SJVN Ropes in REIL For Development of Solar Energy Projects
SHIMLA: 16th February 2022 SJVN Limited has entered into an MOU with Rajasthan…
हिमाचल की No.1 मोक्ष मीडिया सर्विसेज ने पूरे किए अपने 10वर्ष, कुछ ऐसा था सफर
मंडी,16 फरवरी पिछले लंबे समय से मीडिया क्षेत्र में कार्य कर रही…
माई वोट इज माई फ्यूचर-पावर ऑफ वनज़ वोट’ थीम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता
16फरवरी, कुल्लू भारतीय निर्वाचन आयोग ‘माई वोट इज माई फ्यूचर-पावर ऑफ वनज़…
बिलासपुर की आस्था बनी कमांड हॉस्पिटल चंडीगढ़ में लेफ्टिनेंट
बिलासपुर,16फरवरी सुभाष चंदेल श्री नैना देवी के स्वारघाट उपमंडल के गांव कोलां…
CMD SJVN inaugurated River Diversion of 66 MW Dhaulasidh Project
SHIMLA :15thFeb, 2022 Nand Lal Sharma, Chairman & Managing Director, SJVN…
UHF Nauni notifies interview and document evaluation dates for various posts
15th February, 2022 Dr.Yashwant Singh Parmar University of Horticulture and Forestry, Nauni…
परिवार के साथ मुख्यमंत्री भरेंगे तिरुपति के लिए उड़ान
शिमला, 15फरवरी हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल बैठक के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर…
शिमला में HRTC की बसों की बैटरियां चोरी
शिमला, 15फरवरी राजधानी के टूटीकंडी बाईपास में पार्क हो रही एचआरटीसी बसों…
ट्रैन की चपेट में आने से 18 साल की युवती की दर्दनाक मौत
Kangra,15 February कांगडा जिला में एक दुःखद हादसा सामने आया है। यहां…
डाबर बनी भारत की पहली ‘प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल’ एफएमसीजी कंपनी
हिमाचल प्रदेश में शुरू किया ‘सेव द एनवायरनमेन्ट’ अभियान शिमला, 14 फरवरी, 2022ः भारत की सबसे बड़ी विज्ञान आधारित आयुर्वेद कंपनी डाबर इंडिया लिमिटेड अब 100 फीसदी ‘प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल कंपनी’ बन चुकी है। डाबर ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान देश भर से लगभग 27,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा कर इसे प्रोसेस और रीसायकल किया है। डाबर इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल करने वाली भारत की पहली कन्ज़्यूमर गुड्स कंपनी बन गई है। आज डाबर उतनी ही मात्रा में प्लास्टिक वेस्ट को इकट्ठा कर इसे प्रोसेस एवं रीसायकल करती है, जितनी मात्रा में यह साल भर में अपने प्रोडक्ट्स की पैकेजिंग के तौर. पर बेचती है। इस तरह डाबर 100 फीसदी ‘प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल’ कंपनी बन चुकी है। यह डाबर इंडिया परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है कि हमने न सिर्फ हमारे शहरों, नगरों और गांवों से प्लास्टिक वेस्ट को इकट्ठा करने के लिए काम किया है, बल्कि इस अपशिष्ट को लैण्डफिल एवं समुद्रों में पहुंचने से रोका भी है। इसमें पीईटी बोतलों, एचडीपीई बोतलों से लेकर पीपी कैप्स, मल्टी लेयर्ड प्लास्टिक और बेवरेज कार्टून तक हर तरह का प्लास्टिक वेस्ट शामिल है। समाज के प्रति ज़िम्मेदार कॉर्पोरेट होने के नाते डाबर हमेशा से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रयासरत रही है। हमने पर्यावरण की सुरक्षा, सामाजिक एवं प्रशासनिक कार्यों में उल्लेखनीय प्रगति की है और अब हम पहली भारतीय प्लास्टिक वेस्ट न्यूट्रल एफएमसीजी कंपनी बन गए हैं।“डाबर इंडिया लिमिटेड के एक्ज़क्टिव डायरेक्टर - ऑपरेशन्स श्री शाहरूख ए. खान ने कहा। डाबर ने साल 2021-22 मे देश भर से 22,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट को इकट्ठा कर इसे प्रोसेस एवं रीसायकल करने का लक्ष्य रखा था। ‘‘हमने निर्धारित समय से तीन महीने पहले ही इस लक्ष्य को हासिल कर लिया है और साल भर के लिए अपने लक्ष्य को बढ़ाकर 26,956 मीट्रिक टन कर दिया है। हम देश भर में सरकार के साथ पंजीकृत रीसायक्लिंग पार्टनर्स के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और हमने शहरों, गावों एवं नगरों में प्लास्टिक वेस्ट में कमी लाने के लिए उल्लेखनीय प्रयास किए हैं। हम आम जनता को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट के बारे में जागरुक भी बना रहे हैं। इकट्ठा किए गए प्लास्टिक वेस्ट को अलग-अलग रीसायक्लर्स, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट एवं सीमेंट किल्न में भेज दिया जाता है।’’ श्री खान ने कहा। प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट नियम 2016, 2018 (संशोधित) के तहत, डाबर ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट प्रयासों की शुरूआत साल 2017-18 में की। इस पहल के तहत डाबर अब तक देश के 150 शहरों में स्थानीय कूड़ा बीनने वालों की मदद से 54,000 मीट्रिक टन प्लास्टिक वेस्ट (रीसायक्लेबल और नॉन-रीसायक्लेबल) को इकट्ठा कर चुकी है। डाबर ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट पर राज्य एवं केन्द्र सरकार के नियमों और निर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने तथा इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सशक्त ऑडिट प्रणाली को भी अपनाया है। “पर्यावरण की सुरक्षा के अपने उद्देश्यों के मद्देनज़र डाबर ने हिमाचल प्रदेश में एक विशेष अभियान ‘सेव द एनवायरमेन्ट’ का लॉन्च भी किया है जो आम जनता को अपने घर में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेन्ट के बारे में जागरुक बनाता है। कंपनी प्लास्टिक बैग्स के बजाए कॉटन बैग््स के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए समुदायों में कॉटन बैग्स भी बांटेगी।“ डाबर इंडिया लिमिटेड में कॉर्पोरेट हैड - एनवायरमेन्ट, हेल्थ एण्ड सेफ्टी श्री तुषार पटनायक ने बताया। हिमाचल प्रदेश में प्लास्टिक वेस्ट संग्रहण अभियान की शुरूआत 2018-19 में की गई और डाबर अब तक राज्य में 870 मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक वेस्ट इकट्ठा कर चुकी है।…