भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने पिछले कुछ समय से अपनी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ा दी हैं। इससे कांग्रेस सरकार तो परेशान नहीं है लेकिन अकाली दल के नेताओं की परेशानी जरूर बढ़ गई है। भाजपा ने कई ऐसी गतिविधियां शुरू की हैं जहां अकाली दल को दिक्कत होती है। पिछले दिनों जहरीली शराब को लेकर पार्टी ने अपने स्तर पर प्रदर्शन कर और धरने देकर बता दिया कि उसका अपना स्वतंत्र आस्तित्व भी है। वह शिअद की पिछलग्गू नहीं है। एनआरआइ के साथ पंजाब के विकास के लिए भी पार्टी ने अपने स्तर पर वेबिनार किए। भाजपा काडर लंबे समय से मांग कर रहा है कि भाजपा को अकाली दल से अलग होकर स्वतंत्र चुनाव लडऩा चाहिए लेकिन पार्टी हाईकमान अभी तक फैसला नहीं कर पाई है कि ऐसा करना उनके लिए संभव है कि नहीं। हां, भाजपा की बढ़ी गतिविधियों ने अकाली दल को जरूर परेशान कर दिया है।







