चंडीगढ़, 22 सितंबर 2025: पूरे भारतवर्ष में आज सूर्यवंशी महाराजा अग्रसेन जी की जयंती बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है। महाराजा अग्रसेन ने अपने जीवन में न्याय, समानता और समाज सेवा के आदर्श स्थापित किए। वे “एक रुपया, एक ईंट” के सिद्धांत के माध्यम से समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देने वाले समाजवाद के अग्रदूत माने जाते हैं।
महाराजा अग्रसेन का जन्म सूर्यवंशी क्षत्रिय कुल में हुआ था। वे प्रतापनगर के राजा वल्लभ के पुत्र थे। और उन्होंने हरियाणा के अग्रोहा शहर की स्थापना की, जिसे अग्रवालों का उद्गम स्थान माना जाता है, अग्रवाल समाज के लोग खुद को महाराजा अग्रसेन का वंशज मानते हैं, इसलिए अग्रवाल शब्द का अर्थ ही “अग्रोहा के लोग” है। उनका जीवन त्याग, अहिंसा, शांति और समृद्धि का प्रतीक रहा। उन्होंने समाज के पिछड़े और कमजोर वर्गों को समान अवसर देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।
उनके शासनकाल में गरीब और वंचित लोगों को घर बनाने, व्यवसाय आरंभ करने और सामाजिक समानता के अवसर प्रदान करने के लिए “एक रुपया, एक ईंट” की योजना लागू की गई। महाराजा अग्रसेन ने शिक्षा, व्यापार और समाज सेवा को अपनी प्राथमिकता बनाई। उनके समाजवादी सिद्धांत आज भी युवा पीढ़ी और समाजसेवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय चंडीगढ़ में कार्यरत संयुक्त राष्ट्र पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी एडवोकेट तनुज गोयल, जो अग्रोहा विकास ट्रस्ट अग्रोहा धाम और महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी, हिमाचल प्रदेश के मुख्य कानूनी सलाहकार हैं, ने बताया कि महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी महाराजा अग्रसेन जी के आदर्शों पर चलते हुए समाज के विभिन्न वर्गों को समान अवसर प्रदान करने का उत्कृष्ट प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा के क्षेत्र में विशेष पहल की गई है। 12वीं कक्षा में 95% से अधिक अंक हासिल करने वाले छात्रों को 100%, 90% अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को 50%, और 65% से अधिक अंक हासिल करने वालों को कोर्स अनुसार 30% तक की स्कॉलरशिप दी जाती है, ताकि वे उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त कर सकें और अपने करियर में उत्कृष्टता हासिल कर सकें।
महाराजा अग्रसेन यूनिवर्सिटी में फार्मेसी, लॉ, साइंस, मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी से संबंधित स्नातक से लेकर पीएचडी तक के पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि समाज के सभी वर्ग शिक्षा और ज्ञान के माध्यम से समान रूप से सशक्त बनें।
आज देश सहित विदेशों में भी अग्रवाल समाज महाराजा अग्रसेन जयंती बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मना रहा है।
एडवोकेट तनुज गोयल ने सर्व समाज को आमंत्रण देते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन सर्व समाज के महापुरुष है , जिनकी जयंती शरद पूर्णिमा के पावन पर्व पर अग्रोहा धाम में विशाल वार्षिक मेला के रूप में 7 अक्टूबर 2025, मंगलवार को प्रातः 6:00 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस दौरान भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मेलन 12:00 बजे से 3:00 बजे तक होंगे।
कार्यक्रम का विवरण:
6:00 बजे – शक्ति सरोवर में स्नान
7:00 बजे – मंदिरों में आरती
8:00 बजे – भव्य महिला कलश यात्रा
9:00 बजे – भोजन प्रारंभ
10:00 बजे – छप्पन भोग
10:15 बजे – ध्वजारोहण
12:00 बजे से – भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मेलन
एडवोकट तनुज गोयल ने कहा कि इस वार्षिक मेले में सभी को सपरिवार और ईष्ट मित्रों सहित सादर आमंत्रित किया जाता है।
मुख्य कानूनी सलाहकार एडवोकेट तनुज गोयल ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 26 दिसंबर 2024 को सार्वजनिक छुट्टियों का नोटिफिकेशन जारी करते हुए 22 सितंबर 2025 को हरियाणा प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों में महाराजा अग्रसेन जयंती के उपलक्ष्य में प्रदेश स्तरीय सरकारी छुट्टी का प्रावधान किया तथा हिसार हवाई अड्डे का नामकरण महाराजा अग्रसेन के नाम से किया, जिसके लिए हम सरकार के आभारी हैं, हरियाणा सरकार विभिन्न वर्गों व समुदायों के महापुरुषों की जयंती मनाकर समाज में प्रेरणा, प्रेम व सद्भाव का बेहतरीन प्रयास कर रही है।
महाराजा अग्रसेन की जयंती आज भी समाज में समानता, शिक्षा और सेवा का संदेश देती है। उनके आदर्श समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और समाज के सभी वर्गों को एक समान बनाने का मार्ग दिखाते हैं। तनुज गोयल एडवोकेट ने स्पष्ट किया कि महाराजा अग्रसेन के सिद्धांतों और मार्गदर्शन के आधार पर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन और समान अवसर सुनिश्चित किया जा सकता है।










