जुन्गा से सटी दरभोग पंचायत के गांव सेरडगोन के बांशिदे बीते 15 वर्षों से गंदा पानी पीने को मजबूर है । विभाग द्वारा इस योजना के पानी को शुद्ध करने के लिए फिल्टर इत्यादि की कोई व्यवस्था नहीं की गई है । खडड से बहने वाला पानी सीधे तौर पर गांव के भंडारण टैंट में आता है जहां पर लोग इसका इस्तेमाल पीने के पानी के लिए कर रहे हैं । गांव के लोगों का आरोप है कि बार बार आग्रह के बावजूद जल शक्ति विभाग कोटी के अधिकारी इस गंभीर समस्या बारे कोई सुध नहीं ले रहे है । यही नहीं विभाग द्वारा बरसात के दौरान भंडारण टैंक की सफाई और ब्लीचिंग पॉऊडर भी नहंी डाला गया । जिस कारण हर वर्ष बरसात में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है ।
गौरतलब है कि सेर-डगोण के लिए वर्ष 1974 में सबसे पहले पराड़ी नाला से योजना तैयार की गई थी। गांव की आबादी में वृद्धि होने पर इस योजना का वर्ष 2006 में संवर्धन किया गया था । गांव के वरिष्ठ नागरिक लायक राम ठाकुर ने बताया कि इस योजना में कोई भी फिल्टर नहीं लगे हैंे और करीब 110 से अधिक आबादी वाले गांव के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है । गंदे पानी के सेवन सेे लोगों को पेट संबधी बिमारियां हमेशा लगी रहती है जिसके इलाज पर भारी भरकम रकम हर बरसात के मौसम में खर्च करनी पड़ती हैं।
बताया कि वर्ष 2006 के उपरांत विभाग द्वारा कोई भी डिस्ट्रिब्यूशन पाईपें भी नहीं लगाई है और लोगों द्वारा भंडारण टैंक में रबड़ की पाईपें डालकर अपने घरों तक पानी पहूंचाया गया है । जल शक्ति विभाग में नौकरी कर चुके लायक राम ठाकुर ने बताया कि लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध करवाना जल शक्ति विभाग का दायित्व है ताकि जलजनित रोगों के फैलने की कोई संभावना न हो । परंतु विभाग द्वारा योजना के सवंर्धन के दौरान पानी को शुद्ध करने के लिए कोई फूलपूफ व्यवस्था नहीं की गई है । पराड़ी खडड से गंदा पानी बगैर शुद्ध किए सीधे टैंक में आता है । बताया कि उनके द्वारा विभाग के कार्यालय कोटी में जाकर इस समस्या बारे अनेकों बार आग्रह किया गया परंतु बीते 15 वर्षों से विभाग के अधिकारी आश्वासन ही मिले हैं । इसी प्रकार जिला भाजपा सदस्य प्रीतम सिंह ठाकुर ने बताया कि ट्रहाई पेयजल योजना में भी कोई फिल्टर नहीं लगाए गए है । यहीं नहीं पूरे बरसात के दौरान विभाग द्वारा टैंकों में कहीं पर भी ब्लींचिंग पाऊडर भी नहीं डाला गया ।
जेएसवी विभाग के जेई राजकुमार ने बताया कि इस योजना में गेटवॉल सहित अन्य कार्य ठेकेदार को अवार्ड कर दिए गए है और शीघ्र ही इस कार्य को पूरा कर दिया जाएगा । इन्होने स्पष्ट किया कि यह कार्य पहले जिस ठेकेदार को दिया गया था वह छोड़कर चला गया है और अब इस कार्य को अन्य एक ठेकेदार को अवार्ड कर दिया है।








