काँगड़ा
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण कांगड़ा जिला के उपमंडल इंदौरा में कहर बरपा है। इंदौरा के बडूखर, गंगथ और रैहन मार्ग पर पेड़ गिरने और कुछ स्थानों पर भूस्खलन होने से मार्ग 2 से 3 घंटों के लिए बाधित रहा वहीं 40 के करीब गांवों की बिजली बंद होगई।
जानकारी के मुताबिक सबसे ज्यादा नुक्सान इंदौरा पंचायत में हुआ है। यहां अचानक बाढ़ जैसे हालात हो गए और देखते ही देखते इंदौरा के वार्ड नंबर 2 व 3 के 100 के करीब घरों और 120 के करीब दुकानों में 5-5 फुट पानी घुस गया।
पानी का बहाव इतना तेज था कि कई दुकानों के शटर तक फट गए। अचानक आए पानी से कई दुकानों व घरों का सामान बह गया तो वहीं घरों में मलबा आदि घुसने से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। जबकि वार्ड नंबर-2 से एक परिवार की 3 महिलाएं व एक पुरुष पानी में फंस गए, जिसकी सूचना प्रशासन को दी गई और एनडीआरएफ की 14वीं वाहिनी के डिप्टी कमाडैंट निशांत शर्मा के नेतृत्व में आई टीम ने कड़ी मशक्कत से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला। घरों में चारपाइयां, बैडबॉक्स, सोफे, फ्रिज और वॉशिंग मशीन सहित सामान्य प्रयोग का सामान तैरता हुआ नजर आया। कई दुकानें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। वहीं वार्ड नंबर-3, इंदौरा की पवना देवी पुत्री सोम राज का मकान पूरी तरह से ध्वस्त हो गया।
इंदौरा में इस तरह की आपदा की सूचना मिलते ही विधायक मलेंद्र राजन प्रशासनिक अमले सहित बाढ़ ग्रस्त वार्डों में पहुंचे और एक-एक घर में जाकर स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों को ढांढस बंधाया और प्रशासन को राहत एवं पुनर्वास कार्यों हेतु उचित निर्देश दिए।विधायक ने आपदा पीड़ितों के नुक्सान का आकलन कर रिपोर्ट देने के निर्देश प्रशासन को दिए। उन्होंने कहा कि जो भी नुक्सान हुआ है, उसका सरकार से मुआवजा दिलाया जाएगा
विधायक मलेंद्र राजन प्रशासनिक अमले सहित बाढ़ ग्रस्त वार्डों में पहुंचे और एक-एक घर में जाकर स्थिति का जायजा लिया तथा पीड़ितों को ढांढस बंधाया और प्रशासन को राहत एवं पुनर्वास कार्यों हेतु उचित निर्देश दिए।
आपदाग्रस्त परिवारों ने कहा कि वार्ड नंबर 2 में बिना सोच-विचार किए अंधाधुंध निर्माण के कारण पीछे से आने वाले वर्षा के पानी का रास्ता बंद हो गया है, जिस कारण पानी रुकता गया और एक तालाब का रूप ले लिया था। लेकिन जब पानी का दबाव बहुत ज्यादा हो गया तो पीछे से दीवारें, जिनके कारण पानी रुका हुआ था, टूटने से अचानक इतनी भारी मात्रा व गति से पानी आया कि लोगों को अपना कीमती व आवश्यक सामान तक निकालने का समय नहीं मिल पाया और आंखों के सामने कुछ ही मिनटों में सामान की बर्बादी को देखना पड़ा तथा जान बचाने के लिए बच्चों सहित छतों पर चढ़ना पड़ा।
सुधीर कटोच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता इंदौरा ने कहा इंदौरा में पंचायत घर से लेकर कन्या विद्यालय तक अप्रत्याशित बाढ़ की स्थिति ने दुकानों और घरों में तबाही मचा दी है। मैंने स्वयं क्षेत्र का दौरा किया है और हम हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हैं कि वे नुकसान का उचित आकलन करने और राहत प्रदान करने के लिए जल्द से जल्द राजस्व अधिकारी भेजें।








