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  • कड़छम प्रोजेक्ट में एक व्यक्ति की जबरन रिटायरमेंट, फिर यह हुआ

    कड़छम प्रोजेक्ट में एक व्यक्ति की जबरन रिटायरमेंट, फिर यह हुआ

    जिला किन्नौर के  थाना भावा नगर के तहत जेएसडब्ल्यू कंपनी के  विरछम प्रोजेक्ट में कार्यरत एक कर्मचारी ने अपने कमरे में फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली है। पुलिस को ट्यूसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें कर्मचारी ने कंपनी के एचआर विभाग के कुछ अधिकारियों द्वारा प्रताडित किए जाने का आरोप लगाया है। वहीं, कर्मचारी के प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने पर सीटू ने शव के साथ कंपनी के खिलाफ हल्ला बोल दिया है।

    बता दें कि जेएसडब्ल्यू कंपनी के विरछम प्रोजेक्ट में कार्यरत एक कर्मचारी के अपने कमरे में फंदा लगा कर आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना पर डीएसपी भावनगर, प्रभारी थाना भावनगर, पुलिस (पुलिस) टीम सहित मौके पर पहुंची, जहां जय प्रकाश विश्वकर्मा (45) निवासी गांव परेड़ी, जिला सतना बिहार, मध्य प्रदेश अपने कमरे में मृत पाए गए, जिन्होंने फंदा लगा कर अपनी जान लीला समाप्त कर ली थी। कर्मचारी उपरोक्त कंपनी में बतौर कॉरपेंटर कार्य करता था।

    कर्मचारी प्रात: 8.30 बजे के बाद अपने कमरे से नहीं निकला था। कमरे में एक औसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें कर्मचारी ने कंपनी के एचआर विभाग के कुछ अधिकारियों पर उसे प्रताप करने के लिए नियुक्त किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी के एचआर विभाग (एचआर विभाग) के अधिकारियों द्वारा कर्मचारी को दो-तीन दिन से कार्यालय में बुलाया करवर्तीन रिटायरमेंट (रिटायरमेंट) लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

    कर्मचारी के आत्महत्या करने की खबर का पता चलते ही मौके पर लगभग 250 कर्मचारी व सीटू (सीटू) कार्यकर्ता एकत्रित हो गए, जिन्होंने कंपनी प्रबंधन के विरूद्व नारेबाजी की। इनका कहना है कि जब तक मौका पर कंपनी के परियोजना अधिकारी प्रवीन पुरी नहीं आते तब तक ये शव को उठाने नहीं देंगे।

    मौका पर परियोजना अधिकारी प्रवीन पुरी का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवा कर जैसी भी स्थिति होगी, कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मौका पर अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस द्वारा घटना स्थल पर शांति व्यवस्था बनाए रखने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

  • देश के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी ने मनाया अपना 103 जन्मदिन

    देश के पहले मतदाता श्याम शरण नेगी ने मनाया अपना 103 जन्मदिन

    देश के पहले मतदाता मास्टर श्याम सरण नेगी 103 साल के हो गए हैं. मास्टर श्याम शरण नेगी के जन्मदिन पर जिला पुलिस अधीक्षक किन्नौर एसआर राणा, डीएसपी विपन कुमार, रिकांगपिओ थाना प्रभारी पदम् देव और कल्पा चौकी प्रभारी पूर्ण चंद उनके घर कल्पा पहुंचे तथा उन्हें शुभकामनाएं देने के साथ-साथ उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की. इस दौरान एस पी किन्नौर ने उन्हें किन्नौरी टोपी व खतग पहनाकर सम्मानित किया. बुधवार को नेगी ने अपना 104वां जन्मदिन मनाया.

    अच्छे स्वास्थ्य की कामना
    एसपी किन्नौर ने पुलिस विभाग और प्रशासन की तरफ से  देश के पहले मतदाता मास्टर श्याम सिंह नेगी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह बड़े हर्ष का विषय है कि आज मास्टर साहब 103 वर्ष के हो गए हैं. वह पूरे किन्नौर के लिए प्रेरणादायक हैं. उन्होंने कहा कि हम ईश्वर से यही प्राथना करते हैं कि  मास्टर श्याम सरण नेगी अच्छे स्वास्थ्य के साथ लंबी उम्र व्यतीत करें तथा किन्नौर का मार्गदर्शन करते रहें. उनके जन्मदिन के अवसर पर उपायुक्त किन्नौर गोपाल चन्द और एस डी एम कल्पा डॉ  मेजर अवनींद्र शर्मा ने भी शुभकामनाएं भेजी थी.

    1 जुलाई 1917 को जिला किन्नौर के कल्पा में जन्मे मास्टर श्याम शरण नेगी ने जब पहली बार अपने मत का प्रयोग किया था तो वह बतौर अध्यापक सेवाएं दे रहे थे तथा उन्होंने पहली बार साल 1951 में देश में हुए पहले लोकसभा चुनाव के लिए कल्पा बूथ में अपने मत का प्रयोग किया था. बर्फभारी की आंशका के चलते कल्पा में आम चुनाव से छह माह पहले ही किन्नौर में वोट डाले गए थे. इस पर उन्हें देश के पहले मतदाता होने का गौरव हासिल हुआ है.

  • प्रवासी मजदूरों का सहारा बना जिला प्रशासन किन्नौर

    प्रवासी मजदूरों का सहारा बना जिला प्रशासन किन्नौर

    जिला प्रशासन किन्नौर कोविड-19  महामारी से निपटने के लिए प्रदेश में कफ्र्यू के दौरान मजदूरांे विशेषकर प्रवासी मजदूरों को राहत प्रदान करने के लिए तत्परता से कार्य कर रहा है। जरूरतमंद प्रवासी मजदूरांे की पहचान कर उन्हें हर सम्भव सहायता प्रदान की जा रही है।

    जिन मजदूरों व कामगारों के पास रहने के लिए कोई स्थान नहीं है, उन्हंे जिला प्रशासन द्वारा रहने व भोजन की सुविधा प्रदान की जा रही है। जिला के कल्पा स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला तथा रल्ली में प्रवासी मजदूरों के लिए राहत शिविर स्थापित किये गये हैं, जहां उन्हें खाद्य सामग्री के साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं दी जा रही हैं। जिला के कल्पा स्थित राहत शिविर में शुरुआत में 15 प्रवासी मजदूरांे को रखा गया था और वर्तमान में सात नेपाली मजदूर इस राहत शिविर में ठहरे हुए हंै। रल्ली स्थित राहत शिविर में भी आठ प्रवासी मजदूर रह रहे हंै।

    कल्पा स्थित राहत शिविर में ठहरे नेपाली मूल के मजदूर दिल बहादुर व राजन ने बताया कि जो ठेकेदार उन्हें यहां लाया था, वह लाॅकडाउन होने के कारण किन्नौर नहीं आ पा रहा है। उनके पास यहां ठहरने के लिए न कोई स्थान था तथा पैसे भी खत्म हो गये थे। ऐसी आपात स्थिति में उन्होंने जिला प्रशासन से सम्पर्क किया तथा जिला प्रशासन तुरन्त सहायता के लिए आगे आया ओर उन्हंे कल्पा स्थित पाठशाला में ठहराया गया। उन्होंने जिला प्रशासन का इस संकट की घड़ी में सहायता के लिए आभार व्यक्त किया है।

    इसी प्रकार, स्टोव तथा प्रेशर कुकर की मरम्मत करके आजीविका कमा रहे दिल्ली के अमर चन्द और उत्तर प्रदेश के मुन्ना ने बताया कि अचानक लाॅकडाउन के कारण सारा काम रूक गया तथा वे संकट में आ गए। मुन्ना व अमर चन्द ने बताया कि जिला प्रशासन ने तत्काल उनके खाने की व्यवस्था की और निःशुल्क खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई। उन्होंने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।

    जिला दण्डाधिकारी किन्नौर गोपाल चन्द ने कहा कि जिले में रोजी रोटी कमाने आये प्रवासी मजदूरों को हर सम्भव सहायता प्रदान की जा रही है तथा ऐसे मजदूरों को चिन्हित किया गया है, जिनके पास ठहरने व भोजन की सुविधा नहीं है।

    इस समय जिले में स्थापित राहत शिविरों में 15 व्यक्तियों को रखा गया है, जहां उन्हे भोजन सहित सभी सुविधांए प्रदान की जा रही है। इसके अलावा जिले में 931 प्रवासी मजदूरो को खाद्य सामग्री प्रदान की जा रही हैं, जिनमें पूह में 94, कल्पा में 179, सांगला में 28 तथा भावानगर मेें 630 मजदूर शामिल है।

    जिला प्रशासन द्वारा अभी तक इन प्रवासी जरूरतमंद मजदूरों को 2233.9 किलोग्राम चावल, 2205.6 किलोग्राम आटा, 561.45 किलोग्राम दालें, दो रसोई गैस सिलेण्डर, 446 पैकेट हल्दी पाउडर, 270 पैकेट नमक 40 किलोग्राम मसाले, 198 नहाने का साबुन, 142 किलोग्राम, आलू, 48 किलोग्राम प्याज, 316 लीटर रिफाईंड तेल, 20 लीटर मिट्टी तेल, 198 कपडे़ धोने के साबुन तथा 7 किलोग्राम चीनी निःशुल्क वितरित की गई है।

    जिला प्रशासन ने जिला मुख्यालय रिकांगपिओ में फंसे लोगों की सहायता के लिए नियन्त्रण कक्ष स्थापित किया है, जिसके दूरभाष नम्बर-01786-223151, 223152, 223153, 223154, 223155 हैं। नियन्त्रण कक्ष चैबीस घंटे कार्य कर रहा है। इसके अलावा व्हाट्सऐप नम्बर 8580819827 भी जारी किया गया है, जिस पर संपर्क किया जा सकता है।