प्रदेश के सरकारी सस्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए खास खबर है। अब स्कूलों में गैर शिक्षण कार्य से शिक्षकों को छुटकारा मिल जाएगा । शिक्षा विभाग में सरकार के आदेशों पर इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत गुरुवार को तमाम जिला उपनिदशकों को विभाग ने आदेश जारी कर नए सिरे से शिक्षकों को गैर शिक्षण कार्य सौंपने को कहा है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए नियम तय किए है।
अब स्कूल में हर शिक्षक को एक से दो कार्य ही दिए जाएंगे। ताकि शिक्षक केवल छात्रों को पढ़ाने पर ही फोकस कर सके और गैर शिक्षक कार्यों के बोझ से भी मुक्त हो सके। आपको बता दें स्कूलों में शिक्षकों से 31 विभिन्न तरह के गैर शैक्षणिक कार्य करवाए जाते हैं।
जिसमें छात्रवृत्ति, एनएसएस, ईको क्लब, एनसीसी, मिड-डे-मील, वर्दी और किताबों का वितरण, स्काउट एंड गाइड, आपदा प्रबंधन, पुस्तकालय रखरखाव, युवा संसद, स्वच्छता अभियान, सरकारी सर्वे, मतदाता सूची अद्यतन, जनगणना, जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण, रिकॉर्ड रखरखाव, विभिन्न प्रोजेक्ट की फीडिंग, स्कूल-स्तरीय कार्यक्रमों के आयोजन का जिम्मा भी शिक्षकों पर रहता है।










