हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन हुआ है। वहीं कई जगह पेड़ गिरने से वाहनों को नुकसान पहुंचा है। वहीं, प्रदेश में कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बाधित है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला की ओर से सोमवार सुबह जारी बुलेटिन में प्रदेश के मैदानी व मध्य पर्वतीय भागों के लिए 26 और 27 अगस्त को फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में 29 अगस्त तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है।
बीती रात से सुबह तक मंडी में 32.6, शाहपुर 24.5, डलहौजी में 18.0, शिमला 12.5, धर्मशाला 10.4, चंबा 10.0 और पांवटा साहिब 8.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में कई जगह भूस्खलन की पेड़ गिरने की आशंका भी जताई है। पर्यटकों व स्थानीय लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी गई है। लोक निर्माण विभाग ने प्रदेश में सड़कें बहाल करने के लिए फील्ड में 15 हजार कर्मचारी लगाए हैं। बारिश और तूफान से मक्की की फसल को भी नुकसान हुआ है।
उधर, राजधानी शिमला में दूसरे दिन भी शहर के कई भागों में भूस्खलन और पेड़ों के गिरने का सिलसिला जारी है। शहर के विकासनगर में देवदार का एक पेड़ सड़क किनारे खड़ी कार पर गिर गया। इससे कार को काफी नुकसान पहुंचा है। पेड़ गिरने से सड़क भी कई घंटों बंद रही। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर के केलटी में भी देवदार का एक पेड़ उखड़ गया। इससे सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए बाधित हो गई। बता दें, रविवार को भी शहर में आधा दर्जन से अधिक पेड़ ढहने और भूस्खलन होने से यातायात बाधित रहा था। कई इलाकों में रविवार दिन भर बिजली भी गुल रही थी।
वहीं, कालका-शिमला हाईवे पर पहाड़ी से फिर पत्थर गिरे हैं। धर्मपुर में सुबह सात बजे शिमला रोड पर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के विपरीत पहाड़ से भूस्खलन होने से दो वाहन बाल-बाल बचे। हालांकि एक वाहन को नुकसान पहुंचा है। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ।








