भूस्खलन के खतरे से रोकने के लिए नदी के किनारे सुरक्षा दीवार की ग्रामीणों की मांग
जिला कुल्लू की पर्यटन नगरी मणिकर्ण का शिल्हा गांव खतरे में आ गया है। गांव के नीचे भूस्खलन हो रहा है। यह लगातार बढ़ रहा है। अब गांव के पास दरारें आनी शुरू हो गई हैं। इससे गांव के लोगों में खौफ का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2023 की बाढ़ में पार्वती नदी के तेज बहाव से भूमि कटाव हुआ था। इस कारण भूस्खलन शुरू हुआ था। वर्ष 2024 में भूस्खलन थम गया था लेकिन इस बार बरसात में एक बार फिर भूस्खलन जारी हो गया है जिसके कारण बरशैणी पंचायत के शिल्हा गांव के 135 परिवार खतरे में पड़ गए हैं। गांव के लोगों का कहना है कि वर्ष 2023 में शुरू हुए भूस्खलन के बाद हालांकि जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने इसे रोकने के लिए प्राक्कलन बनाना शुरू किया था लेकिन अभी तक यह प्राक्कलन सिरे नहीं चढ़ पाया है। भूस्खलन नदी से शिल्हा गांव की ओर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में शिल्हा के लोगों ने जिला प्रशासन, जलशक्ति विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि गांव को भूस्खलन के खतरे से रोकने के लिए नदी के किनारे सुरक्षा दीवार लगाई जाए जिससे गांव पर मंडरा रहा खतरा कम हो सके।








