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  • शिमला के आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट फिर शुरू होगा

    शिमला के आईजीएमसी में किडनी ट्रांसप्लांट फिर शुरू होगा

    शिमला

    आईजीएमसी शिमला में करीब तीन साल बाद फिर किडनी ट्रांसप्लांट होंगे। अस्पताल में चल रहे नेफ्रोलॉजी विभाग के चिकित्सकों की टीम जल्द दो मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट करेगी। ऐसे में कुछ दिनों के भीतर यह सुविधा शुरू हो सकती है।  नेफ्रोलॉजी विभाग में कुछ समय पहले ही एक विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती हुई है। ऐसे में जो मरीज किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए प्रतीक्षा में थे, उनका इंतजार अब खत्म होगा। अब तक मरीज कमेटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) लेकर पीजीआई या अन्य बड़े अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट करवाने के लिए मजबूर थे।

    अब विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टर के आने के बाद इस समस्या का समाधान हो गया है। डॉ. रजनीश पठानिया, प्राचार्य, अटल सुपर स्पेशलिटी आयुर्विज्ञान संस्थान, चमियाना ने कहा  मरीजों की सुविधा के लिए सरकार ने नेफ्रोलॉजी विभाग में विशेषज्ञ की तैनाती की है। चिकित्सक ने भी ट्रांसप्लांट के लिए आए मरीजों की जांच व तमाम प्रक्रिया जो कि पूरी करनी होती है, उस पर काम करना शुरू कर दिया है। संभावना है कि आने वाले दिनों में यह सुविधा शुरू हो जाएगी।

  • शिमला के जंगल में शव मिला, मामला दर्ज

    शिमला के जंगल में शव मिला, मामला दर्ज

    शिमला

    शिमला के शांकली क्षेत्र में स्कूल के पास जंगल में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र 30 से 35 वर्ष बताई जा रही है। लेकिन अभी मृतक की पहचान नहीं हो पा रही है।

    पुलिस शव का शिमला के IGMC अस्पताल में पोस्टमार्टम करवा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा । फिलहाल पुलिस सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई कर रही है।

  • सजा काट रहे कैदी की शिमला के आईजीएमसी में मौत

    सजा काट रहे कैदी की शिमला के आईजीएमसी में मौत

    शिमला

    शिमला के आईजीएमसी में कंडा जेल में सजा काट रहे एक कैदी की मौत हो गई है। कैदी चंबा के सलूनी क्षेत्र का रहने वाला था। यह कंडा जेल में एनडीपीएस एक्ट के तहत सजा काट रहा था। अभी शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कैदी को उपचार के लिए कंडा से आईजीएमसी ले जाया गया था।

  • शिमला IGMC में एक्सरे मशीन खराब

    शिमला IGMC में एक्सरे मशीन खराब

    हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में मरीजों को एक्स-रे की सुविधा नहीं मिल पा रही है क्योंकि 2 दिन से डी-ब्लॉक में लगी एक्स-रे मशीन खराब है। इस ब्लॉक में सिर्फ याचिका के एक्स-रे किए जा रहे हैं, जबकि दूसरे एक्स-रे अनार के लिए मरीजों को इमरजेंसी वार्ड में भेजा जा रहा है।

    बता दें कि आईजीएमसी में रोजाना हजारों पेशेंट दिखने के लिए आते हैं। बीमारी का इलाज करने के लिए डॉक्टर एक्स-रे लेते हैं। आईजीएमसी में रोज 500 के करीब मरीज एक्स-रे करवाते हैं। ऐसे में लोगों के खराब होने के लिए आफत जेसा बन गया है। दूर दराज के क्षेत्र से बात आ रहे पेशेंट जब अस्पताल दर्शनीय स्थल हैं तो सुविधा न मिले थो अनहे उस लेय एधर उधर भागना पड़ता है, निबंध अधिक्तम लोग परेशान हो रहे हैं

    भूपिंदर ठाकुर जो की चंबा कहते हैं कि अपनी पत्नी का इलाज कराएं उनका कहना है कि पहले अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की वजह से लंबी लाइन में लगना पड़ रहा था, अब मशीन खराब होने से दूसरी जगह एक्स-रे का दावा कर रहे हैं। पहले ही पेशेंट का हॉस्पिटल तक आना मुश्किल है और यहां आकर भी पूरा इलाज न मिले तो गुस्सा तो आया ही। सोलन से आए दीपक का कहना है कि मशीन खराब होने की वजह से हम प्राइवेट हॉस्पिटल एक्सरे गए।

    आईजीएमसी के एमएस डॉ. राहुल राव का कहना है कि एक्स-रे मशीन में कुछ खराबी आ गई थी, जिसके बाद इंजीनियर को ठीक करने के लिए बुलाया गया। जल्दी मशीन को ठीक कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मरीजों को हर सुविधा देने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

  • मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी में 30.90 करोड़ रुपए से निर्मित बहुमंजिला ट्रॉमा ब्लॉक का लोकार्पण किया

    मुख्यमंत्री ने आईजीएमसी में 30.90 करोड़ रुपए से निर्मित बहुमंजिला ट्रॉमा ब्लॉक का लोकार्पण किया

    शिमला

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज यहां इंदिरा गांधी राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय (आईजीएमसी) के नए ओ.पी.डी. ब्लॉक में लगभग 30.90 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ट्रॉमा ब्लॉक का लोकार्पण किया।

    ट्रॉमा ब्लॉक के इस बहुमंजिला भवन में फिजियोथैरेपी वार्ड, स्पेशल वार्ड, आपातकालीन चिकित्सा इकाई, गहन देखभाल इकाई (आईसीयू) बेड, आईसोलेशन वार्ड सहित सीटी स्कैन, एक्स-रे, सैंपल एकत्रीकरण केंद्र तथा पैथोलॉजी प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। घायलों व गंभीर रोगियों के उपचार संबंधी वरीयता के लिए यहां अलग व्यवस्था की गई है। अन्य आपात सेवाओं के साथ-साथ यहां पर डॉक्टर, नर्स तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कक्ष, रोगियों के बैठने के लिए स्थान तथा अन्य जनोपयोगी सेवाएं भी उपलब्ध होंगी।

    मुख्यमंत्री ने इस अवसर नए ओपीडी परिसर का अवलोकन किया और रोगियों, उनके परिचारकों तथा अस्पताल स्टाफ के साथ संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि इस ब्लॉक के निर्माण से लोगों को गुणवत्तापूर्वक स्वास्थ्य सेवाएं मिलने के साथ साथ यहां सेवाएं देने वाले डॉक्टरों एवं अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को कार्य करने के लिए उचित वातावरण भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में मशीनरी तथा उपकरणों के लिए 12 करोड़ रूपये व्यय किए जा रहे हैं। यह उपकरण व मशीनरी, संस्थान के सर्जरी, ऑर्थोपीडिक्स, न्यूरो-सर्जरी, रेडियोलॉजी तथा एनस्थिसिया विभाग में उपयोग में लाए जाएंगे।

    ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है। प्रदेश के चिकित्सा महाविद्यालयों में आपातकालीन चिकित्सा को सृदृढ़ करने के लिए अलग से विभाग स्थापित किए जाएंगे। इसमें प्रत्येक 6 बिस्तर में दाखिल मरीजों की सुविधा के लिए एक नर्स तथा 10 बिस्तर में मरीजों की सुविधा के लिए चिकित्सक की व्यवस्था होगी। गहन देखभाल केंद्र (आईसीयू) में प्रत्येक बिस्तर में मरीजों की सुविधा के लिए एक नर्स की व्यवस्था की जाएगी। यहां विशेषज्ञ चिकित्सा भी तैनात किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए अनेक कदम उठा रही है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रोबॉटिक सर्जरी की सुविधा प्रदान की जाएगी ताकि लोगों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। इसके अतिरिक्त इन स्वास्थ्य संस्थानों में अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए 5-जी प्रौद्योगिकी का समावेश किया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों को उनके घर-द्वार के समीप उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रत्येक मेडिकल ब्लॉक में आधुनिक प्रौद्योगिकी युक्त हाईटैक अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।

    चिकित्सा महाविद्यालय प्रबंधन ने मुख्यमंत्री को सम्मानित भी किया।

     

     

    इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के ओजस्वी नेतृत्व में स्वास्थ्य की आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने के लिए विशेष कदम उठा रही है। ग्राम स्तर पर बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

    विधायक हरीश जनारथा ने आईजीएमसी में लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

    ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी, सचिव, स्वास्थ एम. सुधा देवी, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, आईजीएमसी की प्रधानाचार्या डॉ. सीता ठाकुर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ राहुल राव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।