केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, शिमला द्वारा स्वच् भरत मिशन के अंतर्गत दिनांक 16 दिसंबर से 31 दिसंबर, 2021 तक स्वच्छ भारत पखवाड़ा मनाया गया। इस पखवाड़े के अंतर्गत संस्थान के निदेशक डॉ एन के पांडे के नेतृत्व मे विभिन्न कार्यकर्मों का आयोजन किया गया। जिसमे “मेरा गाँव मेरा गौरव” कार्यक्रम के तहत गोद लिए गाँव में स्वच्छता से संबन्धित गतिविधिओं का आयोजन किया गया। इसी संदर्भ में कई विभिन्न कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। दिनांक 31 दिसम्बर, 2022 को इस स्वच्छता पखवाड़े का समापन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में शिमला नगर निगम की महापौर श्रीमति सत्या कौंडल ने मुख्य अतिथि तौर पर शिरकत की। संस्थान के निदेशक डॉ. एन के पाण्डेय ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। संस्थान के निदेशक डॉ. एन के पाण्डेय ने सभी उपस्थित अतिथियों को संस्थान की विभिन्न अनुसंधान और अन्य गतिविधियों के बारे में बताया और अपने अभिभाषण में कहा कि संस्थान सदैव स्वच्छता से संबन्धित गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने हेतु प्रतिबद्ध है। मुख्य अतिथि श्रीमति सत्या कौंडल ने अपने अभिभाषण में शिमला शहर को स्वछ बनाने के लिए समस्त उपस्थित लोगों से अपील की और केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान की स्वच्छता गतिविधियों में निरंतर प्रतिभागिता की भी प्रशंसा की। उन्होने कहा कि समस्त शिमला वासी शिमला शहर को स्वच्छ बनाने में अपना सहयोग दे ताकि शिमला शहर देश के सबसे ज्यादा स्वच्छ शहरों की सूची में अव्वल स्थान प्राप्त कर सके। इस समारोह में शिमला नगर निगम वार्ड 33 के पार्षद श्री पूरन मल भी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे और उन्होने भी शिमला शहर में और वार्ड 33 में हो रहे विभिन्न विकास कार्यो का व्योरा दिया। इस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी श्री संतोष कुमार ने सभी उपस्थित अतिथियों और स्टाफ को संस्थान द्वारा स्वच्छ भारत पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। संस्थान के निदेशक डॉ. एन के पाण्डेय ने सभी उपस्थित अतिथियों को संस्थान की विभिन्न अनुसंधान और अन्य गतिविधियों के बारे में बताया और अपने अभिभाषण में कहा कि संस्थान सदैव स्वच्छता से संबन्धित गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर भाग लेने हेतु प्रतिबद्ध है। इस समारोह में संस्थान के स्टाफ के बच्चों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रमाण पत्र और संस्थान के सफाई कर्मचारियों को उनकी सेवाओं के लिए भेंट स्वरूप दिये गए।








