-क्या शिक्षा विभाग नियुक्ति पत्र जारी करने को सक्षम नहीं
शिमला 30 जून । सरकार द्वारा इन दिनों राज्य में करीब आठ हजार अंशकालिक मल्टी टास्क वर्करज के पद भरे जा रहे हैं। इन पदों को भरे जाने पर भी सरकार द्वारा दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे है ताकि मल्टी टास्क वर्कर भविष्य में नियमित करने की मांग न कर सके । बता दे कि अंशकालिक मल्टी टास्क वर्करज का चयन एसडीएम की अघ्यक्षता में किया जा रहा है जिसमें खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी और एसएमसी प्रधान को सदस्य बनाया गया है । नियुक्ति पत्र शिक्षा विभाग नहीं बल्कि स्कूल प्रबंधन कमेटी के प्रधान द्वारा जारी किए जा रहे हैं ं। यह बात लोगों के गले से नहीं उतर रही है ।
बुद्विजीवी वर्ग का कहना है कि जब शिक्षा विभाग द्वारा आवेदन आमंत्रित किए गए थे और अंकों के आधार पर चयन किया गया है। तो नियुक्ति पत्र भी विभाग अथवा संबधित हैडमास्टर को जारी करने चाहिए थे । जबकि अनेक एसएमसी प्रधान कम शिक्षित और कई सरकारी सेवा में कार्यरत है जिनको सरकार ने नियुक्ति पत्र जारी करने को प्राधिकृत किया गया जोकि बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ है । सवाल उठता है कि शिक्षा विभाग नियम एंव चयन कर सकता है परंतु नियुक्ति पत्र जारी नहीं कर सकता है यह एक बहुत बड़ी विडंबना है ।
जुन्गा क्षेत्र के बेरोजगार युवा रजनीश, रमेश, इंद्रजीत , सुरेन्द्र सहित अनेक युवाओं ने बताया कि जमीन दान करने वाले व्यक्ति को प्राथमिकता दी गई है जोकि पहले ही धनाढय श्रेणी मेें आते है । बीपीएल, अनुसूचित जाति इत्यादि को एक ही श्रेणी में रखा गया है इत्यादि बहुत खामियां रही है जिसमें गरीब लोगों को कोई फायदा नहीं मिला है । यही नहीं ज्यादा उम्र वाले व्यक्ति को भी प्राथमिकता दी गई है जबकि कम उम्र के पात्र और गरीब अनेक बच्चे नौकरी मिलने से वंचित रह गए ।
वरिष्ठ नागरिक केश्वानंद शर्मा , विश्वानंद ठाकुर सहित अनेक लोगों का कहना है सरकार द्वारा बेरोजगारों के साथ भददा मजाक किया जा रहा है । मल्टी टास्क वर्करों को न्यूनतम वेतन देने के बजाए 5625 मासिक मानदेय पर पूरा दिन अर्थात आठ घंटे काम करना पड़ेगा। जिससे इस वर्ग का शोषण संभव है । सरकार को इनके मानदेय बारे भी गंभीरता से विचार करना चाहिए ।
खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी मशोबरा बसंती देवी से जब इस बारे बात की गई कि तो उन्होने मल्टी टास्क वर्करज के चयन व नियुक्ति नियमों में सरकार द्वारा ऐसा प्रावधान किया गया है ।



