हमीरपुर, 14 अगस्त: पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में आज “नई-नई फकीरी, ठूंठों का अकाल” जैसे हालात हैं। लंबे समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह ने वर्षों पहले सही भविष्यवाणी की थी कि अगर ठाकुर सुखविंदर सिंह को कभी मौका मिला तो यह प्रदेश को डुबो देंगे और हिमाचल का बेड़ा गर्क कर देंगे। राजेंद्र राणा ने आज हमीरपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीरभद्र सिंह का वीडियो क्लिप दिखाते हुए कहा कि उन्होंने इन्हें प्रदेश का सबसे बड़ा ब्लैकमेलर बताया था और आज यह बात सच साबित हो रही है।
राणा ने आरोप लगाया कि अब तक जितनी भी सरकारें रहीं, उन्होंने मिलकर 65 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया, जबकि मौजूदा सरकार ने सिर्फ अढ़ाई साल में 40 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ा दिया। इसके बावजूद प्रदेश का खजाना खाली है, ठेकेदारों की पेमेंट रुकी हुई है, कर्मचारियों-पेंशनरों को भत्ते और मेडिकल बिलों का भुगतान नहीं हो रहा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश के हर मुख्यमंत्री का अपना एक विजन था और वह जनता के बीच जाकर उनसे लगातार जुड़े रहते थे। लेकिन यह पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो जनता से कन्नी काट जाते हैं।
देहरा उपचुनाव का जिक्र करते हुए राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर अपनी पत्नी को जिताने के लिए कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक से दोनों हाथों से पैसा लुटाया। 66 महिला मंडलों को 34 लाख रुपये बांटे गए, जबकि कोऑपरेटिव विभाग मुख्यमंत्री के पास है। उन्होंने कहा कि वोट हासिल करने और अपनी पत्नी को जताने के लिए सरकारी धन का खुलेआम इस्तेमाल हुआ। यही है मुख्यमंत्री की ईमानदारी और दरियादिली, जो अपनी निजी जमीन के लिए आईपीएच विभाग से 18 लाख रुपये का मुआवजा लेते हैं और सरकारी पैसे से करोड़ों के डंगे लगवाते हैं।
राणा ने पेखुवेला सोलर प्रोजेक्ट में घोटाले के आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार विरोधियों पर झूठे केस बनवा रही है और तानाशाही रवैया अपना रही है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा के बंद पड़े क्रेशर पर “पुलिसिया कार्यवाही” करवाने से मुख्यमंत्री की मानसिकता जगजाहिर हो गई है। उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधि इस तरह की दमनकारी नीति से डरने और झुकने वाले नहीं है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर भी एफआईआर दर्ज कराकर उनकी जुबान बंद करने की कोशिश की जा रही है, जो 1975 के आपातकाल की याद दिलाती है।
पत्रकार वार्ता में राजेंद्र राणा ने कहा कि इतने कम समय में प्रदेश में इतनी अराजकता, कर्ज और अव्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गई। उन्होंने दोहराया कि वीरभद्र सिंह की चेतावनी आज अक्षरशः सच साबित हो रही है और हिमाचल “नई-नई फकीरी, ठूंठों का अकाल” जैसी स्थिति से गुजर रहा है।










