कोरोना के बढ़ते मामलो को देखते जहाँ प्रदेश सरकार ने चार जिलों में 5 जनवरी तक कर्फ्यू लगाया है वहीं कल कैबिनेट में क्रिसमस और नए साल को देखते हुए रात्रि कर्फ्यू को हटाया जा सकता है ।
बता दे सरकार, टूरिस्ट सीजन के चलते व्यापारिक संगठनों और पार्टी पदाधिकारियों के भारी दबाव में है। इसलिए 23 दिसंबर को दोपहर बाद 3 बजे प्रस्तावित किया जाएगा।
प्रदेश भर में रविवार को पूरी तरह से बाजार बंद रखने के फैसले पर भी पुनर्विचार किया जा सकता है। सार्वजनिक समारोहों में 50 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी पर प्रतिबंध के फैसले पर भी पुनर्विचार को लेकर सरकार दबाव में है। इस मुद्दे पर सरकार व संगठन के भीतर एकराय नहीं है।
ऐसे में अधिकतम 50 लोगों की सीमा को 100 करने पर फैसला होने के आसार कम ही हैं। सूत्रों का कहना है कि व्यापारिक संगठनों के अलावा हाल ही में पार्टी के पदाधिकारियों की एक बैठक के दौरान कई नेताओं ने पर्यटन सीजन को लेकर बात कही थी।
पदाधिकारियों ने दलील दी थी कि रविवार को हिमाचल में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। ऐसे में अगर पर्यटन गतिविधियों को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा तो इसका सीधा असर पर्यटन सीजन पर पड़ेगा। कोविड-19 के चलते गर्मी का पूरा सीजन बुरी तरह से पिट चुका है। ऐसे में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग व उनके हितैषी अब नए साल के आसपास के सीजन को खराब नहीं होने देना चाह रहे हैं।
हिमाचल प्रदेश के ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले सरकारी स्कूलों में जनवरी 2021 में छुट्टियां होंगी या नहीं। इसको लेकर अभी भी संशय बरकरार है। नौवीं से बारहवीं कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोलने का कैबिनेट में प्रस्ताव जाएगा। सरकार ही इस बारे में अंतिम फैसला लेगी। शिक्षा विभाग ने तीन विकल्पों के साथ एक प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। आगामी दिनों में इस प्रस्ताव पर सरकार फैसला लेगी। शीतकालीन छुट्टियों वाले सरकारी स्कूलों में सरकार ने पहले ही 12 फरवरी 2021 तक छुट्टियां घोषित की हुई हैं। वर्ष 2020 की छुट्टियां कोरोना संकट के भेंट चढ़ने के चलते अब शिक्षा विभाग 2021 की छुट्टियों को लेकर सतर्क हो गया है।
शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार जनवरी 2021 से ग्रीष्मकालीन स्कूलों में बोर्ड कक्षाओं दसवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को बुलाया जा सकता है। अगर किसी स्कूल में इन विद्यार्थियों की संख्या अधिक है तो उन्हें नियमानुसार शारीरिक दूरी बनाते हुए अलग-अलग कक्षाओं में बैठाया जा सकता है। दूसरे विकल्प में नौंवी से बारहवीं कक्षा के लिए स्कूल खोलने की बात कही गई है। एक दिन छोड़कर दो-दो कक्षाओं के विद्यार्थियों को स्कूलों में बुलाया जा सकता है। तीसरे विकल्प में शीतकालीन स्कूलों की तरह ग्रीष्मकालीन स्कूलों को भी बंद रखने का प्रस्ताव है। पहली से आठवीं कक्षा वाले स्कूल जनवरी में भी बंद रखने का प्रस्ताव बनाया गया है।
शिक्षकों को जनवरी से स्कूल बुलाना लगभग तय
ग्रीष्मकालीन स्कूलों में जनवरी 2021 से शिक्षकों को बुलाना लगभग तय है। शिक्षा विभाग के प्रस्ताव के अनुसार शिक्षकों पर रोस्टर लगाकर उन्हें स्कूल बुलाया जा सकता है। स्कूलों में आकर ही शिक्षक ऑनलाइन पढ़ाई की मॉनीटरिंग करेंगे।








