शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सर्पदंश (Snakebite) को राज्य में “नोटिफायबल डिज़ीज” घोषित कर दिया है। इस संबंध में 25 फरवरी 2026 को अधिसूचना जारी की गई।

अधिसूचना के अनुसार, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2030 तक सर्पदंश से होने वाली मृत्यु दर को नियंत्रित करने के राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPSE) के तहत यह निर्णय लिया गया है। केंद्रीय क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट (पंजीकरण एवं विनियमन) अधिनियम, 2010 की धाराओं के अंतर्गत राज्यपाल ने यह घोषणा की है।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सरकारी व निजी स्वास्थ्य संस्थान, मेडिकल कॉलेज सहित, हर संदिग्ध एवं संभावित सर्पदंश के मामले और उससे होने वाली मृत्यु की सूचना संबंधित पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी को बिना देरी के दें।
इस कदम का उद्देश्य सर्पदंश मामलों की प्रभावी निगरानी, उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान, एंटी-वेनम जैसी आवश्यक दवाओं की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना और उपचार प्रबंधन को बेहतर बनाना है।
अधिसूचना स्वास्थ्य सचिव एम. सुधा देवी (आईएएस) के आदेश से जारी की गई है। सरकार ने सभी उपायुक्तों, स्वास्थ्य अधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।






