*हिमाचल कांग्रेस नेतृत्व विहीन, वायदों में उलझी सरकार और लुटता खजाना*
हमीरपुर, 20 जुलाई –
सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस पार्टी की हिमाचल इकाई की वर्तमान स्थिति को लेकर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान पिछले 10 महीनों से न तो नया प्रदेश अध्यक्ष घोषित कर पाया है और न ही पार्टी कार्यकारिणी का गठन हो पाया है। यह स्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि “डूबते हुए जहाज का स्टेयरिंग थामने को कोई भी तैयार नहीं है।”
राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली को प्रदेश में कांग्रेस के गिरते जनाधार का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपनी नाकाम नीतियों से पार्टी को जमीन पर शून्य पर ला खड़ा किया है और अब कोई भी नेता इस मरे हुए सांप को अपने गले में नहीं डालना चाहता।
उन्होंने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि न तो जनता को अच्छे शासन का अनुभव मिला, न ही सरकार अपने वायदे पूरे कर पाई। नौजवान बेरोजगारी से जूझ रहे हैं, कर्मचारी और पेंशनर अपने हक के लिए भटक रहे हैं, और चुनावी वादे अब तक हवा में झूल रहे हैं।
राजेंद्र राणा ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने सरकारी खजाना अपने चहेते दोस्तों में लुटा दिया, जिससे आम जनता की उम्मीदें और सरकारी वित्तीय व्यवस्थाएं दोनों बुरी तरह चरमरा गई हैं।
उन्होंने कहा कि आज हिमाचल कांग्रेस नेतृत्वविहीन, दिशाहीन और जड़ता से ग्रस्त है, और अगर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले समय में पार्टी को और भी बुरे दिन देखने पड़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस सरकार के शासन में बेरोजगार तड़प रहे हैं। महिलाएं खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। अफसर शाही बेलगाम है। सरकारी खजाना मित्रों में बंट रहा है। आपदा पीड़ितों को राहत नहीं मिल पा रही है।







