स्पीति के काजा से पन्द्रह किलोमीटर दूर लिदांग गांव के खांगचेन ग्रुप के युवको ने अंगदुई जी के नेतृत्व मे स्पीति का पहला आईस सतुप्. बनाया है।
बता दें कि स्पीति के मौसम में काफी बदलाव आ रहा है जिस हिसाब से पहले बर्फबारी होती थी उस हिसाब से नहीं हो रहा है कारण आप सभी जानते हैं प्रदुषण का बढ़ता स्तर और ग्लोबल वार्मिंग और अगर इसी तरह चलता रहा और ग्लेशियर पिघलता रहा तो आने वाले समय में सिप्ती को कहीं ना कहीं पानी की कमी से जुझना पड़ सकता है।
इसी दूरदर्शी सम्भावनाओं को देखते हुए लिदांग गांव के सोनम फुनचोक, पालदेन अंगरूप, तनडुप छेरिंग, सोनम तोपगे तथा चंगचुक गोनपो ने कहा कि इसका समाधान निकालने की सोची और कर लिया एक आईस स्तूप का निर्माण इसकी प्रेरणा इन्हें लद्दाख के सोनम वांगचुक जी के माडल से मिली उन्होंने सोनम वांगचुक जी के वीडियो को बारीकी से देखा और काम करना शुरू कर दिया एक महीने के भीतर ईन युवको ने एक आईस स्तूप का निर्माण कर दिया! इस आईस स्तूप से कहीं ना कहीं स्पीति की पानी की कमी वाले क्षेत्रो मे उम्मीद जागेगी और साथ ही यह प्रोजेक्ट कहीं ना कहीं स्पीति के अंदर अपार सम्भावनायें लाएगी।
य़ह इनका पहला प्रोजेक्ट था जिसे प्रयोग के तौर पर किया गया था पर इसकी सफलता ने कही ना कहीं पूरे सिप्ती के लोगों के मध्य उम्मीद जगा दी अगर इन्हें प्रशासन और सरकार के स्तर पर मदद मिलती है तो य़ह सिप्ती के पानी की कमी वाले क्षेत्रों में रामबाण की तरह साबित होगा! इन युवाओ ने सरकार से आग्रह किया है कि इनकी मदद करे ताकि वे इस प्रोजेक्ट के उपर व्यापक स्तर पर काम कर सके और सिप्ती के लोगों को इसका फायदा पहुंचा सके।








