यह फैसला हिमाचल को कर्ज़, कलह और अपराध की दलदल में धकेल देगा
हमीरपुर, 1 अगस्त:
सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार द्वारा लॉटरी को फिर से वैध करने के निर्णय को जनता के हितों के साथ सीधा विश्वासघात करार दिया है। उन्होंने कहा कि चार दिन तक लगातार चली राज्य कैबिनेट की बैठकों में जनता की भलाई का एक भी निर्णय नहीं लिया गया, बल्कि इसके उलट सरकार ने प्रदेशवासियों की आर्थिक और सामाजिक बर्बादी की नींव रख दी।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि जहां-जहां देश में लॉटरी को कानूनी दर्जा दिया गया है — जैसे कि केरल, सिक्किम और महाराष्ट्र — वहां इसके विनाशकारी परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने आंकड़े बताते हुए कहा कि केरल में हर साल हजारों लोग लॉटरी में अपनी जमा पूंजी गंवाकर कर्ज़ में डूब जाते हैं। सिक्किम में कई परिवार घर तक बेचने को मजबूर हुए हैं और महाराष्ट्र में लॉटरी के चलते जुए, कर्जखोरी और अपराध के मामलों में भारी इजाफा दर्ज हुआ है।
उन्होंने कहा कि लॉटरी की लत एक बार लगने के बाद व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई बिना सोचे-समझे टिकटों पर खर्च करता है, जिससे पूरा परिवार आर्थिक रूप से तबाह हो जाता है। यह फैसला सीधे तौर पर गरीबों और मध्यम वर्ग के शोषण की सरकारी मुहर है।
राणा ने चेताया कि हिमाचल जैसे छोटे, शांत और पहाड़ी राज्य में इस जनविरोधी निर्णय का असर और अधिक गंभीर होगा। बेरोजगारी से जूझ रहा युवा वर्ग जब आसान पैसे की चाह में इस जाल में फंसेगा, तो न सिर्फ परिवार टूटेंगे बल्कि समाज में असंतुलन, गरीबी और अपराध बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की सामाजिक व्यवस्था को जड़ से हिलाने वाला फैसला है।
राजेंद्र राणा ने सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए कहा कि “अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि सुक्खू सरकार विकास की दिशा में काम करने की बजाय राजस्व जुटाने के नाम पर आम जनता की जिंदगी से खिलवाड़ कर रही है। यह सरकार नैतिक रूप से दिवालिया हो चुकी है और इसकी नीतियां लोकतंत्र के लिए ख़तरा बन गई हैं।”
पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि इस फैसले का सबसे बड़ा दंश राज्य की महिलाएं और परिवार भुगतेंगे। “यदि यह जनविरोधी निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो हिमाचल की जनता, विशेषकर महिलाएं, इस सरकार को कभी माफ नहीं करेंगी और आगामी चुनावों में इसका करारा जवाब देंगी।
राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार को यह निर्णय तुरंत प्रभाव से वापस लेना चाहिए।










