हिमाचल में उपचुनाव के नामांकन से पहले ही भाजपा और कांग्रेस में बगावत शुरू हो गई है। भाजपा में तीन विधानसभा सीटों में से तीनों पर ही बगावत हो री है। जुब्बल कोटखाई में टिकट कटने के बाद नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा पहले सीएम से मिलने के लिए शिमला की तरफ चले थे, लेकिन बाद में कार्यकर्ताओं के सुझाव पर वापस कोटखाई चले गए हैं।
अब चेतन बरागटा आज यानि शुक्रवार सुबह नामांकन दायर करेंगे। यहां एक संयोग यह होगा कि जुब्बल कोटखाई में नामांकन के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी जा रहे हैं और वह भाजपा प्रत्याशी नीलम सरैक के नामांकन में शामिल होंगे।
दूसरी तरफ अर्की में भी शुक्रवार को भाजपा प्रत्याशी रतन पाल सिंह के साथ-साथ पूर्व विधायक गोविंदराम शर्मा भी नामांकन करने जा रहे हैं।
उधर, फतेहपुर की बात करें तो कृपाल परमार ने खुद नामांकन करने का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उनके मंडल ने इस्तीफे दे दिए हैं और यह संभव है कि मंडल में से ही किसी एक को आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ाया जाएगा ।
इस तरह से भाजपा हर सीट पर विधानसभा के मामले में बगावत झेल रही है। दूसरी तरफ कांग्रेस में यदि जुब्बल कोटखाई को छोड़ दें जहां सिर्फ रोहित ठाकुर ही प्रत्याशी हैं, तो बाकी दो विधानसभा सीटों में हालात अच्छे नहीं हैं। अर्की ब्लॉक कांग्रेस में राजेंद्र ठाकुर के समर्थन में इस्तीफे होने के बाद कांग्रेस ने ब्लॉक को भंग कर दिया था, लेकिन अब शुक्रवार को पता चलेगा कि राजेंद्र ठाकुर या उनके समर्थक में से कौन चुनाव लड़ता है।
दूसरी तरफ फतेहपुर में कांग्रेस ब्लॉक ने ही कांग्रेस प्रत्याशी भवानी पठानिया पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए उनकी दावेदारी का विरोध किया है। हालांकि उनके समानांतर प्रत्याशी कोई चुनाव लड़ता है या नहीं। यह शुक्रवार को नामांकन के आखिरी दिन पता लगेगा।
लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की संभावित बगावत को थामने के लिए मुख्यमंत्री ने खुद कमान संभाली है। सीएम जयराम ठाकुर मंडी संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी ब्रिगेडियर खुशाल सिंह ठाकुर के नामांकन के उपरांत शिमला आए और शुक्रवार शाम पांच बजे सीधा पार्टी ऑफिस दीपकमल गए। करीब चार घंटे मुख्यमंत्री पार्टी कार्यालय में रुके और चुनाव प्रचार की अगली रणनीति के साथ बागियों को नियंत्रित करने की रणनीति पर काम किया। इस दौरान उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप, भाजपा महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रवक्ता विनोद ठाकुर, कोषाध्यक्ष संजय सूद एवं अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित थे।








