शिमला, 26जनवरी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गणतंत्र दिवस के मौके पर शिमला जिला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय शर्मा और बालूगंज थाना के एसएचओ को पुलिस मैडल से नवाजा है।

जिला पुलिस के उक्त दोनों अधिकारियों को सराहनीय कार्य और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए पुलिस पदक से अलंकृत किया गया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से पदक के लिए चयनित अधिकारियों की सूची जारी की गई है, जिसमें जिला के उक्त दोनों अधिकारियों को भी पुलिस मैडल से अलंकृत करने के लिए शामिल किया गया है। जिला पुलिस के इन अधिकारियों की उपलब्धि को लेकर एसपी शिमला डॉ. मोनिका भुटूंगरू ने पदक के लिए चयनित होने पर बधाई दी है।
शिमला जिला में वर्तमान समय में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत विजय शर्मा वर्ष 1990 में एएसआई के पद पर भर्ती हुए थे। वह सदर थाना शिमला और ढली के एसएचओ रहे। डीएसपी पदोन्नति होने के बाद वह शिमला के अलावा सोलन में भी कार्यरत रहे। काफी समय तक वह विजिलेंस में भी अपनी सेवाएं देते रहें। उन्हें जांच के लिए माहिर माना जाता है। कई अनसुलझे केस उन्होंने सुलझाए है। इसके अलावा नशा माफिया पर नकेल कसने के लिए उन्होंने सराहनीय कार्य किया है।
ब्लाइंड मर्डर केस सॉल्व करना बड़ी उपलब्धि
1986 में कांस्टेबल के पद पर पुलिस में भर्ती हुए एसएचओ बालूगंज लक्ष्मण ठाकुर साल 1991 में हवलदार बने। इसके बाद 2007 में एएसआई पदोन्नत हुए। अपने सेवाकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामले सुलझाए हैं। लक्ष्मण ठाकुर को जांच करने के लिए माहिर माना जाता है। साल 2014 में रिकांगपिओ में इन्होंने ब्लाइंड मर्डर केस को सॉल्व किया था। यह केस काफी पेचीदा था, आरोपियों को सजा दिलवाई थी। जिस भी थाने में यह एसएचओ रहे, वहां पर नशा निवारण समिति कर गठन कर लोगों को जागरूक किया। बालूगंज थाना में गाड़ी चोरी गिरोह, नशा माफिया और बैंक में चोरी जैसे केस हाल ही में सुलझाए हैं।








