पंचायती राज संस्था के तहत जिला परिषद वार्ड सरांह-12 से निर्दलीय प्रत्याशी बीना ममटा ने अन्य प्रत्याशियों की धुकधुकी बढ़ा दी है। इसका कारण यह है कि बहाल क्षेत्र की चार पंचायतों से केवल एक ही प्रत्याशी मैदान में है।
जखोली परगना की बात करें तो वहां का वोट बैंक भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों में बंट सकता है। भाजपा ने जिस प्रत्याशी परिवार को समर्थन दिया है वे पिछले काफी समय से कांग्रेस में शामिल था। उसी का निचोड़ कांग्रेस ने भी निकाल लिया है।
कांग्रेस ने चांजु चौपाल से प्रत्याशी को समर्थन दिया है। बड़ी बात यह है कि कांग्रेस के कदावर नेता रजनीश किमटा जखोली परगना से संबंध रखते है और उनकी धर्मपत्नी भी गत वर्ष जिला परिषद सदस्य रह चुकीं है। ऐसे में अब लाजमी है कि जखोली परगना का वोट कांग्रेस और भाजपा में बंट सकता है।
जिसका सीधा फायदा बीना ममटा को मिल सकता है।
हामल परगना की चार पंचायतों की बात करें तो वहां से कोई भी प्रत्याशी मैदान में नहीं है। जिसका फायदा भी बीना ममटा उठा सकतीं है। क्योंकि बाहल परगना और हामल परगना की आपस में अच्छी सांठगांठ रहती है और अनेकों बार बाहल परगना ने हामल परगना के प्रत्याशियों को अपना समर्थन दिया है। ऐसे में इस बार हामल परगना बाहल परगना के प्रत्याशी को समर्थन दे कर हिसाब बराबर कर सकते है। आखिर में चुनाव नतीजे कुछ भी हो, लेकिन बीना ममटा चुनावी समीकरण में उलटफेर कर सकती है।
बात करें चांजु चौपाल और मड़ावग परगना की तो वहां से भी बीना ममटा के समर्थन में वोटिंग हो सकती है।








