शिमला
हिमाचल के विभिन्न क्षेत्रों में बम से उड़ाने वाली ईमेल की धमकियों से लोगो की बीच डर का मोहोल पैदा हो गया है । पिछले तीन महीने से विभिन विभागों को उड़ाने की धमकियाँ मिल चुकी है पर इस पर अभी तक कांग्रेस सरकार व् पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए है ।
बुधवार को भी ऐसी ही ईमेल शिमला के तीन नामी स्कूलों को भेजी गई जो बाद में फर्जी निकलीं। इस पर अभिभावकों ने अपनी निराशा और चिंता व्यक्त की है और अधिकारियों से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है ।
बता दे बम की धमकियों के बाद एहतियातन स्कूलों को खाली करवाए गया और अभिभावकों को फ़ोन किए गए ताकि वह अपने बच्चे को घर लेजा सके । जहा एक तरफ अभिभावकों के लिए चिंता की स्थिति पैदा हो गई थी वहीँ बच्चो के मन में एक डर बैठ गया है । क्या हमारा स्कूल सुरक्षित नहीं ?
रचना झीना शर्मा, राजनितिक ने भी अपनी फेसबुक पोस्ट पर लिख कर प्रशासन से अपील की है की ” आज के बच्चे (our new generation) हमारे देश और समाज के लिए कल का हमारा सुनहरा भविष्य है। पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सभी स्कूलों की तस्सली पूर्वक जाँच करें और यदि आवश्यकता पड़े को स्कूलों की सुरक्षा भी बढ़ाई जाएं ताकि अभिभावक और स्कूल प्रशासन निश्चिंत हो कर बच्चों को पढ़ा सके। पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार को ऐसी धमकी देने वालो पर तुरंत सख्त कारवाई करनी चाहिए।”
सिर्फ एक रचना ने नहीं बल्कि हरेक अभिभावक जिनके बच्चे स्कूल जाते है उनका यही कहना है। बैंक मैनेजर प्रेरणा शर्मा जिनका बेटा st.edward में पड़ता है उन्होने कहा , “स्कूलों को बम की धमकियाँ मिलना बेहद चिंताजनक है। इससे न सिर्फ़ डर पैदा होता है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई भी बाधित होती है। “हो सकता है कि ये सब अफवाह निकले, लेकिन माता-पिता होने के नाते, हम डरे हुए हैं।”
अनीता मेहरा, हाउस वाइफ ने कहा कि यह अनिश्चितता बेहद परेशान करने वाली है। “हम सुनते रहते हैं कि ये धमकियाँ झूठी हैं, लेकिन कोई भी माता-पिता कैसे शांत रह सकता है? जैसे ही मुझे फ़ोन आया, मैं सब कुछ छोड़कर यहाँ दौड़ी चली आई। जब मैं अपनी बच्ची को लेने आई, तो वह भी बहुत चिंतित थी।
अधिवक्ता तरुण शर्मा ने बार-बार मिल रही धमकियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। शर्मा ने कहा, “लगातार मिल रही बम की धमकियों से हम सभी बेहद चिंतित और चिंतित हैं। हमारे बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है और ऐसी घटनाएँ पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।” उन्होंने अधिकारियों से दोषियों की पहचान और उन्हें पकड़ने के लिए तत्काल और कड़े कदम उठाने का आग्रह किया। शर्मा ने यह भी कहा कि अभिभावक और छात्र दोनों ही भय के साये में जी रहे हैं, और शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा की भावना बहाल करना ज़रूरी है।







