शिमला 21 अगस्त – कसुम्पटी निर्वाचन क्षेत्र के गिरि नदी पर बने नारिगा पुल से आगे सिरमौर जिला के जघेड़ को जोड़ने वाली केवल सवा किलोमीटर लंबी सड़क काफी जोखिमपूर्ण बन गई है । । सड़क के इस हिस्से में तीन कैंची पड़ती है जिसमंें से दो कैंचियां काफी तंग है। बस व ट्रक चालक बड़ी कठिनाई से इन कैंचियों को काटते हैं । मामूली सी गलती होने पर कभी भी कोई हादसा पेश आ सकता है । इसके अतिरिक्त इस सड़क का करीब 250 मीटर हिस्सा ढांक से गुजरता है । करीब 35 वर्ष पहले बनी इस सड़क पर आजतक लोक निर्माण विभाग ने सुरक्षा दृष्टि से कोई पैराफिट अथावा क्रेश बेरियर नही लगाए है । सड़क के ढांक वाले हिस्से में भारी टक्कर होने से सब्जियों इत्यादि से भरी गाड़ियां नहीं चढ़ पाती है और कई बार सब्जियों से भरी गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी है।
पीरन पंचायत के पूर्व प्रधान बालक राम निर्मोही , दयाराम वर्मा, दौलत राम मेहता सहित अनेक लोगों ने बताया कि छलंडा-पीरन- जघेड़ सड़क की हालत बरसात में काफी दयनीय हो गई है । बीते दो वर्षों में आंजी से लेकर पीरन -खालटू तक सारी सड़क गडडों में तबदील हो चुर्की है परंतु विभाग बजट न होने के कारण सड़क के इस हिस्से को पक्के करने में लाचार है । ठूंड नाला में सड़क का काफी हिस्सा टूट गया है जहां पर वाहनों के आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है ।
स्थानीय लोगों ने सरकार से नारिगा पुल से जघेड़ तक की सड़क के ढांक और कैंची को खुला करने व क्रेश बेरियर लगाने की मांग की है ।
सहायक अभियंता लोनिवि जुन्गा देवेश ठाकुर ने बताया कि नारिगा पुल से जघेड़ तक के जोखिम भरे हिस्से में क्रेश बेरियर लगाने के लिए तीस लाख का एस्टीमेट बनाकर भेजा है। धन का प्रावधान होने पर ढांक व कैंची में क्रेश बेरियर लगा दिए जाएगें ।



