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  • सोलन एमसी में फेस रीडिंग बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया गया

    सोलन एमसी में फेस रीडिंग बायोमेट्रिक सिस्टम लगाया गया

    सोलन,2अप्रैल

    सोलन नगर निगम में कर्मचारियों को अनुशासित करने के लिए फेस रीडिंग पर आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू किया गया है।

    कर्मचारियों को इस नई शुरू की गई प्रणाली के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। मैन्युअल रूप से चिह्नित उपस्थिति पर तभी विचार किया जाएगा जब यह चेहरे की रीडिंग-आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली द्वारा समर्थित हो। यह कर्मचारियों के मासिक वेतन का आधार भी बनेगा।

    कमिश्नर एमसी सोलन राजीव कुमार ने बताया कि स्टाफ के लिए फेशियल रीडिंग पर आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम शुरू किया गया है. “चूंकि कोविड महामारी के कारण फिंगर-आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम बंद कर दिया गया था, यह नई प्रणाली कर्मचारियों को अनुशासित करने और अधिक दक्षता लाने में मदद करेगी।”

    सहायक अभियंता, विधि अधिकारी, अधीक्षक, भवन एवं सड़क निर्माण विभाग के कर्मचारी, लेखा, प्रशासनिक, स्वच्छता, डायरी एवं प्रेषण, कर, बिलिंग एवं वितरण सहित सभी कर्मचारियों को निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है. एमसी में करीब 40-50 कर्मचारी थे जिन्हें अक्टूबर 2020 में अपग्रेड किया गया था।

     

    कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने या एमसी में देर से आने के मामलों के साथ, यह कदम लंबित कार्यों को गति देने के अलावा और अधिक दक्षता लाने में मदद करेगा। चूंकि नगरपालिका परिषद से अपग्रेड होने के बाद कई ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी नागरिक निकाय में जोड़ा गया है, इसलिए काम का बोझ बढ़ गया है।

  • शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित पढ़ना लिखना अभियान के अंतर्गत  जिला स्तरीय बैठक आयोजित

    शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित पढ़ना लिखना अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय बैठक आयोजित

    स्कूल शिक्षा और साक्षरता एवं शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार द्वारा प्रायोजित पढ़ना लिखना अभियान जिला कुल्लू में चलाया जा रहा है। इस सम्बंध में आज उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा की अध्यक्षता में उनके चैंबर में बैठक का आयोजन किया गया जिसमें शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया।

    उन्होंने कहा कि इस अभियान का मुख्य उददेश्य निरक्षरता को पूरी तरह से दूर  करने के लिए मूलभूत साक्षरता व्यस्कों में लाना है। अभियान के अंतर्गत 15 वर्ष से अध्ेिाक आयु वर्ग के व्यस्कों को एनसीईआरटी द्वारा विकसित  किए गए अक्षर  ज्ञान एवं अंक ज्ञान द्वारा  शिक्षित किया जाएगा। कुल्लू जिला में 10 हजार निरक्षरों को जो कि 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के हैं, उन्हें साक्षर करने का लक्ष्य रखा गया है।  सर्वेक्षण द्वारा निरक्षर लोगों को चिन्हित करके उनकी सीखने की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अनुदेशक द्वारा चार महीनों या इससे अधिक समय में 120 घंटों का प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा। इसके लिए पात्र व्यक्ति अपने -2 विकास खंड के विकास खंड अधिकारी के कार्यालय में संपर्क कर इस अभियान की पूर्ण जानकारी प्राप्त करने के साथ-2 अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी को अपना आधार कार्ड साथ लाना होगा।

    उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 दिन के भीतर खंड तथा जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाए। जिला के दूर-दराज क्षेत्रों, गुज्जर समुदाय, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों, प्रवासी मजदूरों का सर्वेक्षण किया जाए तथा सर्वेक्षण के दौरान ऐसे लाभार्थी का नाम पता, आधार कार्ड, मोबाईल नम्बर लेना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बताया कि  अभियान से जुड़े सभी विभागों को सर्वेक्षण हेतु प्रारूप तैयार कर शीघ्र उपलब्ध करवाया जाए। सर्वेक्षण कार्य के लिए स्कूल, कालेज के एनसीसी, एनएसएस, प्राथमिक पाठशाला के अध्यापकों, नेहरू युवा केन्द्र से स्वयंसेवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, एनजीओज जो कि सम्बंधित क्षेत्र के हों, सर्वे कर डाटावेस तैयार किया जाए। सर्वेक्षण के दौरान लाभार्थियों का नाम पता, मोबाईल नम्बर तथा आधार नम्बर लेना भी सुनिश्चित किया जाए।  खंड स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाए। नगर परिषद तथा नगर पंचायत क्षेत्रों में कार्यकारी अधिकारी स्वयं सहायता समूहों तथा पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव, वार्ड सदस्यों तथा नगर परिषद तथा नगर पंचायतों के अंतर्गत आने वाले शहरी क्षेत्रों में प्रसिद्ध एवं विशिष्ट व्यक्तियों की सूचि बनाकर ऐसे व्यक्तियों की स्वैच्छिक सेवाएं ली जा सकती हैं। सर्वेक्षण से सम्बंधित प्रारूप को परियोजना अधिकारी ग्रामीण विकास अभिकरण के माध्यम से समस्त विकास खंड अधिकारियों को 10 दिन के भीतर पहुचाना सुनिश्चित करें।

    उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान महिलाओं को  मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में भी जागरूक किया जाए। एनसीईआरटी द्वारा विकसित किए गए अक्षर ज्ञान एवं अंक ज्ञान द्वारा व्यस्कों को शिक्षित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्वयंसेवी अध्यापक 15 से 20 लोंगों को अनुदेशित करेंगे।