माननीय उच्चतम न्यायालय ने पलटा हिमाचल उच्च न्यायालय का फैसला 556 JOA IT केस को लेकर
शिमला
बहुचर्चित JOA IT केस में माननीय उच्चतम न्यायालय ने SLP No 730/2022 अंकिता ठाकुर vs राज्य हिमाचल प्रदेश मामले में बड़ा निर्णय सुनाया है। यह मामला पिछले करीब 2 वर्षों से माननीय उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन था। मामले में पोस्ट कोड 556 के चयनित अभ्यर्थियों को राहत देते हुए रिजल्ट को रिकास्ट करने के हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के निर्णय को रद्द कर दिया है।
गौरतलब है कि पोस्ट कोड 556 447 का केस 2019 से चला आ रहा है । जिसमें वर्ष 2020 में उच्च न्यायालय शिमला के मुख्य न्यायाधीश ने रिकॉग्निज़े डिप्लोमा होल्डर के पक्ष में निर्णय सुनाया गया । जिसे बाद में उनरेकॉग्निसेड डिप्लोमा होल्डर ने रिव्यू डाल कर मुख्य न्यायाधीश के निर्णय को चुनौती दी और दिसम्बर 2021 में एकतरफा सुनवाई मे उच्च न्यायालय ने मुख्य न्यायाधीश के निर्णय को पलट कर नौकरी में लगे लगभग 580 JOA IT को नौकरी से बाहर करने के आदेश कोर्ट से जारी किये ।
बाद में नौकरी में लगे उन अभ्यर्थियों ने अपनी नौकरी बचाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और तकरीबन डेढ़ वर्ष के बाद 9 नवंबर 2023 को
सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के निर्णय को पलट कर पुनः पोस्ट कोड 556 के पक्ष में निर्णय सुनाया ।
JOA 556 के केस की इस अहम जीत में अहम किरदार एडवोकेट मिस कविता वाडिया का रहा । इस महत्वपूर्ण जीत पर शिमला टीम के सदस्य अंकिता ठाकुर, वरुण ठाकुर, कमल शर्मा, मनोरमा हिमराल जी ने अधिवक्ता कविता वाडिया का तहे दिल से धन्यवाद किया । विदित रहे कि पूर्व में भी पुनीत शर्मा और अन्य vs हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड SLP No 10533/2020 के केस में अधिवक्ता कविता वाडिया ने ही अभ्यर्थियों की तरफ से जिरह की थी और उस मामले में अभ्यर्थियों को जीत दिलाई थी।








