राज्य में विकास दूबे जैसा बदमाश न पनप सके, इसके लिए पुलिस ने अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पुलिस ने उन बदमाशों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी, जिन पर कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने अपराध को रोकने के लिए उन कई चिह्नित बदमाशों पर नजर रख रही है, जो जमानत पर बाहर हैं। उनकी एक-एक पल की खबर पुलिस मुख्यालय तक पहुंच रही है, ताकि कोई बदमाश फिर से अपराध न कर सके।
सूत्रों का कहना है कि पुलिस की स्टडी में सामने आया कि बदमाश जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद फिर से सक्रिय हो जाते हैं। इसके अलावा पुलिस ने पूरे हरियाणा की क्षेत्र वाइज अपराध के प्रकार और उसके समय का भी पूरा डाटा तैयार किया है, ताकि यह पता लग सके कि किस क्षेत्र में कौनसे अपराध किस समय ज्यादा होते हैं। महिलाओं के खिलाफ होने वाले बलात्कार और पोक्सो एक्ट के मामले में हरियाणा पुलिस दूसरे राज्यों की अपेक्षा बेहतर काम कर रही है।
देश में इन मामले में जल्द तफ्तीश करने में दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर है। पिछले 8 माह से इसी नंबर पर है। छह महीने में पुलिस ने 625 पिस्तौल, 25 रिवाल्वर और 1296 कारतूस बदमाशों से पकड़े हैं। 37 चाकू भी बरामद किए गए हैं। डीजीपी मनोज यादव ने बताया कि हम हर महीने प्रदेश में होने वाले क्राइम की समीक्षा करते हैं। उसके अनुसार फिर पूरी प्लानिंग बनाई जाती है।
राज्य में 6 माह में 117 गिरोह के 400 से ज्यादा बदमाश दबोचे
राज्य में कोरोनाकाल में जब सबकुछ बंद था, उस दौरान पुलिस ने कई बदमाशों को जेल भेजने में सफलता हासिल की है। 6 माह में राज्य की पुलिस ने बदमाशों के 117 गिरोह को पकड़ा, इनमें 33 गिरोह पड़ोसी राज्यों के थे, जो हरियाणा में सक्रिय थे।
एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर नवदीप सिंह विर्क का कहना है कि पुलिस ने अपनी रणनीति के तहत राज्य में डकैती करने वाली 3 गैंग, लूटपाट करने वाली 11, सेंधमारी करने वाली 23, चोरी करने वाली 43 और कई अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल 37 गैंग समेत कुल 117 आपराधिक गिरोहों का पर्दाफाश किया। इन आपराधिक गिरोह के 409 सदस्यों दबाेचा गया। इनसे पूछताछ में 633 आपराधिक घटनाओं का खुलासा हुआ है। विर्क का कहना है कि इन बदमाशों से 3 करोड़ 46 लाख 80 हजार रुपए की चोरी की प्रॉपर्टी बरामद की है।








