मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक; पांच कर्मचारी संगठनों को न्योता, मुख्य सचिव-वित्त सचिव समेत सीनियर अफसर भी होंगे शामिल
23जनवरी, शिमला
हिमाचल में पे रिविजन रूल्स में संशोधन की पृष्ठभूमि तैयार हो गई है। मुख्यमंत्री ने रविवार को पांच कर्मचारी संगठनों को चर्चा के लिए बुलाया है। यह बैठक मुख्यमंत्री निवास में दिन को 12 बजे होगी। इसमें मुख्य सचिव राम सुभाग सिंह और अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना भी भाग लेंगे।

जिन कर्मचारी संगठनों को बुलाया गया है, उनमें अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष और महासचिव राजेश शर्मा शामिल हैं। इसके अलावा चार संगठन शिक्षा विभाग से संबंधित हैं। इनमें स्कूल प्रवक्ता संघ के अध्यक्ष केसर सिंह ठाकुर, प्राइमरी टीचर फेडरेशन के अध्यक्ष हेमराज ठाकुर, अध्यापक संघ के अध्यक्ष नरेश महाजन और शिक्षक महासंघ के महामंत्री मामराज पुंडीर बैठक में शामिल होंगे।
ये सभी कर्मचारी संगठन अलग-अलग स्तरों पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर मांग कर चुके हैं। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की तरफ से मुख्य तौर पर तीन मांगें संशोधन के लिए रखी गई हैं। इनमें कर्मचारियों को 15 फ़ीसदी वेतन वृद्धि का विकल्प देना, हायर ग्रेड पे का मसला हल करना और 4-9-14 की एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन स्कीम को बहाल करना शामिल है। इससे पहले शनिवार दोपहर को भी फाइनेंस सेके्रटरी प्रबोध सक्सेना के साथ मुख्यमंत्री की बैठक हुई। इस बैठक में भी इन सभी मसलों को चर्चा में लिया गया। लेकिन क्योंकि मुख्य सचिव शनिवार को मौजूद नहीं थे इसलिए रविवार को फिर से बैठक रखी गई।
नहीं बुलाए संयुक्त कर्मचारी महासंघ के संगठन
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से संयुक्त कर्मचारी महासंघ में शामिल हुए संगठनों के प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया है। इस महासंघ का गठन दो रोज पहले ही हुआ था। इसमें राजकीय अध्यापक संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान को अध्यक्ष और बिजली बोर्ड कर्मचारी संगठन से हीरा लाल वर्मा को महासचिव बनाया गया था। इन लोगों ने भी फाइनांस सेके्रटरी को अपना ज्ञापन दिया है और मांग की है कि हिमाचल के कर्मचारियों को पंजाब के बराबर ही बेसिक सैलरी दी जाए। इससे कम एक पैसे पर वह सहमत नहीं हैं।
कर्मचारियों को दो फरवरी तक देना है विकल्प
तीन जनवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार कर्मचारियों को विकल्प देने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। यह समय अभी दो फरवरी तक का है। यदि कोई कर्मचारी दो फरवरी तक अपना विकल्प नहीं देता है तो उसका हैड आफ आफिस अपने आप विकल्प दे देगा। डीडीओ उस हिसाब से पे फिक्सेशन कर देगा, लेकिन यदि सरकार चाहे तो विकल्प देने की अवधि को बढ़ाया जा सकता है, इसका फिर अर्थ यह होगा कि नया पे-कमीशन पहली फरवरी को नहीं मिलेगा। यह मार्च से भी लागू हो सकता है।








