हमीरपुर ,8 फरवरी:
हिमाचल प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि एक ओर प्रदेश सरकार आर्थिक तंगी का रोना रो रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री और उनके करीबी सरकारी खजाने का खुलकर दुरुपयोग कर रहे हैं।
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री आए दिन यह कहते नहीं थकते कि प्रदेश का खजाना खाली है और केंद्र से पर्याप्त मदद नहीं मिल रही, लेकिन उनके रहन-सहन और खर्चे देखकर लगता है कि सरकार खुद ही प्रदेश की वित्तीय हालत को बिगाड़ रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हिमाचल के इतिहास में पहली बार इस सरकार के कार्यकाल में कोषागार बंद होने की नौबत आई है, जो बेहद शर्मनाक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आम जनता को मितव्ययिता का पाठ पढ़ाते हैं, जबकि खुद फाइव स्टार होटलों में ठहरते हैं। राणा ने कहा कि पिछले कल मुख्यमंत्री चंडीगढ़ दौरे के दौरान फाइव स्टार होटल में रात गुजारते पाए गए और अपनी सुरक्षा व्यवस्था को भी दरकिनार कर दिया। राणा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार के पास अपना हिमाचल भवन उपलब्ध है, तो वहां रुकने के बजाय महंगे होटलों में ठहरने की क्या मजबूरी है? देर रात फाइव स्टार होटल में जाना, सुरक्षा को इधर-उधर करना और गुप्त बैठकों का सिलसिला कई शंकाएं पैदा करता है। आखिर इन होटलों में रात के अंधेरे में कौन-सी डील होती है, कौन-सी फाइलें पास होती हैं और प्रदेश की जनता को उसका क्या फायदा मिलता है?
उन्होंने पूछा कि यदि खजाना खाली है तो इन होटलों के भारी-भरकम बिल कौन चुका रहा है? यदि कोई और भुगतान कर रहा है, तो बदले में उसे क्या लाभ दिया जा रहा है? अगर किसी और के नाम पर कमरे बुक होते हैं और मुख्यमंत्री वहां ठहरते हैं, तो यह भी अपने आप में गंभीर सवाल है।
राजेंद्र राणा ने व्यंग्य करते हुए कहा कि क्या हिमाचल भवन में कोई ऐसी दिक्कत है कि मुख्यमंत्री वहां नहीं रुक सकते? या फिर फाइव स्टार संस्कृति ही इस सरकार की पहचान बन चुकी है? उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब जवाब चाहती है और सरकार को पारदर्शिता बरतनी होगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को जनता के पैसों का हिसाब देना ही होगा, क्योंकि प्रदेश का खजाना जनता का है, किसी व्यक्ति विशेष की मौज-मस्ती का साधन नहीं।







