Tag: kinnaur

  • किन्नौर के निगुलसारी में भू-संखलन स्थल में लगातार चट्टानें गिर रही

    किन्नौर के निगुलसारी में भू-संखलन स्थल में लगातार चट्टानें गिर रही

    जिला किन्नौर के निगुलसारी में भू-संखलन स्थल में लगातार चट्टानें गिर रही है । किन्नौर पुलिस ने जनसाधारण को सूचित किया है कि एक, दो दिन में अनावश्यक रूप से यात्रा ना करें। केवल आपातकालीन स्थिति में ही यात्रा करें ।

  • निगुलसरी के मलबे से मिले दो और शव, मृतकों का आंकड़ा हुआ 25

    निगुलसरी के मलबे से मिले दो और शव, मृतकों का आंकड़ा हुआ 25

    रिकॉन्गपिओ

    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में विगत दिवस निगुलसरी में हुए लैंडस्लाइड के बाद मलबा से सोमवार को दो और शव बरामद हुए है।। इन दो शवों के मिलने के बाद मरने वालों की संख्या अब 25 हो गई है। हादसे के बाद से ही प्रशासन यहां कार्य कर रहा है। शनिवार को भी मलबे से 3 शव बरामद हुए थे। किन्नौर जिले के निगुलसरी के पास बुधवार को हुए भूस्खलन से बाद से शवों को खोजने का काम जारी है। यहां बता दें कि बुधवार दोपहर को करीब 12 बजे किन्नौर में लैंडस्लाइड हुआ था।

    इस दौरान निगुलसरी के पास सड़क से गुजर रहे कई वाहन इसकी चपेट में आ गए थे। पहाड़ से पत्थर गिरने के कारण मलबे में बस, कार, ट्रक दब गए थे।वही डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने जानकारी देते हुए बताया कि आज निगुलसारी समीप रेस्क्यू का छटवां दिन जारी है जिसमे एक और शव बरामद हुआ है और लगातार रेस्क्यू का काम जारी है उन्होंने बताया कि अभी भी 7 से 8 लोगो के लापता होने की आशंका है जिन्हें रेस्क्यू टीम तलाश रही है।

  • गाड़ी पर पहाड़ी से गिरे पत्थर, दो घायल

    गाड़ी पर पहाड़ी से गिरे पत्थर, दो घायल

    रिकांगपिओ

    जिला किन्नौर में एन.एच.-5 सहित संपर्क सड़क मार्गों पर जगह-जगह पहाड़ी से पत्थर गिर रहे हैं, जिससे एन.एच. सहित संपर्क सड़क मार्गों पर सफर जोखिम भरा हो गया है। इसी के चलते जिला प्रशासन ने लोगों से सफर के दौरान एहतियात बरतने की अपील की है। सोमवार को भी एन.एच.-5 पर पूर्वनी झूला के पास एक गाड़ी पर पहाड़ी से अचानक पत्थर गिर गए, जिससे गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई तथा चालक व अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक प्रीतम इग्निस गाड़ी (नं. एच.पी. 27बी 8990) में अपने एक अन्य साथी के साथ अपने घर खदरा जा रहा था कि पूर्वनी झूला के पास गाड़ी पर पहाड़ी से अचानक पत्थर गिर गए, जिससे गाड़ी पलट गई। इस हादसे में चालक प्रीतम व उपेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही रिकांगपिओ थाना से ए.एस.आई. बुद्धि सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे तथा घायलों को क्षेत्रीय चिकित्सालय रिकांगपिओ लाया, जहां चालक प्रीतम को प्राथमिक उपचार देने के बाद शिमला रैफर कर दिया गया है।

    उपायुक्त किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि जिले में भारी बरसात के चलते भूस्खलन, सड़कों का टूटना, नदी-नालों में उफान और भारी बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। पहाड़ों का दरकना जारी है, जिससे जिले में कुछ दिन पहले जान-माल का भी नुक्सान हुआ है। उन्होंने जिले के लोगों एवं पर्यटकों से आग्रह किया है कि वे नदी-नालों के समीप व ऊंचाई वाले स्थानों पर न जाएं तथा किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं। यदि अति आवश्यक हो तो उपयुक्त मौसम के अनुसार ही यात्रा करें।

    उपायुक्त ने जिले के अंतर्गत सभी होम स्टे व होटल मालिकों को भी निर्देश दिए हैं कि उनके यहां ठहरने वाले पर्यटकों को संभावित प्राकृतिक आपदाओं वाले स्थानों से अवगत करवाएं तथा ऐसे स्थानों पर न जाने के लिए सावधान करें। उन्होंने जिले की सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों, गैर सरकारी संगठनों, ट्रैकर्स एवं नागरिकों से भी अनुरोध किया है कि अपने क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों एवं जन साधारण को जागरूक करें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा एवं घटना की स्थिति में जिला आपदा प्रबंधन परिचालन केंद्र के दूरभाष नं. 01786-223151 से 223155 व टोल फ्री नं. 1077 पर संपर्क करें।

  • किन्नर कैलाश यात्रा पर चाेरी-छिपे गए 11 लाेगाें, गिरफ्तार

    किन्नर कैलाश यात्रा पर चाेरी-छिपे गए 11 लाेगाें, गिरफ्तार

    रिकांगपिओ

    जिला किन्नौर प्रशासन द्वारा कोविड के चलते इस वर्ष भी अधिकारिक तौर पर किन्नर कैलाश यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है परन्तु फिर भी कुछ लोग चोरी-छिपे यात्रा पर जा रहे हैं। इसी के चलते पुलिस ने चोरी-छिपे किन्नर कैलाश यात्रा पर गए लोगों को पकड़ा है।

    एसपी किन्नौर एस राणा ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि कुछ लोग आदेशों की अवहेलना करके अनधिकृत रूप से किन्नर कैलाश यात्रा पर गए हैं। इस सूचना की छानबीन के लिए पुलिस थाना रिकांगपिओ का एक 3 सदस्यीय दल तलाशी अभियान के लिए भेजा गया। पुलिस दल ने पाया कि जिला सिरमौर, सोलन व शिमला से संबंधित 11 लोग अनधिकृत रूप से किन्नर कैलाश के समीप टैंट लगा कर रुके हुए थे, जिन्हें वापस रिकांगपिओ लाया गया तथा इनसे पूछताछ की जा रही है।

    एसपी किन्नौर ने लोगों को आगाह करते हुए कहा है कि प्रशासन द्वारा इस वर्ष भी किन्नर कैलाश यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा लोग इस प्रकार अनधिकृत रूप से इस यात्रा पर जाकर जिला प्रशासन के आदेशों की उल्लंघना करके कानूनी कार्रवाई के पात्र न बनें तथा अपने जीवन को संकट में न डालें।

  • चलती कार पर गिरा पत्थर, ऐसे बचाई पूरे परिवार की जान

    चलती कार पर गिरा पत्थर, ऐसे बचाई पूरे परिवार की जान

    किन्नौर: हिमाचल में जारी बारिश के बीच भूस्खलन के मामले भी सामने आ रहे हैं। ताजा मामला किन्नौर जिले के सांगला-छितुकुल सड़क मार्ग का है। जहां दोपहर बाद पहाड़ी से अचानक भूस्खलन होने लगी। जिसकी चपेट में एक गाड़ी भी आ गया।

    बता दें कि चंडीगढ़ के कुछ लोग हिमाचल घूमने आए थे। सांगला-छितुकुल सड़क मार्ग पर रिकांगपियो के समीप गाड़ी के ऊपर छोटे-छोटे पत्थर गिरने लगे। ड्राइवर ने होशियारी दिखाई और मामले को भांप लिया। स्थानीय लोग भी आवाज लगाने लगे। ड्राइवर ने भी तत्परता दिखाते हए सवार समेत गाड़ी से बाहर निकल आया।

     

  • Incredible “Eye of a snow cock” village in Himachal Pradesh

    Incredible “Eye of a snow cock” village in Himachal Pradesh

    Preneeta Sharma

    Nestled at an elevation of 15027 feet above sea level, the “Eye of a snow cock” is one of the remote village that lies in the Spiti valley of Himachal Pradesh.

    Bounded by snowcapped mountains and majestic valley, “Eye of a snow cock” (Komic) is also  fame as the Highest village in the world connected with a motorable road.

    Nearly with 150 population, in komic village you can visit Lundup Tsemo Gompa Buddhist Monastery and a restaurant which is might be running by the villager.

     

    In Komic village,the Lundup Tsemo Gompa Buddhist Monastery is one of the monastery which is the houses the ‘Maitreya Buddha’ (Future Buddha). People believe that the Maitreya Buddha looks after the wellbeing of the Villagers. The 14th-century monestry has a fortified castle made of slanted mud walls, taking you back to the yesteryears through the beautiful murals, scriptures, and arts.

    In fact, the village actually derives its name from the monastery as years ago it is in the shape of an eye of a snow cock. Today, the village is home to about a dozen houses, one monastery and has a population of around 150, includes the monks. The intersting of the monestry is its roof where one can find more than 15 tata sky dish. Moreover, the monastery is blessed with t Unspoiled scenery, lush surroundings, snow-covered peaks, and barren landscapes.

    Near, the monastery you will find the World Highest Restaurant, where you can have pranthas, thupkas, tea, coffee and maggie.

    STORIES BEHIND ITS EXISTENCE 

    Komic village people narrates different stories about its existence. Some says that centuries back, monks at the monastery decided to shift the monastery lower down near Hikkim Village to deal with the extensive drought.

    However, it is believed that the statue of Mahakaal refused to move the ground despite several efforts. The entire monastery was moved, and only a monk resided beside the statue to pray.

    But around 1975, an earthquake reduced the new monastery to ruins. The ruins are still visible when you’re traveling from Hikkim to Kaza. But the Mahakaal statue in the old Komic monastery still held its ground despite the massive earthquake. Hence, monks re-shifted the monastery back to Komic in religious beliefs of the sacredness of the place.

    HOW TO REACH

    Generally, Komic village and Spiti valley, can be reached by two routes – one via Shimla  another via Manali.  The road towards Komic and Spiti valley via Shimla is a little rougher than Spiti Valley via Manali. Therefore, the most preferred route to Komic village is via Manali.

    However, the route from Shimla allows for a more gradual climb, allowing you to acclimatize better. But, regardless of the choice of the route, you should complete the entire circuit and witness the beauty of Manali, Kinnaur, and of course, Spiti in the journey. The nearest major town to Komic is Kaza, which is the center place of Spiti Valley.

    Places to stay in Komic

    There are a couple of basic homestays but the best one is near the monastery itself, which will happily serve great food for your tummy and your thoughts! It is quite a delight, and the owners are super kind and beautifully happy folks. There are a couple of rooms at the monastery as well, which will cost you around INR 50-100 per day.

    Food Options

    In the Komic village, there is one restaurant named as world highest restaurant. Here you can have all kinds of teas and coffees, which will delight your heart!

    The views are stunning, and they make lip-smacking food.

    BEST MONTHS TO EXPLORE

    If you want to explore Komic village and near places, the best are summer months. During the winter months, i.e., November to March, the village is completely cut off from the rest of the world. All this is thanks to excessive snow and road blockages. The winter months are harsh, with temperatures falling below -30 degrees Celsius.Thus, April to mid-May becomes the beginning of the season. This time is when the snow starts melting, and several roads become functional from Kaza to Losar. However, you should note that the road from Kunzum Pass towards Manali becomes operational from June onwards.

    So best time is from June to September yo explore this barren land.

    Experience the soulful melody of Komic once in your life!! 

  • हिमाचल-तिब्बत बॉर्डर पर हिंदुस्तान के आखिरी गांव चारंग मे पहली बार मिली WiFi की  सुविधा

    हिमाचल-तिब्बत बॉर्डर पर हिंदुस्तान के आखिरी गांव चारंग मे पहली बार मिली WiFi की सुविधा

    हिमाचल प्रदेश में चीनी कब्जे वाले तिब्बत बॉर्डर पर किन्नौर जिला के अंतिम ग्राम पंचायत चारंग फोन और वाई सुविधा से जुड़ गई है. आजादी के बाद पहली बार यह गांव वाईफाई (Wifi) सुविधा से जुड़ गया है. वाईफाई सुविधा से जुडने के बाद यहां के ग्रामीणों, सीमाओं के के रक्षा कर रहे सेना और कोरोना काल के दौरान देश के अन्य नौनिहाल की तरह सीमांत क्षेत्र के नौनिहाल भी अब ऑनलाईन शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे.

    गौर रहे पूरे दुनिया में कोरोना महामारी शुरू होने से स्कूल के बच्चों को ऑनलाईन शिक्षा दी जा रही थी, लेकिन सीमांत इलाकों में संचार सुविधा न होने से यहां के नौनिहाल ऑनलाईन शिक्षा से पूरी तरह से वंचित थे, लेकिन अब जिला के अंतिम ग्राम पंचायत चारंग भी आजादी के बाद वाईफाई सुविधा से जड़ने से इस क्षेत्र के लोगों को लाभ मिलेगा.

    यहाँ पर किसी प्रकार की संचार सुविधा नहीं थी तो ग्रामीणें को फोन पर सूचना देने के लिए गांव से करीब 25 किलो मीटर बाहर आना पडता था. इस बारे में ग्राम पंचायत प्रधान पूर्ण सिंह नेगी ने मीडिया से रूबरू होते हुए बताया कि चीन तिब्बत सीमा के साथ लगते ग्राम पंचायत में संचार सुविधा न हाने से खासी परेशानियों का सामना करना पडता था, लेकिन आज आजादी के बाद पहली बार ग्राम पंचायत चारंग में वाईफाई सुविधा प्राप्त हो चुका है. वाईफाई सुविधा प्राप्त होने से गांव को नौनिहालों व ग्रामीणों को तो लाभ होगा. साथ ही चीन-तिब्बत सीमाओं की रक्षा कर रहे देश के सेनाओं को भी सुविधा मिलेगी.

  • बेहद रोमांचक इतिहास और मान्यता वाला यह मंदिर

    रामपुर से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे नंबर 5 के किनारे पर स्थित ये मंदिर अपने आप मे बेहद रोमांचक इतिहास और मान्यता संजोए हुए है। यहां से गुजरने वाली हर गाड़ी यहां रुकती है।

    तरंण्डा देवी का यह मंदिर हिमाचल के किन्नौर जिले में पड़ता है। 1962 में जब भारत का चीन से युद्घ हुआ। तब युद्घ खत्म होने पर सेना ने यहां के रास्ते से रोड बनाने की योजना बनाई थी ताकि बॉर्डर तक सेना को गोला बारूद और अन्य सामान पहुंचाया जा सके। पहले रोड सिर्फ रामपुर तक ही था। 1963 में सेना के GREF विंग (अब इस विंग को बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन कहा जाता है) ने यहां सड़क बनाने का काम शुरू किया। जिस जगह आज तरंडा देवी मंदिर स्थापित है जब रोड़ बनाने का कार्य यहां तक पहुंचा तो रोड आगे बनाना बहुत मुश्किल हो गया। रोज चट्टानें गिरने से आए दिन किसी न किसी मजदूर की मौत हो जाती थी। सेना के लोग भी काफी परेशान हो गए।

    इस बीच तरंण्डा गांव के लोग गांव में बने मंदिर मां चंद्रलेखा के पास पहुंचे। देवी ने बताया कि यहां पर किसी शक्ति का प्रकोप है। मैं इस जगह स्थापित होना चाहती हूं। यहां मेरे नाम से मंदिर बनाओ सब कुछ ठीक हो जाएगा। बस फिर क्या था सेना के लोगों ने यहां मंदिर का निर्माण करवाया और फिर सब कुछ ठीक हो गया। 1965 में मां तरंडा देवी का मंदिर यहां स्थापित कर दिया गया। मंदिर की देखरेख अब सेना ही करती है। सेना के जवान ही यहां पूजा पाठ का काम संभालते हैं। हैरान करने वाली बात ये है कि इस जगह से आगे जाने वाले लोग गाड़ी रोककर तरंडा माता के दर्शन जरूर करते हैं ताकि रास्ते में कोई बाधा ना आये। माना जाता है कि माता को बिन बताए या बिन हाजिरी लगाए सफर करने वाला या तो चट्टाने गिरने के खतरे से घिर जाता है या उसकी गाड़ी किसी तरीके से खराब हो जाती है।

  • किन्नौर में आज से सभी बार खुलेंगे

    किन्नौर में आज से सभी बार खुलेंगे

    किन्नौर जिला में भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत आज से सभी बार खुलेंगे । यह जानकारी आज यहां सहायक आयुक्त राज्य कर एवं आबकारी किन्नौर सुरेन्द्र ठाकुर ने बार एसोसिएशन के साथ आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी।

    उन्होंने इस अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा बार खोलने संबंधी दिशा-निर्देशों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा 29 अगस्त, 2020 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बार में काम करने वाले कामगारों को कार्य करते समय उचित दूरी का पालन सुनिश्चित बनाना होगा।

    उन्होंने कहा कि लाईसेंस धारकों को शराब बेचते समय मास्क पहनना अनिवार्य होगा। बार पूर्व स्वीकृत समय के अनुसार ही खुले रहेंगें। बार में एक टेबल के अंतराल पर बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। बार मालिक को बार के प्रवेश द्वार व अन्य मुख्य स्थानों पर उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सेनेटाईजर उपलब्ध करवाना होगा और दरवाजे, हैंडल व काउंटर इत्यादि को समय समय पर सेनेटाईज करना होगा। इस दौरान बार में काम करने वाले कर्मचारियों को मास्क, ग्लवज पहनने होगें और केवल परिवार या समूह के सदस्य ही एक साथ एक टेबल पर बैठ सकेंगें। सभी बर्तनों इत्यादि को इफैक्टीव सोप सोल्यूशन के साथ गर्म पानी से धोना होगा।

    उन्होंने कहा कि बार के मुख्य प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनिंग सुनिश्चित बनानी होगी तथा बार में कार्य करने वाले कर्मचारियों की नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित बनानी होगी तथा ऐसे कर्मचारी जिनमें बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई के लक्षण पाये जाते हैं, तो उन्हें बार में कार्य करने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बार में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों को अपने मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य होगा।

    बैठक में आबकारी एवं कराधान के सहायक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी कल्पा वृत पालू राम, विमल व बार ऐसोसिएशन के सदस्य उपस्थित थे।

  • किन्नौर जिला में कोरोना पाॅजिटिव के 6 नए मामले सामने आए

    किन्नौर जिला में कोरोना पाॅजिटिव के 6 नए मामले सामने आए

    किन्नौर जिला में कोरोना पाॅजिटिव के 6 नए मामले सामने आए हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 सितम्बर को 64 सेम्पल लिए गए थे जिनकी रिपोर्ट गत देर रात प्राप्त हुई। रिपोर्ट के अनुसार इनमे 57 सेम्पल की रिपोर्ट नेगेटिव, 6 सेम्पल की रिपोर्ट पाॅजिटिव तथा 1 सेम्पल की रिपोर्ट इनकाॅनक्लूसिव पाई गई है। यह जानकारी आज यहां उपायुक्त गोपाल चंद ने दी।

    उन्होंने कहा कि पाॅजिटिव आए ये सभी कामगार हैं तथा इन्हें एक स्थानीय ठेकेदार द्वारा प्रशासन की अनुमति पर किन्नौर लाया गया था। इनमें से तीन बिहार राज्य से तथा तीन हरिद्वार से संबधित हैं। ये सभी निजि वाहनों द्वारा 26 अगस्त, 2020 को किन्नौर पहुंचे थे तथा इन्हें आईटीआई ऊरनी स्थित संस्थागत क्वांरटीन केन्द्र में रखा गया था और एक सितम्बर को इनके सेम्पल लिए गए थे।

    उन्होंने कहा कि इस प्रकार गत 24 घंटों में जिले में कोरोना पाॅजिटिव के 21 मामले सामने आए हैं और अब जिले में कोरोना पाॅजिटिव मामलों की संख्या बढ़कर 102 हो गई है, जबकि सक्रिय मामलों की संख्या 40 हो गई है।

    उपायुक्त गोपाल चंद ने कहा कि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग वैश्विक कोविड-19 से निपटने के लिए मुस्तैदी से कार्य कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बाहर से आने वाले सभी व्यक्तियों के अलावा रैन्डम आधार पर जिले के अन्य लोगों के सेम्पल लिए जा रहें हैं। उन्होंने जिलावासियों से भी आग्रह किया कि सरकार व जिला प्रशासन द्वारा कोरोना महामारी को लेकर जारी विभिन्न दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित बनाएं। उन्होंने कहा कि होम-क्वांरटीन किए गए सभी व्यक्तियों को भी क्वांरटीन नियमों का पालन सुनिश्चित बनाना चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी निर्देश दिए की होम-क्वांरटीन किए गए लोगों पर नजर बनाएं रखें।