पिता का चेकअप करवाने आई थी लड़की
शिमला
शिमला के आईजीएमसी के डॉक्टर विनय जिष्टु ने नाबालिक से किया दुष्कर्म। पीड़िता अपने पिता के इलाज के लिए अस्पताल आई थी जहाँ डॉक्टर ने उसके साथ दुष्कर्म किया है।
बता दे पीड़िता की शिकायत के अनुसार उसने कहा है कि वह अपने बीमार पिता के इलाज के लिए पिछले 9-10 महीनों से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में आ रही थी। इस दौरान उसकी मुलाकात आरोपित डॉक्टर विनय जिष्टु से 29 अक्टूबर 2024 को ओपीडी हुई। उसी मुलाकत के बाद डॉक्टर ने पीड़िता के साथ नजदीकियां बढ़ाईं और 11 दिसंबर 2024 से 26 अगस्त 2025 तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता उस समय 17 साल की थी।
शिमला के महिला थाने में 4 सितंबर 2025 को याचिकाकर्ता के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(m) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर लिया और हिमाचल उच्च न्यायालय में आरोपी को पेश किया गया।
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राकेश कैंथला ने डॉक्टर विनय जिष्टु की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करी और कहा इसने डॉक्टर-रोगी के रिश्ते का उल्लंघन किया है। अब इसकी अगली सुनवाई होंगी







