हिमाचल प्रदेश सरकार ने वाटर सेस लगाने के नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। इसमें प्रावधान किया गया है कि अगर बिजली परियोजनाओं के प्रबंधन ने वाटर सेस के लिए आवेदन नहीं किया तो उन पर पेनल्टी लगाई जाएगी। इसके लिए निर्धारित प्रपत्र पर इसके लिए गठित आयोग के पास आवेदन करना होगा। आवेदन के लिए निर्धारित प्रपत्र भी जारी किया गया है।
राज्य सरकार ने इसके लिए जल विद्युत उत्पादन पर जल उपकर नियम 2023 अधिसूचित किए गए हैं। इसके अनुसार जल विद्युत परियोजनाओं को लगाने वालों को संबंधित पानी के उपयोग के लिए इस संबंध में बनाए जा रहे आयोग के पास आवेदन करना होगा।
इसके लिए पांच सौ रुपये के शुल्क के साथ प्रस्तावित प्रारूप पर आवेदन करना होगा। इसके बाद इस प्रमाणपत्र पर आयोग योजना का नाम, इस्तेमाल किए जा रहे पानी की मात्रा, वाटर यूजेस चार्जेस आदि का ब्योरा स्पष्ट करेगा।
आयोग को एक अंडरटेकिंग भी देनी होगी। इन नियमों के साथ तमाम तरह के आवेदनों और संबंधित प्रमाणपत्र का विवरण भी संलग्न किया गया है। अगर कोई भी निर्धारित समय के 15 दिन के भीतर आवेदन नहीं कर पाया तो ऐसे में उस परियोजना को पंजीकृत माना जाएगा और देरी की गई अवधि के लिए पेनल्टी लगाई जाएगी। इस आयोग की ओर से एक्ट के अनुसार देय बिल के मुताबिक लगाया जाएगा। पानी के उपयोग की सूर्योदय और सूर्यास्त तक के हिसाब से गणना की जाएगा।







