ठीक एक साल बाद स्थानीय एपीजी शिमला विश्वविद्यालय एक मार्च से खुल जाएगा। पहले चरण में प्रथम बर्ष के छात्रों को बुलाया जा रहा है। छात्र ओरिएंटेशन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने को छात्र संघ और अभिभावक दोनों से सहमति पत्र माँगा है। बीते बर्ष मार्च के अंत में कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के बाद विश्वविद्यालय अन्य शिक्षा संस्थानों की तरह बंद हुआ था और की विश्वविद्यालय की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई उपलब्ध करवाई गई। साल भर ऑनलाइन क्लासेज शुरू रहने के बाद एक मार्च से विश्वविद्यालय फिर से खुलने जा रहा है। एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के कुलपति (कार्यवाहक) प्रो. डॉ. रमेश चौहान ने बताया कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय पूरी तरह से कोविड के प्रोटोकॉल को अमल में लाते हुए प्रथम बर्ष के छात्रों की ऑफ लाइन पढ़ाई एक मार्च से शुरू करने को तैयार है। कुलपति रमेश चौहान ने कहा कि पहले चरण में प्रथम बर्ष के छात्र जो अभी दूसरे सेमेस्टर में हैं उन्हें ही पहले विश्वविद्यालय में नियमित क्लासरूम स्टडी के लिए बुलाया जा रहा है। कुलपति रमेश चौहान, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार (कार्यवाहक) डॉ. अनिल पाल, डीन एकेडेमिक्स प्रो. डॉ. कुलदीप कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि कोविड प्रोटोकॉल के सारे नियम छात्रों को भेज दिए गए हैं। इसके लिए छात्रों के साथ अभिभावकों को भी सहमति माँगी जा रही है और अभिभावकों ने सहमति भी दे दी है। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार ने बताया कि छात्र जब विश्वविद्यालय में आएंगें तो उनकी कोविड रिपोर्ट तीन दिन से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए। विश्वविद्यालय में प्रवेश करने से पहले छात्रों को सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग कर पल्स चेक भी किया जाएगा और इससे पहले क्लेसरूमस, लाइब्रेरी, होस्टल, डाइनिंग एरिया, मेस, होस्टल व विश्वविद्यालय परिसर को अच्छे से रोज़ाना सैनिटाइज किया जाता रहेगा। इस बार छात्र एक साथ डाइनिंग एरिया में एक साथ खाना नहीं खा सकते, एक दूसरे से सामाजिक दूरी का पालन करेंगें और इसके लिए छात्रों के छोटे-छोटे समूह बनाए जाएंगे और क्लासरूम , लाइब्रेरी में पचास प्रतिशत से अधिक छात्र नहीं होंगे और दूरी बनाकर छात्र क्लास में पढ़ाई करेंगें।
विश्वविद्यालय के डीन एकेडेमिक्स प्रो. डॉ. कुलदीप कुमार ने बताया कि छात्रों को कैंपस से ज्यादा बाहर निकलने पर पाबंदी रहेगी और पढ़ाई के साथ सभी छात्रों को कोविड प्रोटोकॉल, सरकार के दिशा-निर्देश और विश्वविद्यालय की ओर से तय नियमों का पालन करना होगा। डीन कुलदीप कुमार ने कहा कि छात्रों को हर प्रकार की सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी ताकि वे सुलभ, विश्वविद्यालय के स्वच्छ कैंपस में अच्छे से पढ़ाई कर सकें। कुलदीप कुमार ने कहा कि फिलहाल प्रथम बर्ष के छात्रों को ही विश्वविद्यालय में बुलाया जा रहा है ताकि वे विश्वविद्यालय के वातावरण में ढल पाएं और अन्य सेमेस्टरर के छात्रों की पढ़ाई पहले की भांति कुछ दिनों तक ऑनलाइन रहेगी और उनकी ऑफलाइन पढ़ाई बारे आगामी निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन व कार्यकारणी कमेटी के निर्णय के अनुसार लिया जाएगा।
कुलपति प्रो. डॉ. रमेश चौहान ने सभी छात्रों से कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों, निर्देशों, मास्क पहनने, सामाजिक दूरी, सैनिटेशन अपनाये जाने का अनुरोध किया है। कुलपति चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय पूरी तरह छात्रों को स्वच्छ वातावरण और सुलभ अध्ययन उपलब्ध करवाने के लिए हमेशा की तरह वचनबद्ध है।








