प्रदेश में चल रहे निजी बीएड कालेज छात्रों को बिना बुलाए ही वायवा करवा रहे हैं और उन्हें माक्र्स और डिग्रियां भी घर बैठे ही मिल रही है। दो बड़े नामी बीएड कालेजों की ऐसी शिकायतें राज्य शिक्षण नियामक आयोग को मिली है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग ने ऐसे कालेजों के खिलाफ शिकंजा कसा है। इसके लिए विशेष तौर पर कमेटी बनाई गई है और यह कमेटी अब ऐसी अनियमितताओं की जांच करेगी। आयोग के पास 2014 को हाईकोर्ट का ऑर्डर है जिसमें निजी कालेजों में क्वालिटी एजुकेशन के लिए मानक तय किए गए हैं। इसमें 71 बीएड कालेज, 41 नर्सिंग कालेज, 20 नर्सिंग कालेज सहित लॉ कालेज और संस्कृत कालेज शामिल है। इसमें शिकायत पाई गई है कि छात्रों की एडमिशन के लिए भी नियमों को ताक पर रखा गया है। कई छात्र तो ऐसे हैं जिन्होंने बारहवीं की परीक्षा पास ही नहीं की फिर भी उन्हें एडमिशन दी गई है।
अब ऐसे कालेजों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही यह भी तथ्य सामने आया है कि निजी कालेजों ने एडमिशन की प्रकिया, फीस स्ट्रक्चर का ब्यौरा भी न तो वेबसाइट पर उपलब्ध है और न ही नोटिस बोर्ड पर इसे दर्शाया गया है। इसके साथ ही कमेटी यह भी जांच करेगी की इन कालेजों को नैक से एक्रेडेशन मिली है या नहीं। यह सब कालेजों एचपीयू यूनिवर्सिटी और टेक्रिकल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त है। ऐसे में इनकी मान्यता की भी जांच की जाएगी।










