शिमला 12 मार्च । जिला शिमला भाजपा प्रवक्ता जितेन्द्र भोटका ने शिक्षा विभाग की लचर व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षा निदेशालय और उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय में अनेक शिक्षक क्लर्क का कार्य कर रहे हैं उन्हें संबधित स्कूलों में भेजा जाए जहां से इन शिक्षकों का वेतन निकल रहा है ।
जितेन्द्र भोटका ने कहा कि वीरवार को जारी बयान में कहा कि जहां एक ओर अनेक विद्यालय स्टाफ की कमी से जूझ रहे हैं वहीं पर राजनैतिक पहूंच के चलते अनेक शिक्षक उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय में क्लर्क का कार्य रहे हैं जोकि तर्कसंगत नहीं है । उन्होने बताया कि वर्तमान में इस कार्यालय में एक प्रधानाचार्य, एक हेडमास्टर, एक प्रवक्ता और एक सीएंडवी शिक्षक क्लर्क का कार्य कर रहे है और इनका वेतन जिला के किसी अन्य विद्यालय से निकल रहा है । इनका कहना है कि यदि कार्यालय में लिपिक वर्गीय कर्मचारी की कमी है तो सरकार क्लर्कों की भर्ती करे न की शिक्षकों से क्लर्क का कार्य लिया जाए । इसी प्रकार इस कार्यालय के एक ग्रेड -2 अधीक्षक जिनका हमीरपुर स्थानांतरण हो गया है उन्हें भी बिना किसी सरकारी आदेश से उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय शिमला में बिठाया गया है ।
जितेन्द्र भोटका ने शिक्षा विभाग की कड़ी भर्त्सना करते हुए कहा कि सुक्खु सरकार में शिक्षा विभाग की हालत दयनीय हो गई है। जहां हजारों शिक्षण संस्थान बंद कर दिए गए हैं वहीं पर सरकार अपने चहेतों को कार्यालयों में बिना किसी पोस्ट के बिठाया गया है जोकि एक गंभीर विषय है जबकि अनेक विद्यालय बिना स्टाफ के जूझ रहे हैं जोकि वास्तव में एक व्यवस्था परिवर्तन का एक नमूना है ।
उन्होने बताया कि बीते कुछ वर्षोें से उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय शिमला में स्टॉफ की भारी कमी से जूझ रहा है । आलम यह है कि इस कार्यालय में विभिन्न श्रेणी के 39 पद स्वीकृत है जिनमें केवल 12 पद ही क्रियाशील है जबकि 27 पद रिक्त चल रहे हैं । करीब 70 प्रतिशत पद रिक्त होने के कारण लिपिक वर्गीय कर्मचारी अत्यधिक काम के बोझ से दबे हैं जिसके चलते कर्मचारी एक तनावपूर्ण वातावरण में कार्य कर रहे हैं ।
उप निेदेशक प्रारंभिक शिक्षा शिमला निशा बलूनी ने बताया कि कार्यालय में लिपिक वर्गीय कर्मचारियों की कमी के चलते शिक्षकों को सरकार के आदेशानुसार कार्यालय में रखा गया है जिनके द्वारा कार्यालय में अच्छा कार्य किया जा रहा है ।
कार्यालयों में कार्य कर रहे शिक्षकों को स्कूलों में भेजा जाए ं -जितेन्द्र भोटका
Leave a comment
Leave a comment








