हमीरपुर, 22 जुलाई: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार की नई रोजगार नीति को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि सरकार युवाओं के भविष्य से खुला धोखा कर रही है, और बेरोजगारी के नाम पर राजनीतिक नौटंकी रचाई जा रही है।
आज यहां जारी एक बयान में राणा ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने की बजाय सरकार ने ऐसा तुगलकी फरमान जारी किया है, जिसमें युवा को पहले परीक्षा देनी है, फिर ट्रेनिंग लेनी है और फिर दोबारा परीक्षा देनी है। राजेंद्र राणा ने सवाल उठाया कि यह कौन-सा कानून है? ओर क्या यह सरकार युवाओं को मानसिक उत्पीड़न देने के एजेंडे पर काम कर रही है?”
राजेंद्र राणा ने सरकार की इस नोटिफिकेशन को युवाओं और उनके परिवारों के साथ क्रूर मज़ाक बताते हुए कहा कि सरकार की मंशा रोजगार देने की नहीं, बल्कि बेरोजगारी को और गहराने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के परिणाम होल्ड पर रख दिए, और अब दोहरी परीक्षा प्रणाली थोपकर नौजवानों को अपमानित और हतोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियां युवाओं को नशे और अपराध की ओर धकेल रही हैं। उन्होंने कहा जब युवा को अवसर नहीं मिलेगा, तो वह हताश और निराश होकर गलत राह पकड़ने को मजबूर होगा , जिसके लिए सरकार उत्तरदाई होगी। उन्होंने कहा यह सरकार केवल भाषणों में गरीबी हटाने की बात करती है, लेकिन असल में गरीबों को ही सिस्टम से हटाने पर आमादा है।
राणा ने सवाल उठाया कि जिन युवाओं ने दिन-रात मेहनत करके परीक्षा पास की, उनके साथ ऐसा व्यवहार बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा करके युवाओं का मनोबल तोड़ रही है। उनका आत्मविश्वास छीना जा रहा है।
उन्होंने चेताया कि जनता सब देख रही है और हर गलत फैसले का हिसाब समय आने पर लिया जाएगा। राजेंद्र राणा ने कहा की बड़ी उम्मीद के साथ कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र से प्रभावित होकर जनता ने इस सरकार को सत्ता सौंपी थी, लेकिन अब यह सरकार सत्ता के नशे में युवाओं का भविष्य कुचल रही है और लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।







