संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने के साथ तीर्थन नदी महोत्सव का समापन।
शाईरोपा में तीर्थन घाटी व नदी संरक्षण पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित।
नदी पूजा के साथ लोगों ने ली तीर्थन नदी को स्वच्छ रखने की शपथ।
सोमवार को पारम्परिक साते देहुरी जाच धूमधाम से मनाई गई।
Kullu Times
जिला कुल्लू उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत कलवारी के देहुरी स्थान में आयोजित दो दिवसीय ‘तीर्थन नदी महोत्सव’ का सोमवार को सफलता पूर्वक समापन हुआ। रविवार को इस दो दिवसीय महोत्सव के मुख्य अतिथि रंजीव भारती पुत्र स्वर्गीय दिले राम शबाब पूर्व विधायक बंजार विधानसभा क्षेत्र द्वारा तीर्थन ध्वजारोहन के साथ इस कार्यक्रम का आगाज किया गया।
विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की जैव विविधता, ऊँचे पहाड़ों, घने हरे-भरे जंगलों, स्वच्छ बहती नदियों, झरनों, ट्रॉउट मछली और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध तीर्थन घाटी में ‘तीर्थन घाटी की स्थिरता और तीर्थन नदी के संरक्षण’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का समापन हो गया है। यह कार्यक्रम 21 और 22 सितम्बर 2025 को ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क कॉम्प्लेक्स शाईरोपा बंजार में साते देउरी जाच पर्व के अवसर पर आयोजित किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य तीर्थन घाटी में पर्यावरण संरक्षण, नदी के प्रदूषण पर नियंत्रण और पर्यटन के संतुलित विकास पर चर्चा करना रहा।
महोत्सव के पहले दिन तीर्थन घाटी और तीर्थन नदी संरक्षण विषय पर शाई रोपा ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क में कार्यशाला आयोजित हुई, जिसमें समुदायिक नेतृत्व, पर्यटन, पर्यावरण और अकादमिक दृष्टिकोण से नदी व घाटी के संरक्षण पर विशेषज्ञों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने चर्चा परिचर्चा की। इस दौरान विशेषज्ञों, स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों ने मिलकर तीर्थन घाटी के सतत विकास के लिए कई अहम सुझाव और योजनाएं साझा कीं।
इस कार्यक्रम में एपीएमसी अध्यक्ष जिला कुल्लू एवं लाहुल स्पीति राम सिंह मियां, उपमंडल अधिकारी बंजार पंकज शर्मा, हिमालय नीति अभियान के संयोजक गुमान सिंह, जेएनयु से सेवनिवृत प्रोफेसर डॉ.वरयाम सिंह, डॉ.सूरत ठाकुर, सेवानिवृत डिप्टी डायरेक्ट मतस्य खेम सिंह ठाकुर, पीएचडी संस्था से डा. संदीप मिन्हास, सहारा संस्था के निदेशक राजेन्द्र चौहान, तीर्थन संरक्षण एवं पर्यटन विकास एसोसिएशन के अध्यक्ष वरुण भारती, जीभी घाटी पर्यटन विकास एसोसिएशन से ललित कुमार, एपीआरओ ओपी शर्मा, बंजार ब्लॉक पंचायत समिति चेयरमैन लता देवी, ग्राम पंचायत कलवारी की प्रधान प्रेम लता, पंचायत समिति सदस्य लीला देवी, आदर्श महिला मण्डल देहुरी की प्रधान रामप्यारी, गोविन्द सोनू ठाकुर, अनूप नेगी, बहादुर सिंह और लाल चंद राजपूत (भाई लाल) सहित अन्य कई गणमान्य लोग और संगठन शामिल हुए।
तीर्थन नदी के संरक्षण का संकल्प के साथ इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटी प्रतियोगिता, महिला खेल, समूहगान, पेंटिंग, प्रश्नोत्तरी, प्रदर्शनी और पर्यावरण डॉक्यूमेंट्री का भी आयोजन हुआ। इसी के साथ ही स्वास्थ्य विभाग और आयुर्वेद विभाग के द्वारा यहाँ पर हेल्थ चैक अप कैंप भी लगाया गया था जिसका भी लोगों को लाभ मिला। इन प्रतियोगिता के विजेताओं को बंजार ब्लॉक पंचायत समिति चैयरमेन लता देवी द्वारा पुरस्कार भी बाँटे गए।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान सहारा कला जत्था के अध्यक्ष, लोक गायक एवं एंकर राकेश शर्मा, उभरते हुए लोक कलाकार
कमलेश सराजी, महशुर गायिका शायना ठाकुर, सारिका, देवी सिंह, हरवंस नेगी, अजय, गुलाब और अभिलाषी बैंड सुंदर नगर के कलाकारों ने पर्यावरण संरक्षण का सन्देश देते हुए लोगों का खूब मनोरंजन किया।
दूसरे दिन के कार्यक्रम में लोगों द्वारा तीर्थन नदी की पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की गई, जिसमें पुरष व महिलाएं पारम्परिक परिधान पहने हुए, ढ़ोल नगाड़ों की थाप के साथ नदी पूजा में शामिल हुए। लोगों ने विश्व धरोहर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क के तीर्थ नामक स्थान से निकली इस पवित्र नदी को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने का संकल्प लिया जो इस प्रकाए से है- “हम सभी तीर्थन वासी प्रतिज्ञा करते हैं कि हम माता समान, पवित्र व जीवनदायिनी तीर्थन नदी को सदैव स्वच्छ रखने, उचित रखरखाव और इसके संरक्षण के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे। हम किसी भी प्रकार का अशिष्ट पदार्थ इसमें नहीं डालेंगे। हम प्रतिज्ञा करते हैं कि हम सभी देशवासी इसके संरक्षण के लिए वचनबद्ध और सतत प्रयास करते रहेंगे”।
सोमवार को यहाँ पर पारम्परिक एवं ऐतिहासिक साते देहुरी जाच मेले का आयोजन हुआ। इस मेले में पेखड़ी के देवता लोमश ऋषि और कलवारी के देवता लक्ष्मी नारायण ने शिरकत की। देहुरी में कई देव परम्पराओं का निर्वहन किया गया जिसमें सेंकड़ों लोग उपस्थित रहे। देवताओं का भव्य मिलन इस मेले का विशेष आकर्षण रहा। इस दौरान लोगों ने देहुरी सोह में नाटी मेले का खूब आनंद लिया।
सहारा संस्था के निदेशक राजेन्द्र चौहान ने बताया कि इस महोत्सव के दौरान तीर्थन नदी की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्ता को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। इन्होंने कहा कि यह महोत्सव युवाओं में संस्कृति और प्रकृति के प्रति श्रद्धा और जागरूकता को बढ़ावा देगा।
इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन आदर्श महिला मंडल देहुरी, सोसाइटी फॉर साइंटिफिक एडवांसमेंट ऑफ हिल एंड रूरल एरियाज (सहारा), पीपुल फॉर हिमालयन डेवलपमेंट (PHD), तीर्थन कंजर्वेशन एंड टूरिज़्म डेवलपमेंट एसोसिएशन, जिभी वैली टूरिज़्म डेवलपमेंट एसोसिएशन, तीर्थन घाटी फॉरेस्ट राइट्स कमेटी, महिला मंडल तीर्थन घाटी और अन्य हितधारकों के संयुक्त प्रयास से किया गया। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्थानीय लोगों, विशेषज्ञों और प्रशासन का धन्यवाद किया है।








