रसोई गैस के दाम और बुकिंग अवधि बढ़ने से लोग झेल रहे दोहरी मार
शिमला 28 मार्च । ग्रामीण परिवेश में 45 दिन उपरांत रसोई गैस बुक करवाने के तय मापदंडों को घटाकर 30 दिन करने की मांग की जा रही है । जुन्गा तहसील के राकेश कुमार, नेक राम, प्रीतम ठाकुर, मनोहर सिंह, जयराम सहित अनेक लोगों का कहना है कि सरकार ने एक तरफ रसोई गैस के दाम में बढ़ोतरी कर दी है दूसरी ओर बुक करने की अवधि को भी 30 दिन से बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है अर्थात ग्रामीण दोहरी मार झेल रहे हैं ।
इनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में वर्तमान में जलाने वाली लकड़ी का अभाव हो गया है । रसोई गैस के कारण लोगों ने ईंधन की लकड़ी एकत्रित करना भी छोड़ दिया है । दूसरी ओर ग्रामीण परिवेश में अधिकतर परिवार संयुक्त रूप से रहते हैं जहां एक रसोई गैस सिलेंडर करीब 20 से 25 दिन तक बड़ी मुश्किल से चलता है । रसोई गैस बुक करने के लिए 45 दिन निर्धारित होने से अनेक परिवारों में रसोई गैस की समस्या उत्पन्न हो गई है विशेषकर जो कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाएं दे रहे हैं उन्हें रसोई गैस न होने से काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है । जबकि ग्रामीण परिवेश में कोई होटल ढाबा भी नहीं होता है ।
लोगों का कहना है कि जिस प्रकार रसोई गैस की समस्या गंभीर बनती जा रही है जिससे वनों पर भी दबाव बढ़ेगा और पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ जाएगा । हालांकि हिल टॉप गैस एजेंसी कोटी में रसोई गैस पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है जिनके द्वारा माह में एक बार समूचे क्षेत्र में रसोई गैस सिलेंडर वितरित किए जाते हैं । क्षेत्र के लोगों ने सरकार से मांग की है कि रसोई गैस सिलेंडर को पहले की भांति माह मेें प्रदान किया जाए ताकि लोग आसानी से जीवन यापन कर सके ।
खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक रंजना सूद ने बताया कि 45 दिन उपरांत रसोई गैस बुक की अवधि भारत सरकार ने तय की है वही इसे कम कर सकते हैं ।



