शिमला: प्रदेश में मानसून और भारी भारी बारिश फिर से कहर ढा सकता है। इसकी चेतावनी मौसम विभाग ने जारी कर दी है। विभाग ने आरेंज अलर्ट जारी कर सभी जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है।
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल का कहना है कि 18 से 20 जुलाई तक अगले तीन दिनों के दौरान मानसून दोबारा सक्रिय होगा। इसके फलस्वरूप राज्य के अधिकांश भागों में भारी बारिश होगी। 15 से 17 जुलाई तक के लिए यलो अलर्ट जारी किया है और 18 से 20 जुलाई तक के लिए आरेंज अलर्ट जारी हुआ है।
मौसम विभाग का कहना है कि इस अवधि में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलेंगी। तेज हवाएं 20 जुलाई तक पीछा नहीं छोड़ेंगी। दो दिन पहले हुई बारिश से ऊना में अधिकतम तापमान में 36.8 डिग्री सेल्सियस के बिंदु तक जा पहुंचा है।
जानें तापमान व बारिश का हाल:
केलंग में न्यूनतम तामपान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। बुधवार को कुछ जगहों पर बारिश हुई। पावंटा साहिब में तीन, शिमला में एक व नाहन में 1.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
चंबा जिला के पांगी में कालानाला का जलस्तर बढऩे से मनाली-श्रीनगर वाया पांगी राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित हो गया है। खड़ामुख व होली मार्ग भी भूस्खलन से प्रभावित हुआ है। कुल्लू जिला के पागलनाला का जलस्तर बढऩे से लारजी-सैंज मार्ग दो घंटे बंद रहा।
भूस्खलन से कई रास्ते अवरुद्ध:
भूस्खलन से मनाली-ग्रांफू-काजा मार्ग भी अवरुद्ध हो गया। प्रशासन ने लोगों हिदायत दी है कि वे कोकसर-ग्रांफू व उदयपुर-कड्डूनाला मार्ग पर अगले दो दिन तक सफर न करें। लोगों व पर्यटकों को सलाह दी गई है कि नदी-नालों के किनारे न जाएं। इससे उन्हें खतरा हो सकता है।








