकली, लोअर कृष्णा नगर, धींगुधर, कसुम्प्टी -2, ब्रोकहर्स्ट, लोअर विकास नगर और लोअर खलिनी।

    राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, निवासी 17 फरवरी तक डीसी के समक्ष मसौदा प्रस्ताव पर आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं, जो 24 फरवरी तक आपत्तियों का निस्तारण करेंगे। वार्डों के परिसीमन पर अंतिम आदेश द्वारा जारी किया जाएगा। उपायुक्त 9 मार्च को या उससे पहले।

    “कृष्णा नगर, विकास नगर और खलिनी वार्डों का दो भागों में विभाजन अपेक्षित तर्ज पर है। ये वार्ड काफी बड़े हैं और इन्हें दो में तोड़ना तर्कसंगत है।” अन्य वार्डों के लिए, शांकली को बड़े पैमाने पर रुल्डू भट्टा वार्ड से और आंशिक रूप से भरारी वार्ड से तराशा गया है।

    इस बीच, कांग्रेस एमसी पार्षदों ने मसौदा प्रस्ताव से थोड़ा निराश किया। “एक, वार्डों की संख्या बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं थी क्योंकि कोई नया क्षेत्र एमसी में विलय नहीं किया गया है। दूसरा, परिसीमन प्रस्ताव पर एक सरसरी निगाह डालने से पता चलता है कि चुनावों में भाजपा को इसका फायदा मिलने वाला है, ”कांग्रेस पार्षद दिवाकर शर्मा ने कहा।

    दिलचस्प बात यह है कि निकटवर्ती पंचायतों के किसी भी नए क्षेत्र का एमसी में विलय नहीं किया गया है। शहरी विकास विभाग ने कुछ क्षेत्रों की पहचान करना शुरू कर दिया था और चुने हुए क्षेत्रों के निवासियों से आपत्तियां भी आमंत्रित की थी, लेकिन योजना को छोड़ दिया गया क्योंकि लोग आम सहमति तक नहीं पहुंच सके।

  • कुनिहार : लोगों को जल्द मिले डे केयर सेंटर की सुविधा

    कुनिहार : लोगों को जल्द मिले डे केयर सेंटर की सुविधा

    सोलन, 10 फरवरी

    वरिष्ठ नागरिक कल्याण संगठन सायरी के प्रधान जीआर भारद्वाज ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि संस्था पिछले करीब आठ वर्षों से प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत डे केयर सेंटर चला रही है।

    जिसमे लोग फिजियोथैरेपी का लाभ उठा रहे हैं, लेकिन किसी कारण वश इस डे केयर सेंटर के पद पर तैनात प्रबंधक एवं फिजियोथेरेपिस्ट ने अपना त्यागपत्र दे दिया है। जीआर भारद्वाज ने बताया कि संस्था ने निर्णय लिया है कि जल्द ही इस पद को भरकर नियमित सेवाएं शुरू कर दी जायँगी। उन्होने इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक व्यक्तियों से अपना आवेदन पत्र, शैक्षणिक योग्यता तथा अनुभव के साथ संस्था के प्रधान को 18 फरवरी तक भेजने का आग्रह किया हैं। संस्था जल्द ही इस पद को भरकर डे केयर सेंटर की सुविधाएं लोगों को नियमित कर देगी।

  • 15 फरवरी को सुरेश कश्यप करेंगे जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता

    15 फरवरी को सुरेश कश्यप करेंगे जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता

    10 फरवरी, सिरमौर

     

    उपायुक्त कार्यालय नाहन के बचत भवन में 15 फरवरी, 2022 को प्रातः 11 बजे जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक लोकसभा सांसद सुरेश कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी।

    इस बारे में जानकारी देते हुए उपायुक्त सिरमौर एवं सदस्य सचिव जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति राम कुमार गौतम ने बताया कि इस बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाएं जिनमें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, दीनदयाल अंत्योदय योजना, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना आदि शामिल हैं, की समीक्षा की जाएगी।

  • हिमाचल के मुख्यमंत्री को अब याद आने लगे कलयुग और सतयुग :मुकेश अग्निहोत्री

    हिमाचल के मुख्यमंत्री को अब याद आने लगे कलयुग और सतयुग :मुकेश अग्निहोत्री

    ऊना,08 फरवरी

    नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 4 उपचुनाव हारने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को युग याद आने लगे हैं। इस हार से व्यथित सीएम देवभूमि के लोगों को मौकापरस्त कह रहे हैं तथा उन्हें कलियुग से जोड़ रहे हैं।

    ऊना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री की भाषा पर बेहद आपत्ति है। सीएम को 6 माह पहले समझ आ गया कि यह कलियुग है। प्रदेश के लोग विकास के नाम पर भी और काम के नाम पर वोट देते हैं लेकिन फरेब के लिए वोट नहीं देते। मुकेश ने कहा कि चुनावों में शिकस्त के बाद सीएम कह रहे कि सतयुग गया और कलियुग आ गया। कलियुग में भी बहुत अच्छे काम हो रहे हैं।

    नेता विपक्ष ने कहा कि लाहौल-स्पीति के लोगों को टनल बनाकर देने की बात सीएम कर रहे हैं। सच्चाई यह है कि यह टनल कांग्रेस की केंद्र सरकार के समय पर शुरू हुई। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इसके लिए धनराशि का प्रावधान किया। भाजपा सरकार में यह जरूर पूरी हुई लेकिन इसके पीछे की सोच और काम कांग्रेस सरकारों के रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल व लाहौल-स्पीति के लोगों पर अंगुली उठाई वह शोभा नहीं देता। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर हिमाचल की जनता पर अंगुली न उठाएं। दोष आपका है जो आपने शासन ठीक तरह से नहीं चलाया। इसी वजह से उपचुनावों में भाजपा प्रत्याशियों को जीत हासिल नहीं हुई। लाहौल-स्पीति सहित हिमाचल की जनता सच्ची और ईमानदार है। चुनावों में मिली हार का ठीकरा जनता पर नहीं फोड़ना चाहिए।

    अग्निहोत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अब सभाओं में बोल रहे हैं कि मैंने बिजली का झटका दिया तो कांग्रेसियों की चैं-चैं बंद हो गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा से पहले बतौर नेता विपक्ष उन्होंने यह मुद्दा पत्रकार वार्ता करते हुए उठाया था। प्रदेश के संसाधनों से बनाई बिजली और सीमैंंट को लेकर नीति बनाने की बात कही थी। इसके बाद मुख्यमंत्री होश में आए और केवल 60 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा करके खूब इतरा रहे हैं। अग्निहोत्री ने कहा कि 60 यूनिट बिजली मुफ्त देने के कोई मायने नहीं हैं जबकि हिमाचल बिजली उत्पादक राज्य है। यह बस घोषणा मात्र ऐलान है। पत्रकारवार्ता में उन्होंने ही मुख्यमंत्री को याद करवाया था कि हिमाचल प्रदेश में स्कूल भी हैं जिनको खोलना वे भूल गए हैं।

    हिमाचल में बार-रैस्टोरैंट तो खुले थे लेकिन स्कूल 2 वर्षों से बंद पड़े थे। मुख्यमंत्री को होश तब आता है जब विपक्ष आवाज उठाता है। इसी के चलते विपक्ष द्वारा आवाज उठाने पर मुख्यमंत्री को अपने किए गलत फैसलों को पलटना पड़ता है। इन्हीं बदले हुए फैसलों के कारण अब जयराम सरकार को पलटू सरकार का नाम मिला है। नेता विपक्ष ने कहा कि हिमाचल में बेरोजगार नौकरी पाने के लिए कराह रहा है, लेकिन प्रदेश में चोर दरवाजे से नौकरियों की बंदरबांट की जा रही है। विशेष तौर पर मुख्यमंत्री और एक मंत्री के विधानसभा क्षेत्रों में नौकरियों की बंदरबांट की जा रही है। पूरे प्रदेश के बेरोजगारों के हक की नौकरियों को इन 2 विस क्षेत्रों में बांटकर प्रदेश के बेरोजगारों से अन्याय किया जा रहा है।

    मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि प्रदेश में शराब के कारोबार में वैध के समानांतर अवैध शराब के कारोबार चला हुआ है। यह कैसे संभव है कि बिना सरकार और विभागों की जानकारी के 3-3 फैक्टरियां चल रही थीं, जिनमें अवैध तौर पर शराब बनाई जा रही थी? अब जुर्माना लगाने की बातें हो रही हैं और स्पिरिट पकड़ने की बात हो रही है लेकिन पहले सब कहां सोए रहे? पहले किसकी शह पर यह काम होता रहा? अग्निहोत्री ने कहा कि गुडिय़ा प्रकरण और होशियार सिंह मामले को उछालकर सत्ता में आई भाजपा के राज में अब बोरियों में बेटियों की लाशें मिल रही हैं। अब भाजपाइयों ने चुप्पी क्यों साध रखी है? नेता विपक्ष ने कहा कि हिमाचली की बात करने वाले सीएम बताएं कि टॉप की पोस्ट पर एक भी हिमाचली ऑफिसर क्यों नहीं है?

  • हिमाचल के नागरिकों के लिए हिम केयर योजना वरदान

    हिमाचल के नागरिकों के लिए हिम केयर योजना वरदान

    शिमला,6फरवरी

    सरकार द्वारा हिमाचल के नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए हिम केयर योजना चलाई गई है। इस योजना के तहत ₹500000 रुपये तक का स्वास्थ्य बिमा आवेदक के परिवारों को प्रदान की गई है।

    सरकार द्वारा चलाई जा रही इस योजना से हिमाचल प्रदेश में कई नागरिको को लाभ पहुंचा है।अभी तक 1.25 लाख परिवारों को इस योजना से लाभ पहुँच चूका है और लगभग 121 करोड़ से अधिक राशि को लाभार्थी परिवार के इलाज हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की गयी है। योजना के माध्यम से लाभार्थी परिवारों को 5 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सुविद्याएँ प्रदान की जा रही है। अभी तक राज्य के 4.63 लाख परिवार हिम केयर योजना के तहत पंजीकृत किये जा चुके है। यह कार्ड राज्य के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध करवाने में मदद करेगा।

    रवि भारद्वाज अर्की के रहने वाले व्यक्ति ने बताया की वह गरीब परिवार से है। कुछ महीने पहले मुझे हार्ट अटैक आया और मेरी हालत बहुत ख़राब हो गई थी और मुझे अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मेरा परिवार  के पास इतना पैसा नहीं की वो मेरा इलाज करवा पाते पर मुख्य मंत्री द्वारा चलाई गई यह योजना उनके और उनके परिवार के लिए वरदान साबित हुई। इस योजना के तहत ना केवल मुझे मुफ्त में इलाज मिला बल्कि मेरी दवा भी मिली। मैं मुख़्यमंत्री जय राम ठाकुर को धन्यवाद करता हुँ।

    बता दे योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को पहले आवेदन प्रकिया को पूरा करना होता है । रजिस्ट्रेशन के लिए पहले इस वेबसाइट www.hpsbys.in पर जा कर आवेदन प्रकिया को पूरा करना होता है।

    हिम केयर योजना की शुरुआत 1 जनवरी 2019 को की गयी।

    हिम केयर योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवारों को कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होती हैं इन दस्तावेजों में आवेदक का आधार कार्ड,परिवार के सदस्यों का आधार कार्ड,पैन कार्ड,राशन कार्ड,आय प्रमाण पत्र,पासपोर्ट साइज फोटो,मोबाइल नंबर,काम करने वाले क्षेत्र का प्रमाण पत्र,विकलांग व्यक्ति को 40% विकलांग प्रमाण पत्र का प्रमाण पत्र,विधवा एवं तलाकशुदा महिलाओं को बाल विकास अधिकारी द्वारा जारी किया गया प्रमाण पत्र

    यह हिम केयर योजना का लाभ ले सकते 

    • एकल नारी
    • विकलांग व्यक्ति
    • वृद्ध नागरिक
    • कांट्रेक्चुअल एम्पलाई
    • मनरेगा के तहत श्रमिक
    • बीपीएल कार्ड धारक परिवार
    • मिड डे मील श्रमिक
    • पार्ट टाइम श्रमिक
    • रजिस्टर्ड स्ट्रीट वेंडर
    • आउटसोर्सिंग एंप्लॉयर
    • आंगनवाड़ी कार्यकर्ती
    • आंगनवाड़ी हेल्पर
    • आशा कार्यकर्ती
    • 70 वर्ष की आयु से ज्यादा के नागरिक
    • डेली वेज वर्कर
    Him Care Yojana के लिए पात्रता
    • हिम केयर योजना का लाभ लेने के लिए उम्मीदवार भारत का मूल निवासी होना चाहिए।
    • लाभार्थी योजना के लिए मुफ्त में आवेदन कर सकते हैं।
    • गरीबी रेखा से नीचे आने वाले उम्मीदवार योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
    • उम्मीदवार जिस फिल्ड में कार्यरत हैं उनके पास उसका प्रमाण पत्र होना चाहिए।
    • जो लाभार्थी आयुष्मान भारत योजना का लाभ ले रहें है वे हिम केयर योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।

    हिमांचल राज्य के नागरिक Him Care card Hospital की लिस्ट ऑनलाइन माध्यम से चेक कर सकते है। इसके लिए लाभार्थी नागरिकों को hpsbys.in की आधिकारिक वेबसाइट में विजिट करना होगा।