क्रेजी न्यूज इंडिया /लाहौल-स्पीति
तन्जिन वंगज्ञाल रुमबाह
हिमाचल प्रदेश के जिला लाहौल-स्पीति के उपमंडल स्पीति के मुख्यालय काजा से तकरीबन 58 किलोमीटर दूर क्यामो गांव की आबादी को कब स्वास्थ्य सुविधा गांव में नसीब होगी! आजादी के 74 साल में भी इस गांव के लोग विंटर हेल्थ सेंटर के खुलने का रोना रो रहे हैं!
भाजपा, कांग्रेस की दोनों सरकार में क्यामो गांव के लोगों की मुख्य समस्या स्वास्थ्य सुविधाओं की रहती है! बता दें कि भारी बर्फबारी के दिनों क्यामो गांव के लोगों का जीवन राम भरोसे में ही रहता है! सर्दी जुकाम की दवाओं के लिए भी इस गांव के लोगों को पांच किमी दूर पीएचसी हंसा या आठ किलोमीटर दूर पीएचसी लोसर का रुख करना पड़ता है! गांव के लोगों का कहना है कि सर्दी के दिनों क्यामो गांव में तीन से चार फीट तक बर्फ पड़ती है! उस पर तापमान जमाव विंदु से नीचे रहता है! वहीं पीएचसी लोसर या पीएचसी हंसा तक पहुंचने में उन्हें बर्फबारी के वीच हिमखंड के गिरने का भी खतरा सताता है! गांव वासियों का कहना है कि क्यामो गांव में स्वास्थ्य सुविधा मिल जाए तो उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
स्पीति के दुर्गम क्षेत्र क्यामो गांव के लोग आजादी के 74 साल में भी गांव में स्वास्थ्य सुविधा की राह देख हैं! यूं तो स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करवाना सरकार के पहली प्राथमिकता में है! लेकिन जनजातीय क्षेत्र स्पीति के क्यामो निवासी स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर तरस रहे हैं! क्यामो गांव के महिला मंडल प्रधान सोनम पलडोन,,, सदस्य शरव डोलमा,,, कलज़ग देमो,,, और तंजिन छेगा ने सरकार व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है! क्यामो गांव में 24 घरों की आबादी है यहां के ग्रामींण हमेशा ही स्वास्थ्य केंद्र खोले जाने की बार बार मांग कर रहे हैं,,लेकिन उनकी मांग को हमेशा ही ठंडे वस्ते में रखा जा रहा है! लोसर पंचायत के अंतर्गत क्यामो गांव में 150 से अधिक की आबादी है।



