–हर गांव तक पंहुचने चाहिए एकल विद्यालय: अमिता
—सरकारी-निजी स्कूलों में भी हो संस्कार आधारित शिक्षा: सीमा
—एकल अभियान से पूरा होगा एक भारत, श्रेष्ठ भारत का ध्येय: शकुंतला चौहान
एकल अभियान संभाग दक्षिण हिमाचल के अंतर्गत भाग सिरमौर में संच नोहरा धार, बॉगधार का वार्षिक संच सम्मान समारोह नोहरा धार में बड़े हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। सम्मान समारोह में संच नोहरा धार व बॉग धार के लगभग 2 एकल विद्यालयों से आचार्यों, ग्राम समिति सदस्यों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। एडवोकेट प्रीत राणा समरोह की मुख्य अतिथि रही तथा नरेंद्र छीनटा सेवग, मंडल श्री रेणुका भाजपा उपाध्यक्ष विजेंद्र चौहान समारोह के विशिष्ट अतिथि रहे।
एकल अभियान द्वारा सम्पूर्ण भारत वर्ष सहित विश्व के अधिकांश देशों में शिक्षा एवं संस्कार की अलख जगाने के लिए चलाए जाने वाले एकल विद्यालयों के माध्यम से पंचमुखी शिक्षा दी जा रही है।
भारत के एक लाख गांव में वर्तमान समय में एक लाख एकल विद्यालय चल रहे हैं। चार लाख एकल संपर्कित गांव में अभियान की विभिन्न गतिविधियां चल रही है। नगर संगठन और ग्राम संगठन द्वारा संयुक्त रूप से सेवाव्रती कार्यकर्ताओं और समिति सदस्यों के माध्यम से समर्थ भारत, शिक्षित भारत और स्वावलंबी भारत के निर्माण के लिए मनसा, वाचा, कर्मणा अपना तन, मन, धन अर्पित करते हुए पंचमुखी शिक्षा के साथ साथ विविध समसामयिक विषयों के लक्ष्यों को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। संगठन के स्वरूप पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि सबसे शीर्ष पर केन्द्र, प्रभाग, संभाग, भाग, अंचल, संच और ग्राम स्तर तक प्रशिक्षित सेवाव्रतियों, समिति सदस्यों और व्यास कथाकारों सहित विभिन्न योजनाओं के प्रभारियों द्वारा स्वावलंबन के माध्यम से ग्राम स्वराज और राम राज्य की संकल्पना को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। प्राथमिक शिक्षा, संस्कार शिक्षा, जागरण शिक्षा, आरोग्य शिक्षा और ग्राम स्वराज के माध्यम से कोरोना जैसे भयानक आपातकाल में भी विचार क्रांति जैसे आभासी माध्यम के प्रतिफल ग्राम सुरक्षा का दायित्व एकल अभियान ने भली भांति वहन किया







