शिमला
भारत की 79वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ के अवसर पर, हिमाचल प्रदेश वन विभाग के शिमला वन्यजीव प्रभाग ने कर्मचारियों के असाधारण योगदान को सम्मानित किया । इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश वन्य जीव संरक्षण विभाग के कुल 33 कर्मचारियों को पुरस्कृत किया गया, जिनमें रेंज अधिकारी, उप रेंज अधिकारी क्लर्क, वन रक्षक, चपरासी, वनमित्र, सफाई कर्मचारी, माली, बहुउद्देशीय कार्यकर्ता और चौकीदार शामिल हैं।
DCF वाइल्डलाइफ डॉ शाहनवाज ने कहा ” भारत की 79वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर यह एक नई पहल शुरू की गई । समारोह की अध्यक्षता करते हुए, शिमला वन्यजीव प्रभाग के उप वन संरक्षक, आईएफएस, डॉ. शाहनवाज़ भट्ट ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण, आवास पुनर्स्थापन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने में कर्मचारियों के अथक प्रयासों की सराहना की। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस क्षेत्र में वन्यजीव संरक्षण की सफलता, अक्सर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में, पूरे स्टाफ द्वारा प्रदर्शित प्रतिबद्धता और टीम वर्क का परिणाम है। डॉ. भट्ट ने सभी से इसी जोश और जुनून के साथ काम करते रहने का आग्रह किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि वन्यजीवों की सुरक्षा न केवल एक पेशेवर कर्तव्य है, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति एक नैतिक ज़िम्मेदारी भी है।
हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव विंग में शिमला की वाइल्डलाइफ डिवीजन से लिपिक स्टाफ से दिनेश शर्मा, पीयूष चौधरी, बौद्ध राज और केशव को उनके समर्पण, ईमानदारी और कड़ी मेहनत के लिए सम्मानित किया गया । जबकि मजठाल वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से रेंज अफसर विन्य कुमार , सर्वजीत सिंह और रविंदर सिंह फारेस्ट गार्ड , कुफरी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से राकेश सिंह,फॉरेस्ट गार्ड बाबूराम,फॉरेस्ट वर्कर, बबीता स्वीपर दीपक स्वीपर, ताराचंद एमपीडब्ल्यू को उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया ।

तालरा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से सुमित फॉरेस्ट गार्ड पदम राम फॉरेस्ट वर्कर जबकि चूड़धार वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से फॉरेस्ट गार्ड गोविंद,अरुण, विक्रम को वन्यजीव संरक्षण और क्षेत्र भर में जैव विविधता की सुरक्षा के लिए सम्मानित किया गया । रेणुका जी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से प्रवेश अख्तर फॉरेस्ट गार्ड को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। कॉल.शेर जंग नेशनल पार्क से फॉरेस्ट गार्ड वीरेंद्र सिंह विष चौहान गुलशन कुमार और इंतजार वन मित्रा को वन्यजीव संरक्षण की सफलता के लिए सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया। डॉ. भट्ट ने सभी से इसी जोश और जुनून के साथ काम करते रहने का आग्रह किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि वन्यजीवों की सुरक्षा न केवल एक पेशेवर कर्तव्य है, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति एक नैतिक ज़िम्मेदारी भी है।








