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  • हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (HPEA) ने वरिष्ठ अभियंता का निलंबन रद्द करने की माँग की

    हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (HPEA) ने वरिष्ठ अभियंता का निलंबन रद्द करने की माँग की

    लाहौल स्पीति

    हिमाचल पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन (HPEA) के संज्ञान में आया है कि एच.पी.एस.ई.बी.एल. प्रबंधन ने 02.09.2025 को वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता (Sr.Xen) श्री विजय कुमार ठाकुर, केलांग को तथाकथित दुर्व्यवहार के आरोप में निलंबित कर दिया है। इस घटना को विभिन्न मीडिया माध्यमों में व्यापक रूप से प्रकाशित किया गया है, जिसके चलते बिना निष्पक्ष जाँच के संबंधित अधिकारी की छवि धूमिल हुई है।

     

    HPEA द्वारा की गई प्रारम्भिक तथ्यान्वेषण में निम्न तथ्य सामने आए हैं :

     

    a) श्री ठाकुर ने 02.07.2025 को अवकाश हेतु आवेदन किया था, जिसे 04.08.2025 को सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत किया गया। तत्पश्चात उन्होंने 11.08.2025 को उपायुक्त को सूचित करने के उपरान्त 18.08.2025 से अवकाश ग्रहण किया। यह अवकाश उस प्राकृतिक आपदा से काफी पहले का था, जो 25.08.2025 से 28.08.2025 के बीच हुई।

     

    b) आपदा के उपरान्त एच.पी.एस.ई.बी.एल. प्रबंधन के निर्देश पर उन्होंने 28.08.2025 को पुनः कार्यभार ग्रहण किया और तत्पश्चात विद्युत आपूर्ति बहाली हेतु हर संभव प्रयास किए।

     

    c) अपने निवेदन में, वरिष्ठ अभियंता ने यह भी उल्लेख किया है कि उन्हें उपायुक्त द्वारा कई प्रत्यक्षदर्शियों के सामने अपमानित किया गया। यह गंभीर आरोप है जिसकी निष्पक्ष जाँच आवश्यक थी, परंतु इसके पूर्व ही निलंबन की कार्रवाई कर दी गई।

     

    HPEA यह स्पष्ट करना चाहता है कि एच.पी.एस.ई.बी.एल. के सभी अभियंता और कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में भी राज्यभर में विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल करने हेतु निरंतर कार्यरत हैं। ऐसे समय में एक ईमानदार और मेहनती अभियंता को बिना प्रारम्भिक जाँच के निलंबित करना संपूर्ण कार्यबल का मनोबल तोड़ने वाला कदम है।

     

    अतः HPEA एच.पी.एस.ई.बी.एल. प्रबंधन एवं राज्य सरकार से आग्रह करता है कि वरिष्ठ अभियंता, केलांग का निलंबन तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए ताकि अभियंता एवं कर्मचारी उत्साहपूर्वक और निर्भीक होकर जनता की सेवा कर सकें।

     

  • हिमाचल में गलत ईवीएम लगाने पर अफसर ससपेंड

    हिमाचल में गलत ईवीएम लगाने पर अफसर ससपेंड

    ऊना

    लोकसभा चुनाव के साथ गगरेट में हो रहे विधानसभा उपचुनाव के लिए शनिवार को हुए मतदान के दौरान एक मतदान केंद्र पर ऐसी कोताही हुई कि उस बूथ पर दोबारा मतदान करवाने की नौबत आ जाती। यहां सांसद चुनने के लिए हो रहे मतदान के दौरान ईवीएम में आई गड़बड़ी के चलते पीठासीन अधिकारी ने सांसद के मतदान के लिए रखी गई ईवीएम की जगह भी विधायक को मतदान करने के लिए प्रयोग की जा रही ईवीएम ही रख दी। कुछ देर मतदान चलने के बाद गलती पकड़ में आई, तो आनन-फानन में मतदान रुकवा कर ईवीएम बदली गई। इसका कड़ा संज्ञान लेते हुए उपायुक्त एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी ऊना जतिन लाल ने पीठासीन अधिकारी व सेक्टर ऑफिसर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है। जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह लोकसभा चुनाव के साथ गगरेट में हो रहे विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल के दौरान सांसद चुनने के लिए रखी गई ईवीएम में खराबी आ गई।

     

    इस पर गगरेट विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर एक मंदवाड़ा के पीठासीन अधिकारी ने सांसद को मतदान करने के लिए रखी गई ईवीएम के स्थान पर भी विधायक को चुनने वाली ईवीएम ही रखवा दी। बताया जा रहा है कि 56 मतदाता मत का प्रयोग भी कर गए, तब जाकर यह गलती पकड़ में आई। मामला उच्चाधिकारियों के ध्यान में आया, तो तत्काल ईवीएम बदली गई। यही नहीं, बल्कि उन मतदाताओं को भी मतदान के लिए वापस बुलाया गया, जो मतदान कर चुके थे। मामला उपायुक्त एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी जतिन लाल के ध्यान में आया तो उन्होंने इसे बड़ी लापरवाही मानते हुए पीठासीन अधिकारी व सेक्टर अफसर को निलंबित किया है। उधर विधानसभा क्षेत्र गगरेट में ही मतदान शुरू होने से पहले करीब आधा दर्जन ईवीएम में खराबी की रिपोर्ट हुई। इसके चलते कुछ मतदान केंद्रों पर देरी से मतदान शुरू हुआ। सहायक निर्वाचन अधिकारी जतिन लाल ने बताया कि मंदवाड़ा में हुई लापरवाही के लिए पीठासीन अधिकारी व सेक्टर अफसर को निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि मंदवाड़ा में मतदान सुचारू रहा।

  • उपभोक्ताओं के खाते से 9.73 लाख निकालने वाला बैंक कर्मी सस्पैंड

    उपभोक्ताओं के खाते से 9.73 लाख निकालने वाला बैंक कर्मी सस्पैंड

    पीएनबी की समीरपुर शाखा में एक बैंक कर्मी पर खाताधारकों के खाते से 9,73,000 रुपए निकालने के आरोप लगे थे। इसके बाद आरोपी बैंक कर्मी को बैंक प्रबंधन ने सस्पैंड कर दिया है। मामला उजागर हुआ तो बैंक प्रबंधन ने आरोपी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ पुलिस में भी मामला दर्ज करवा दिया है। पीएनबी हमीरपुर के सर्कल हैड विनिश चावला ने बताया कि आरोपी बैंक कर्मी को सस्पैंड कर दिया गया है तथा विभागीय जांच की जा रही है। इसके अलावा पुलिस में भी मामला दर्ज करवा दिया है।

     

  • नगर निगम धर्मशाला का एक्सियन सस्पैंड, जानिए क्यों

    नगर निगम धर्मशाला का एक्सियन सस्पैंड, जानिए क्यों

    धर्मशाला

    नगर निगम धर्मशाला में तैनात एक्सियन को सस्पैंड किया गया है। अधिकारी पर यह कार्रवाई निगम के डिप्टी मेयर सर्वचंद गलोटिया द्वारा अवैध कब्जों पर कार्रवाई न करने तथा उनके साथ दुव्र्यवहार करने के लगाए गए आरोपों के चलते की गई है। अधिकारी के खिलाफ शिकायत मुख्यमंत्री से की गई थी। अधिकारी को सस्पैंड कर मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग उत्तरी जोन कार्यालय में भेजा गया है।

    लोक निर्माण विभाग के प्रिंसीपल सैक्रेटरी सुभाशीष पांडा की ओर से यह आदेश जारी किए गए हैं। जानकारी के अनुसार मैक्लोडगंज में 12 जुलाई को भारी बारिश के बाद नाले में आए पानी के रुख बदलने से हुए नुक्सान के बाद निगम प्रशासन द्वारा अवैध कब्जों पर कार्रवाई शुरू की गई थी। इसी फेहरिस्त में डिप्टी मेयर ने वार्ड नम्बर 17 में श्मशानघाट के रास्ते में किए जा रहे अवैध निर्माण को लेकर निगम प्रशासन से शिकायत की थी।

    डिप्टी मेयर ने आरोप लगाया था कि मौके पर पहुंचे निगम के आयुक्त तथा पार्षद के सामने एक्सियन द्वारा उनके साथ बदसलूकी की गई। आरोप था कि डिप्टी मेयर द्वारा मामला उठाए जाने के बाद भी अधिकारी ने अवैध निर्माणकर्ता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि उसको नगर निगम की ओर से नोटिस भी जारी किए गए थे। निगम के डिप्टी मेयर द्वारा मुख्यमंत्री के समक्ष मामले को रखते हुए अधिकारी के खिलाफ शिकायत की गई थी। अधिकारी पर लगे आरोपों पर कार्रवाई करते हुए अधिकारी को सस्पैंशन के बाद चीफ इंजीनियर कार्यालय उत्तरी क्षेत्र धर्मशाला में भेजा गया है।

  • IGMC हॉस्टल में रैगिंग के आरोपी प्रशिक्षु डॉक्टर निष्कासित, अंडरग्राउंड हुए दोनों आरोपी

    IGMC हॉस्टल में रैगिंग के आरोपी प्रशिक्षु डॉक्टर निष्कासित, अंडरग्राउंड हुए दोनों आरोपी

    आईजीएमसी हॉस्टल  में जूनियर एमबीबीएस छात्र की रैगिंग व मारपीट मामले में फंसे दो प्रशिक्षु डॉक्टरों को संस्थान से निष्कासित कर दिया गया है।

    दोनों आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद संस्थान की तरफ से यह कड़ी कार्रवाई की गई है। आईजीएमसी के प्रिंसिपल डॉक्टर रजनीश पठानिया ने इसकी पुष्टि की है।

    इस बीच आईजीएमसी प्रबंधन व एंटी रैगिंग कमेटी के लिखित में पुलिस को मामला सौंपे जाने के बाद शिमला पुलिस ने आईजीएमसी हॉस्टल पहुंच कर मामले की छानबीन शुरू की और सीसीटीवी रिकार्ड कब्जे में लिया। पुलिस ने घटना के दौरान मौजूद तृतीय वर्ष के अन्य छात्रों के ब्यान भी दर्ज किए। हालांकि रैगिंग के दोनों आरोपी इंटर्न डॉक्टर्स अभी पुलिस की गिरफ़त से बाहर हैं। पुलिस इनकी तलाश कर रही है। मामले को लेकर एस.पी शिमला मोहित चावला ने कहा छात्र की शिकायत पर रैगिंग का मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।