शिमला 10 दिसंबर । जुन्गा से सटे कोटी में बीते करीब तीन दशकों से कार्यरत कृषि विक्रय केंद्र के बंद होने से क्षेत्र के किसानों ने सरकार के प्रति नाराजगी जाहिर की है । कोटी पंचायत के प्रधान रमेश शर्मा सहित अनेक किसानों ने बताया कि कृषि विक्रय केंद्र के बंद होने से क्षेत्र की सात पंचायतों के किसानों को बीज व अन्य कृषि संबधी उपकरण को लेने के लिए मशोबरा जाना पड़ेगा । उन्होने बताया कि कोटी पंचायत के अतिरिक्त दरभोग, सतलाई, पीरन, बलोग, जनेडघाट, भरांडी पंचायतों के किसान इस केंद्र के बंद होने से प्रभावित होगें और इन किसानों को बीज व अन्य कृषि संबधी उपकरण के लिए मशोबरा जाना पड़ेगा। जहां पहूंचने की क्षेत्र के किसानों को तीन बसें बदलने के साथ साथ आना जाना 120 किलोमीटर से ज्यादा सफर पड़ेगा । जिससे समय व धन की हानि होगी ।
रमेश शर्मा ने बताया कि कृषि विक्रय केंद्र कोटी में बीते कई वर्षों से कृषि प्रसार अधिकारी का पद रिक्त पड़ा है । मशोबरा ब्लॉक मुख्यालय से कभी कभार कर्मचारी इस केंद्र में आकर किसानों को बीज इत्यादि प्रदान करते रहे हैं । इनका कहना है कि मशोबरा ब्लॉक मुख्यालय में कृषि प्रसान अधिकारी का एक पद भरा गया है शेष फील्ड के सभी सात कृषि विक्रय केंद्रों पर कर्मचारी न होने से ताले लटके हुए हैं ।
प्रगतिशील किसान दयाराम वर्मा, प्रीतम सिंह ठाकुर, दौलत राम मेहता सहित अनेके किसानों ने बताया कि बीते कई वर्षों से इस क्षेत्र में कृषि विभाग द्वारा किसानों को कृषि की नवीनतम जानकारी देने के लिए कोई भी जागरूकता कैंप नहीं लगाया गया है । कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं । विभाग के सहयोग बिना किसान स्वयं अपने स्तर पर खेती व नकदी फसलों का उत्पादन कर रहे हैं ।
कृषि उप निदेशक शिमला अजब नेगी ने बताया कि कृषि प्रसार अधिकारी के पद भरने पर इस केंद्र को पुनः क्रियाशील बनाया जाएगा ।






